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Bareilly News: आठ घंटे की ड्यूटी के बाद नहीं दिया था चालक को रेस्ट

Fri, 12 Jun 2026 01:53 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jun 2026 01:53 AM IST
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The driver was not given rest after eight hours of duty.
बरेली। आठ घंटे की ड्यूटी के बाद चालक को रेस्ट देने का नियम है, लेकिन इस मामले में इसकी अनदेखी की गई। प्रमोद के साथी चालक सतीश यादव ने बताया कि लंबी दूरी के बसों पर दो चालक लगाए जाते हैं, जबकि इस मामले में प्रमोद से लगातार ड्यूटी कराई गई। पहले उसको दिल्ली भेजा गया, वहां से लौटने पर उत्तराखंड के टनकपुर भेजा गया। वहां से लौटते ही लखनऊ भेज दिया गया। लगातार 1300 किमी दूरी तय करने और नींद न पूरी होने के कारण यह हादसा हुआ है।
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सतीश ने कहा कि इसके लिए उच्चाधिकारी जिम्मेदार हैं जो हमेशा नौकरी से बाहर निकालने का दबाव बनाते रहते हैं। चालकों व परिचालकों का आरोप है घटना के बाद तुरंत उपचार मिलता तो शायद उनके साथी की मौत न होती। हड़ताल की जानकारी पर सुबह सात बजे एआरएम एके वाजपेयी मौके पर पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों ने उनकी बात को अनसुना कर दिया। प्रमोद के पिता शिशुपाल भी घटनास्थल पर पहुंच गए थे। शव के पोस्टमाॅर्टम के बाद चालकों-परिचालकों के बुलावे पर सुबह 10 बजे वह भी सेटेलाइट बस अड्डे पर आ गए।
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यहां चालक-परिचालक प्रमोद की पत्नी को नौकरी और एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। दोपहर 12:30 बजे एआरएम एके वाजपेयी दोबारा आए तो शिशुपाल व चालकों-परिचालकों को अपने साथ सेटेलाइट बस अड्डे ले गए। वहां बातचीत के बाद अपराह्न दो बजे से बसों का संचालन शुरू हो सका।
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पिता को दी 70 हजार की आर्थिक सहायता
मृत चालक के पिता शिशुपाल को परिवहन निगम की तरफ से अंतिम संस्कार के लिए 20 हजार रुपये, यात्री सुविधा के तहत हादसे में मृतकों को दिए जाने वाले 7.50 लाख रुपये में से 50 हजार रुपये की मदद दी गई। बाकी रकम वारिसान का प्रमाणपत्र लाने पर आश्रितों को दी जाएगी। प्रमोद की पत्नी रेखा (28) का रोकर बुरा हाल है, जबकि छह माह का बच्चा लल्ला इससे अनजान है कि उसके सिर से पिता का साया उठ गया है।


वर्जन
बसों का संचालन न होने के पीछे दो-चार अराजक कर्मचारियों का हाथ था। उन्होंने अपनी बसों को सड़क पर आगे लगा दिया था, जिससे पीछे के वाहन नहीं निकल सके। मृतक के पिता को 70 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। आगे वारिसान का प्रमाणपत्र लाने पर बाकी धनराशि दी जाएगी। - एके वाजपेयी, एआरएम रुहेलखंड डिपो
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