{"_id":"6a973a059af96a7518095099","slug":"the-electricity-corporation-is-identifying-areas-with-the-highest-number-of-power-cuts-bareilly-news-c-4-bly1015-957984-2026-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: विद्युत निगम चिह्नित कर रहा सर्वाधिक कटौती वाले इलाके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: विद्युत निगम चिह्नित कर रहा सर्वाधिक कटौती वाले इलाके
Wed, 02 Sep 2026 02:18 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 02 Sep 2026 02:18 AM IST
विज्ञापन
बरेली। अप्रैल से जुलाई तक भीषण गर्मी के दौरान शहरवासियों ने बिजली कटौती का दर्द झेला। गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग बढ़ी तो ट्रांसफार्मर फुंकने, ओवरलोडिंग और फाॅल्ट ने लोगों के साथ ही निगम की भी मुश्किलें बढ़ाईं।
अगले साल ऐसी स्थिति न बने इसको लेकर अभी से कवायद शुरू हो गई है। विद्युत निगम सर्वाधिक बिजली कटौती वाले इलाके चिह्नित कर रहा है। यहां आवश्यक कार्य कराए जाएंगे, ताकि कटौती से निजात मिल सके।
अब तक मढ़ीनाथ उपकेंद्र के शांति विहार, गणेश नगर समेत अन्य इलाके और किला उपकेंद्र के बाकरगंज, बाजार संदल खां समेत अन्य इलाकों में सर्वाधिक लाइन लॉस मिला है। कुतुबखाना भी इस सूची में शामिल है।
विज्ञापन
निगम अधिकारियों ने अन्य उपकेंद्रों की भी जांच शुरू की है। फीडरवार बिजली की खपत, आपूर्ति और बिलिंग के आंकड़ों का मिलान किया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस क्षेत्र में तकनीकी और वाणिज्यिक कारणों से बिजली का नुकसान अधिक हो रहा है।
विज्ञापन
अगले साल ऐसी स्थिति न बने इसको लेकर अभी से कवायद शुरू हो गई है। विद्युत निगम सर्वाधिक बिजली कटौती वाले इलाके चिह्नित कर रहा है। यहां आवश्यक कार्य कराए जाएंगे, ताकि कटौती से निजात मिल सके।
विज्ञापन
अब तक मढ़ीनाथ उपकेंद्र के शांति विहार, गणेश नगर समेत अन्य इलाके और किला उपकेंद्र के बाकरगंज, बाजार संदल खां समेत अन्य इलाकों में सर्वाधिक लाइन लॉस मिला है। कुतुबखाना भी इस सूची में शामिल है।
विज्ञापन
निगम अधिकारियों ने अन्य उपकेंद्रों की भी जांच शुरू की है। फीडरवार बिजली की खपत, आपूर्ति और बिलिंग के आंकड़ों का मिलान किया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस क्षेत्र में तकनीकी और वाणिज्यिक कारणों से बिजली का नुकसान अधिक हो रहा है।