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बदहले की हद... दुश्मनों को फंसाने के लिए मां को मार डाला
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बेटे ने इसी कांता से की थी मां की हत्या। संवाद
- फोटो : BADAUN
बदायूं। बदले की आग में एक व्यक्ति इतना अंधा हो गया कि दुश्मनों को फंसाने के लिए उसने अपनी मां का कत्ल कर दिया। फिर पुलिस में उन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई, जिन्होंने उसके दो भाइयों को हत्या के आरोप में जेल भिजवाया था। फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के कनुआखेड़ा गांव में 30 अक्तूबर को जावित्री देवी (65) की हत्या के मामले का बृहस्पतिवार को पुलिस ने खुलासा किया।
पुलिस लाइन सभागार में सीओ बिसौली पवन कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि जावित्री की हत्या उनके बेटे सत्यवीर ने की थी। जावित्री देवी के दो बेटे हत्या के जुर्म में जेल में हैं। उनके खिलाफ जिन लोगों ने मुकदमा दर्ज कराया था, सत्यवीर ने उन्हें फंसाने के लिए यह साजिश रची थी और अपनी मां की कांते से काटकर हत्या कर दी। बाद में दुश्मनों के खिलाफ ए रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस की पड़ताल में सच्चाई सामने आई। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
सीओ पवन कुमार के अनुसार 30 अक्तूबर को जावित्री देवी का खून से लथपथ शव उनके घर में पड़ा मिला था। कुछ बच्चे घर के बाहर क्त्रिस्केट खेल रहे थे। उनकी गेंद अचानक महिला के घर में जा गिरी। जब बच्चे गेंद लेने गए तो उन्होंने वृद्धा का शव पड़ा दिखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला के चंदौसी में रहने वाले होमगार्ड बेटे धर्मवीर और मुरादाबाद में रहने वाले सत्यवीर को सूचना दी।
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शाम को दोनों बेटे गांव पहुंचे। बाद में सत्यवीर ने गांव के रामबहादुर, उसके भाई नेत्रपाल और बेटे अजय बाबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
गौरतलब हो कि जावित्री देवी का तीसरा बेटा किशन सिंह और चौथा विक्रम सिंह बरेली जेल में हैं। उनके खिलाफ रामबहादुर ने उसकी बेटी को जलाकर मारने के आरोप में वर्ष 2017 में एफआईआर कराई थी। दोनों बेटों को उस मामले में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है।
भाई की बात पर सिर पर सवार हुआ खून
सीओ ने बताया कि सत्यवीर ने 28 अक्तूबर को जेल में बंद अपने भाई किशन और विक्त्रस्म से बात की थी। उन्होंने कहा था कि वे पांच साल से जेल में हैं और वह कुछ नहीं कर रहा। सत्यवीर उसी दिन अपना मोबाइल बंद कर गांव आ गया और घर के बाहर कमरे में छिपकर बैठ गया। 30 अक्तूबर की तड़के मां की हत्या करके मुरादाबाद गया।
हत्या से दो दिन पहले बंद था आरोपी का फोन
एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा ने मामले की जांच के लिए टीम गठित की। पुलिस ने महिला के दोनों बेटों और इसमें नामजद आरोपियों की काल डिटेल खंगाली तो पता चला कि जावित्री देवी का बेटा सत्यवीर 28 अक्तूबर से मोबाइल बंद करके मुरादाबाद से लापता था। उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई उसने सच्चाई उगल दी। मां की हत्या करना कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वालों को फंसाना चाहता था। इससे उसने 30 अक्तूबर की तड़के आकर अपनी मां की हत्या कर दी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर कांता भी बरामद कर लिया है।
कोई व्यक्ति अपने ही लोगों की हत्या करता है तो उसके कई कारण हो सकते हैं। उसमें प्रॉपर्टी विवाद हो सकता है। वह शराब पीता होगा या फिर उसे किसी ने भड़काया होगाख जिससे उनकी मनोदशा बदल गई। कभी कभी एक समस्या को ज्यादा सोचने से ऐसा होता है। स्थिति तब विकराल हो जाती हैख जब वह इसके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हो जाता है। रिश्तों में दिली जुड़ाव न होने पर व्यक्ति अपने परिजनों को भी माध्यम बना लेता है। -सर्वेश कुमारी, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, जिला अस्पताल
