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Bareilly News: घायलों का अब तीन सौ बेड अस्पताल में होगा प्राथमिक इलाज
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अस्पताल में जनरल सर्जन की हुई तैनाती, सोमवार से शुरू होगी सर्जरी
बरेली। अधूरी सुविधाओं के साथ संचालित तीन सौ बेड अस्पताल में सोमवार से सेवाओं का दायरा बढ़ेगा। शुक्रवार को जनरल सर्जन की तैनाती कर दी गई है। वह सोमवार से सेवाएं देंगे। घायलों को यहां प्राथमिक उपचार मिल सकेगा। जरूरत महसूस होने पर उनकी सीटी स्कैन जांच भी कर दी जाएगी। जिला अस्पताल पहुंचकर सीटी स्कैन के लिए दोबारा तीन सौ बेड अस्पताल आने की जरूरत नहीं होगी।
तीन सौ बेड अस्पताल में सुबह आठ से अपराह्न दो बजे तक ओपीडी, मॉडल रैबीज सेंटर और टीबी क्लीनिक का संचालन हो रहा है। फिजिशियन, नेत्र, दंत और त्वचा रोग विशेषज्ञ ही मरीजों को परामर्श दे रहे हैं। घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। शुक्रवार को सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने एक जनरल सर्जन की तैनाती कर दी है। वह ओपीडी की समयावधि यानी सुबह आठ से अपराह्न दो बजे तक सेवाएं देंगे।
घायलों की उचित जांच और इलाज के बाद उन्हें जरूरत के अनुसार परामर्श देंगे। हालांकि, भर्ती मरीजों को करने की व्यवस्था न होने से गंभीर घायलों को इलाज के लिए हायर सेंटर पर ही पहुंचना होगा। ब्यूरो
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अमर उजाला लगातार उठाता रहा है मुद्दा
तीन सौ बेड अस्पताल में सर्जन की तैनाती न होने से इलाज के लिए पहुंचने वाले घायलों का दर्द बढ़ रहा है। अमर उजाला लगातार प्रमुखता से मरीजों की तकलीफ को प्रकाशित करता रहा है। पिछले वर्ष सांसद और विधायकों ने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर ट्रॉमा सेंटर संचालित नहीं होने की स्थिति में सर्जन की तैनाती की मांग की थी। अब सर्जन की तैनाती से खासी राहत मिलने की संभावना है। सीएमओ ने बताया कि करीब 42 करोड़ बजट स्वीकृत होने पर ट्राॅमा सेंटर का निर्माण भी जल्द शुरू होगा।
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बरेली। अधूरी सुविधाओं के साथ संचालित तीन सौ बेड अस्पताल में सोमवार से सेवाओं का दायरा बढ़ेगा। शुक्रवार को जनरल सर्जन की तैनाती कर दी गई है। वह सोमवार से सेवाएं देंगे। घायलों को यहां प्राथमिक उपचार मिल सकेगा। जरूरत महसूस होने पर उनकी सीटी स्कैन जांच भी कर दी जाएगी। जिला अस्पताल पहुंचकर सीटी स्कैन के लिए दोबारा तीन सौ बेड अस्पताल आने की जरूरत नहीं होगी।
तीन सौ बेड अस्पताल में सुबह आठ से अपराह्न दो बजे तक ओपीडी, मॉडल रैबीज सेंटर और टीबी क्लीनिक का संचालन हो रहा है। फिजिशियन, नेत्र, दंत और त्वचा रोग विशेषज्ञ ही मरीजों को परामर्श दे रहे हैं। घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। शुक्रवार को सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने एक जनरल सर्जन की तैनाती कर दी है। वह ओपीडी की समयावधि यानी सुबह आठ से अपराह्न दो बजे तक सेवाएं देंगे।
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घायलों की उचित जांच और इलाज के बाद उन्हें जरूरत के अनुसार परामर्श देंगे। हालांकि, भर्ती मरीजों को करने की व्यवस्था न होने से गंभीर घायलों को इलाज के लिए हायर सेंटर पर ही पहुंचना होगा। ब्यूरो
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अमर उजाला लगातार उठाता रहा है मुद्दा
तीन सौ बेड अस्पताल में सर्जन की तैनाती न होने से इलाज के लिए पहुंचने वाले घायलों का दर्द बढ़ रहा है। अमर उजाला लगातार प्रमुखता से मरीजों की तकलीफ को प्रकाशित करता रहा है। पिछले वर्ष सांसद और विधायकों ने भी मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर ट्रॉमा सेंटर संचालित नहीं होने की स्थिति में सर्जन की तैनाती की मांग की थी। अब सर्जन की तैनाती से खासी राहत मिलने की संभावना है। सीएमओ ने बताया कि करीब 42 करोड़ बजट स्वीकृत होने पर ट्राॅमा सेंटर का निर्माण भी जल्द शुरू होगा।