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कुछ दिन और रुके सरकार, ठीक नहीं छोटे बच्चों के स्कूल कल से खोलना

Tue, 31 Aug 2021 12:53 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 31 Aug 2021 12:53 AM IST
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The government stayed for a few more days, it is not right to open the schools of small children from tomorrow
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अभिभावकों के गले नहीं उतर रहा शासन का फैसला, कहा- दूसरे राज्यों में तेजी से बढ़ रहे हैं कोरोना के मामले

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बरेली। सरकार ने एक सितंबर से कक्षा एक से पांच तक के स्कूलों को खोलने का आदेश जारी कर दिया है। सरकार का यह फैसला अभिभावकों के गले नहीं उतर रहा है। स्कूलों के कोविड गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करने का भरोसा दिलाने के बावजूद अभिभावक फिलहाल बच्चों को स्कूल भेजने के पक्ष में नहीं है। उनका कहना है कि छोटे बच्चों को इतनी समझ नहीं होती है कि वे कोविड गाइडलाइन का ठीक से पालन पाएं। कोविड के मामले दूसरे राज्यों में तेजी से बढ़ने लगे हैं और बरेली भी अभी कोरोना मुक्त नहीं हुआ है। ऐसे में एक-दो महीने और इंतजार कर लिया जाए तो ठीक रहेगा। हालांकि शिक्षक कोविड गाइडलाइन के तहत बच्चों को पढ़ाने के लिए तैयार हैं।
कक्षा छह तक के स्कूलों में पढ़ाई पहले ही शुरू हो चुकी है। अब एक सितंबर से कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के स्कूल खोलने और कक्षाओं के संचालन की तैयारी है, जबिक अभी तक 95 फीसदी स्कूलों में सैनिटाइजेशन नहीं हो पाया है। वजह यह है कि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इसके लिए कोई बजट जारी नहीं किया गया है, लेकिन सभी स्कूलों को सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। कुछ शिक्षकों का तर्क है कि जब स्कूल काफी समय से बंद हैं और वहां किसी की आवाजाही नहीं है तो सैनिटाइज कराने की जरूरत ही क्या है। अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों को स्कूल बुलाने का अभी सही समय नहीं है। स्कूलों में कोविड गाइड लाइन का पालन नहीं हो सकेगा। इधर, बीएसए विनय कुमार का कहना है कि सभी स्कूलों के शिक्षकाें को कोविड गाइडलाइन का पालन करने और स्कूल भवन को सैनिटाइज कराने को कहा गया है।
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अभिभावकों की बात

अभी कोरोना खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में छोटे बच्चों को स्कूल नहीं बुलाना चाहिए। कोई बच्चा बीमार हो गया तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। स्कूलों में सैनिटाइजेशन भी नहीं होता है। - चंपा देवी, साहूकारा

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प्राइमरी स्कूलों में रोजाना ढंग से साफ-सफाई तक नहीं होती है। सैनिटाइजेशन होना तो दूर की बात है। अभी छोटे बच्चों के स्कूल नहीं खोले जाने चाहिए। उनके बीमार होने की आशंका बनी रहेगी। - मोरध्वज, किला

अभी माध्यमिक स्कूल खुल रहे हैं, लेकिन वहां कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं हो रहा है। छोटे बच्चों को तो गाइडलाइन की समझ भी नहीं है। ऐसे में उनके बीमार होने पर जिम्मेदारी कौन लेगा। - गोपाल सिंह, स्वाले नगर

छोटे बच्चों को स्कूल भेजना अभी खतरे से खाली नहीं है। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए और कुछ दिनाें के लिए रुकना चाहिए। छोटे बच्चे गाइडलाइन का पालन नहीं कर सकेंगे। - सज्जाद हुसैन, रामनगर

शिक्षक बोले

जूनियर स्तर के बच्चों को कोविड नियम के तहत ही शिक्षा दे रहे हैं। कक्षाओं में उचित दूरी पर बच्चों को बिठाकर पढ़ाया जा रहा है। मास्क अनिवार्य किया हुआ है। प्राथिमक स्तर के बच्चों को भी इसी तरह पढ़ाएंगे। - राखी गंगवार, भदपुरा



बच्चों को मास्क के साथ ही प्रवेश देते हैं। स्कूल में कक्षाओं के शुरू होने से पहले बच्चों को सचेत करते हैं और कोविड नियमों का पालन कराने के लिए प्रेरित करते हैं। छोटे बच्चों के लिए भी यह सारे नियम लागू होंगे। - सुरेंद्र प्रताप, रामनगर

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