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पुलिस लाइन सभागार में सीओ बिसौली पवन कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि जावित्री की हत्या उनके बेटे सत्यवीर ने की थी। जावित्री देवी के दो बेटे हत्या के जुर्म में जेल में हैं। उनके खिलाफ जिन लोगों ने मुकदमा दर्ज कराया था, सत्यवीर ने उन्हें फंसाने के लिए यह साजिश रची थी और अपनी मां की कांते से काटकर हत्या कर दी। बाद में दुश्मनों के खिलाफ ए रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस की पड़ताल में सच्चाई सामने आई। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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सीओ पवन कुमार के अनुसार 30 अक्तूबर को जावित्री देवी का खून से लथपथ शव उनके घर में पड़ा मिला था। कुछ बच्चे घर के बाहर क्त्रिस्केट खेल रहे थे। उनकी गेंद अचानक महिला के घर में जा गिरी। जब बच्चे गेंद लेने गए तो उन्होंने वृद्धा का शव पड़ा दिखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिला के चंदौसी में रहने वाले होमगार्ड बेटे धर्मवीर और मुरादाबाद में रहने वाले सत्यवीर को सूचना दी।
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शाम को दोनों बेटे गांव पहुंचे। बाद में सत्यवीर ने गांव के रामबहादुर, उसके भाई नेत्रपाल और बेटे अजय बाबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
गौरतलब हो कि जावित्री देवी का तीसरा बेटा किशन सिंह और चौथा विक्रम सिंह बरेली जेल में हैं। उनके खिलाफ रामबहादुर ने उसकी बेटी को जलाकर मारने के आरोप में वर्ष 2017 में एफआईआर कराई थी। दोनों बेटों को उस मामले में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है।
भाई की बात पर सिर पर सवार हुआ खून
सीओ ने बताया कि सत्यवीर ने 28 अक्तूबर को जेल में बंद अपने भाई किशन और विक्त्रस्म से बात की थी। उन्होंने कहा था कि वे पांच साल से जेल में हैं और वह कुछ नहीं कर रहा। सत्यवीर उसी दिन अपना मोबाइल बंद कर गांव आ गया और घर के बाहर कमरे में छिपकर बैठ गया। 30 अक्तूबर की तड़के मां की हत्या करके मुरादाबाद गया।
हत्या से दो दिन पहले बंद था आरोपी का फोन
एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा ने मामले की जांच के लिए टीम गठित की। पुलिस ने महिला के दोनों बेटों और इसमें नामजद आरोपियों की काल डिटेल खंगाली तो पता चला कि जावित्री देवी का बेटा सत्यवीर 28 अक्तूबर से मोबाइल बंद करके मुरादाबाद से लापता था। उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई उसने सच्चाई उगल दी। मां की हत्या करना कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वालों को फंसाना चाहता था। इससे उसने 30 अक्तूबर की तड़के आकर अपनी मां की हत्या कर दी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर कांता भी बरामद कर लिया है।
कोई व्यक्ति अपने ही लोगों की हत्या करता है तो उसके कई कारण हो सकते हैं। उसमें प्रॉपर्टी विवाद हो सकता है। वह शराब पीता होगा या फिर उसे किसी ने भड़काया होगाख जिससे उनकी मनोदशा बदल गई। कभी कभी एक समस्या को ज्यादा सोचने से ऐसा होता है। स्थिति तब विकराल हो जाती हैख जब वह इसके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हो जाता है। रिश्तों में दिली जुड़ाव न होने पर व्यक्ति अपने परिजनों को भी माध्यम बना लेता है। -सर्वेश कुमारी, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, जिला अस्पताल

हत्यारोपी बेटा सत्यवीर। संवाद- फोटो : BADAUN