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Bareilly News: जंगल में आधी रात को धोखा दे गया जनरथ बस का इंजन
Thu, 04 Dec 2025 02:27 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Thu, 04 Dec 2025 02:27 AM IST
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बरेली। रोडवेज की जनरथ बस के इंजन ने रात के एक बजे जंगल में धोखा दे दिया। रुहेलखंड डिपो की यह एसी बस (यूपी 32 एमएन 9892) बरेली से फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर होते हुए प्रयागराज जा रही थी। बस में सात महिलाएं भी यात्रा कर रही थीं। चार घंटे तक बस जंगल में खड़ी रही। इससे महिला यात्रियों में दहशत रही।
रोडवेज बसों की मरम्मत में फर्जीवाड़े की शिकायतें भी इन दिनों बढ़ गई हैं। आरोप है कि बसों के इंजन में पुराना मोबिल ऑयल डालने के साथ ही मरम्मत के बिना ही बिल बनाए जा रहे हैं। यह खेल लंबे समय से चल रहा है।
बसों की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये के हेरफेर के आरोप में सेवा प्रबंधक धनजीराम पर पिछले महीनों निलंबन की गाज भी गिर चुकी है। बसों में मरम्मत के फर्जी बिल पास करने वाले बरेली डिपो के सीनियर फोरमैन के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। शासन स्तर से जांच हुई तो तीन एआरएम, चार लेखाकार भी फंस गए।
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रुहेलखंड डिपो के सीनियर फोरमैन प्रेमबाबू गुप्ता का कहना है कि बस जांच के बाद निकाली गई थी। इंजन में खराबी के कारण बस ब्रेक डाउन हुई। बसों की मरम्मत का काम निजी फर्म से लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्कशॉप में प्रशिक्षित मैकेनिकों की कमी है।
कई चालकों पर अफसर मेहरबान
बरेली। कई चालकों पर अधिकारी मेहरबान हैं। बार-बार बड़े हादसों के बाद भी उनको हर बार नई बस से दी जाती है। मंगलवार को बरेली डिपो की जो रोडवेज बस फरीदपुर से पहले हाईवे पर द्वारिकेश चीनी मिल के ओवरब्रिज के पास अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलटी थी उसे जो चालक दौड़ा रहा था वह इससे पहले भी दो बसों को दुर्घटनाग्रस्त कर चुका है। कई और भी अनाड़ी चालक हैं, जिनको नई बसों का स्टेयरिंग दे दिया गया है। ऐसे में हादसों के बाद नई बसें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। संवाद
इस तरह से रात में एसी बस का जंगल में खराब होना गंभीर है। संबंधितों से जवाब तलब किया जा रहा है। - दीपक चौधरी, क्षेत्रीय प्रबंधक
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रोडवेज बसों की मरम्मत में फर्जीवाड़े की शिकायतें भी इन दिनों बढ़ गई हैं। आरोप है कि बसों के इंजन में पुराना मोबिल ऑयल डालने के साथ ही मरम्मत के बिना ही बिल बनाए जा रहे हैं। यह खेल लंबे समय से चल रहा है।
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बसों की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये के हेरफेर के आरोप में सेवा प्रबंधक धनजीराम पर पिछले महीनों निलंबन की गाज भी गिर चुकी है। बसों में मरम्मत के फर्जी बिल पास करने वाले बरेली डिपो के सीनियर फोरमैन के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। शासन स्तर से जांच हुई तो तीन एआरएम, चार लेखाकार भी फंस गए।
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रुहेलखंड डिपो के सीनियर फोरमैन प्रेमबाबू गुप्ता का कहना है कि बस जांच के बाद निकाली गई थी। इंजन में खराबी के कारण बस ब्रेक डाउन हुई। बसों की मरम्मत का काम निजी फर्म से लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्कशॉप में प्रशिक्षित मैकेनिकों की कमी है।
कई चालकों पर अफसर मेहरबान
बरेली। कई चालकों पर अधिकारी मेहरबान हैं। बार-बार बड़े हादसों के बाद भी उनको हर बार नई बस से दी जाती है। मंगलवार को बरेली डिपो की जो रोडवेज बस फरीदपुर से पहले हाईवे पर द्वारिकेश चीनी मिल के ओवरब्रिज के पास अनियंत्रित होकर गड्ढे में पलटी थी उसे जो चालक दौड़ा रहा था वह इससे पहले भी दो बसों को दुर्घटनाग्रस्त कर चुका है। कई और भी अनाड़ी चालक हैं, जिनको नई बसों का स्टेयरिंग दे दिया गया है। ऐसे में हादसों के बाद नई बसें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। संवाद
इस तरह से रात में एसी बस का जंगल में खराब होना गंभीर है। संबंधितों से जवाब तलब किया जा रहा है। - दीपक चौधरी, क्षेत्रीय प्रबंधक