Fake Currency Gang: नेपाल का रहने वाला है सरगना, अफसार अली के साथ खपाता है जाली नोट
भोजीपुरा थाना क्षेत्र के भैरपुरा खजुरिया निवासी अफसार अली की तलाश में पुलिस व संयुक्त टीमें दबिश दे रही हैं। अफसार के साथ मिलकर ही नेपाल का रहने वाला सरगना जाली नोट सप्लाई करता है।
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बरेली में पकड़े गए जाली नोट के सौदागर नेपाल में अपनी जड़ें जमाए हुए हैं। आरोपी अफसार का नेपाल निवासी दोस्त सुरेश गिरोह का सरगना है। दूसरे देशों से मिलने वाले जाली नोटों को वही भारत में भेजने की व्यवस्था करता है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता लगा है कि नेपाल में एक फॉर्म हाउस में काम करने के दौरान अफसार और सुरेश में दोस्ती हुई थी। सुरेश एक गिरोह के झांसे में आ गया और नोट तिगुने करने के चक्कर में अपनी कमाई गवां बैठा। इसके बाद उसने अफसार के साथ मिलकर जाली नोट खपाना शुरू कर दिया।
अब सीमा के इस पर पीलीभीत जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में भी जाली नोट के तस्करों की पैठ बढ़ी है। हालिया मामले के तीन आरोपी सीमावर्ती गांव टिल्ला नंबर चार के हैं। गिरफ्तार हुए दो आरोपियों के मोबाइल से कुछ अहम सुराग मिले हैं। इसके दम पर एसटीएफ व एजेंसियां जल्द ही बड़ा खुलासा कर सकती हैं।
अफसार की तलाश में जुटी पुलिस
भोजीपुरा थाना क्षेत्र के भैरपुरा खजुरिया निवासी अफसार अली की तलाश में पुलिस व संयुक्त टीमें दबिश दे रही हैं। उसके बेटे सद्दाम समेत पीलीभीत के हजारा थाना क्षेत्र के टिल्ला नंबर चार निवासी हरवंश उर्फ सोनू व गुरनाम सिंह को जेल भेज दिया गया है। इनके साथी टिल्ला नंबर चार के प्रकाश व भैरपुरा के सचिन की तलाश हो रही है। अब तक की जांच में पता लगा है कि टिल्ला नंबर चार गांव नेपाल सीमा से सटा हुआ होने के नाते तस्करों के लिए काफी मुफीद है।
सोनू और गुरनाम से पूछताछ और उनके मोबाइल की जांच से पता लगा है कि जाली नोट समेत सीमा पार से तस्करी के लिए वहां के कुछ गांव चर्चित हैं। यहां के लोगों का अक्सर नेपाल आना-जाना लगा रहता है। स्थानीय होने की वजह से सुरक्षा एजेंसियां इन पर खास शक नहीं करतीं। यह भी पता लगा कि सीमावर्ती इलाके में सोने की ईंट, नागमणि, दोमुंहा सांप, कछुआ तस्करी जैसी चीजों के जरिये ठगी हो रही है। अधिकारियों के मुताबिक नकली नोट के अलावा अन्य मामलों में संलिप्त शातिर भी जल्द पकड़ में आ सकते हैं।