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Bareilly News: हेड कांस्टेबल बोला- देश में बढ़ी सांप्रदायिकता, इसलिए राजनीति में जाना चाहता हूं
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बरेली। फतेहगंज पूर्वी थाने से तीन माह पहले राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) से संबद्ध किए गए हेड कांस्टेबल मोहम्मद जमशेद ने त्यागपत्र दे दिया है। एसएसपी को भेजे त्यागपत्र में उन्होंने जिक्र किया है कि देश में सांप्रदायिकता बढ़ रही है, इसलिए वह राजनीति में जाना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह त्यागपत्र चर्चा का विषय बना हुआ है।
जमशेद ने अपने त्यागपत्र में लिखा है कि पुलिस की वर्दी ने उन्हें बहुत सम्मान दिया है। इसलिए अच्छा पुलिस वाला बनते हुए कभी वर्दी के सम्मान से समझौता नहीं किया। पुलिस की नौकरी से संतुष्ट हूं, लेकिन वर्तमान समय में देश व प्रदेश के अंदर सांप्रदायिकता बढ़ती जा रही है। आदमी एक-दूसरे का दुश्मन बन गया है।
मैं सांप्रदायिकता को कम करने और देश सेवा के लिए राजनीति में जाना चाहता हूं। इस कारण उत्तर प्रदेश पुलिस से त्यागपत्र देना चाहता हूं। जमशेद का कहना है कि प्रदेश में दोबारा भाईचारा कायम किया जाएगा। वह धर्मनिरपेक्षता, समानता और एकता के लिए राजनीति में आ रहे हैं।
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जीआरपी ने भी किया रिलीव
जमशेद मुरादाबाद जिले के मैनाठेर थाना क्षेत्र के गांव गुरेर के निवासी हैं। उनकी पत्नी सरकारी शिक्षक हैं। वह 10 जनवरी 2011 को पुलिस में भर्ती हुए थे। 10 फरवरी 2025 को फतेहगंज पूर्वी थाने में तैनाती मिली थी। इससे पहले शाहजहांपुर जिले में तैनात रहे। इसी साल 22 मार्च से एक साल के लिए जमशेद को जीआरपी में भेजा गया था।
जीआरपी के जंक्शन थाना प्रभारी एसके वर्मा ने बताया कि जमशेद का लिखा पत्र वायरल होने पर उनसे पूछताछ की गई। उन्होंने पत्र को सही बताया। उन्हें उनके मूल विभाग के लिए रिलीव कर दिया गया है। इस मामले में अब एसएसपी बरेली के स्तर से ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
इस बारे में एसपी जीआरपी से बात की है। त्यागपत्र हमारे पास आएगा तो उसकी काउंसलिंग कराई जाएगी। - अनुराग आर्य, एसएसपी
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जमशेद ने अपने त्यागपत्र में लिखा है कि पुलिस की वर्दी ने उन्हें बहुत सम्मान दिया है। इसलिए अच्छा पुलिस वाला बनते हुए कभी वर्दी के सम्मान से समझौता नहीं किया। पुलिस की नौकरी से संतुष्ट हूं, लेकिन वर्तमान समय में देश व प्रदेश के अंदर सांप्रदायिकता बढ़ती जा रही है। आदमी एक-दूसरे का दुश्मन बन गया है।
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मैं सांप्रदायिकता को कम करने और देश सेवा के लिए राजनीति में जाना चाहता हूं। इस कारण उत्तर प्रदेश पुलिस से त्यागपत्र देना चाहता हूं। जमशेद का कहना है कि प्रदेश में दोबारा भाईचारा कायम किया जाएगा। वह धर्मनिरपेक्षता, समानता और एकता के लिए राजनीति में आ रहे हैं।
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जीआरपी ने भी किया रिलीव
जमशेद मुरादाबाद जिले के मैनाठेर थाना क्षेत्र के गांव गुरेर के निवासी हैं। उनकी पत्नी सरकारी शिक्षक हैं। वह 10 जनवरी 2011 को पुलिस में भर्ती हुए थे। 10 फरवरी 2025 को फतेहगंज पूर्वी थाने में तैनाती मिली थी। इससे पहले शाहजहांपुर जिले में तैनात रहे। इसी साल 22 मार्च से एक साल के लिए जमशेद को जीआरपी में भेजा गया था।
जीआरपी के जंक्शन थाना प्रभारी एसके वर्मा ने बताया कि जमशेद का लिखा पत्र वायरल होने पर उनसे पूछताछ की गई। उन्होंने पत्र को सही बताया। उन्हें उनके मूल विभाग के लिए रिलीव कर दिया गया है। इस मामले में अब एसएसपी बरेली के स्तर से ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
इस बारे में एसपी जीआरपी से बात की है। त्यागपत्र हमारे पास आएगा तो उसकी काउंसलिंग कराई जाएगी। - अनुराग आर्य, एसएसपी