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शहरवालों के लिए खतरा बढ़ाएंगे किला-हार्टमन के जर्जर पुल

Tue, 26 May 2020 01:17 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 26 May 2020 01:17 AM IST
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The dilapidated bridge of Qila-Hartman will increase the danger for the city
जर्जर किला पुल। - फोटो : जर्जर किला पुल।

कोरोना काल में शासन ने करीब सवा करोड़ के दोनों प्रस्तावों को मंजूरी देने से हाथ खींचा

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बरेली। किला और हार्टमन पुल शहर के लिए खतरा बने रहेंगे। पीडब्ल्यूडी की ओर से दोनों पुलों की मरम्मत के लिए भेजे गए करीब सवा करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी देने से शासन ने हाथ खींच लिए हैं।
किला और हार्टमन पुल की मरम्मत के प्रस्ताव पर पहले शासन का रुख सकारात्मक था लेकिन कोरोना काल में बढ़ते आर्थिक संकट के कारण सरकार ने अब यह प्रस्ताव मंजूर करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। हार्टमन पुल की हालत काफी खराब होने के बाद पिछले साल मरम्मत के नाम पर कुछ लीपापोती की गई थी। अब यह पुल फिर बुरी तरह उधड़ रहा है। इसी तरह किला पुल की हालत भी काफी ज्यादा खराब हो चुकी है। कई गड्ढे आरपार हो गए हैं, जिनसे सड़क पर चलते-चलते नीचे का नजारा दिखाई देता है।
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किला पुल कब धसक जाए कुछ पता नहीं

करीब 40 साल पुराने किला पुल की हालत भ्रष्टाचार की वजह से कई साल पहले ही डांवाडोल हो गई थी। अब तो ये इतना खतरनाक हो गया है कि गुजरने वालों की सुरक्षा की भी गारंटी नहीं रह गई है। किला पुल के ऊपर सड़क बनाने के लिए एक के बाद एक कोलतार की कई मोटी परत चढ़ा दी गई हैं। इंजीनियरों के पुरानी परत हटाए बगैर उस पर नई लेयर बिछा देने से इस पुल का वजन उसकी क्षमता से हजारों टन ज्यादा बढ़ गया है। जर्जर हो चुके इस पुल पर इतने अतिरिक्त बोझ के साथ हर समय भारी यातायात भी गुजरता रहता है। लिहाजा पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर भी मानते हैं कि यहां बड़ा हादसा हो सकता है। डेढ़ साल पहले पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर रहे राकेश राजवंशी ने इस पुल की कोलतार की पुरानी परतें हटाने के लिए रुड़की आईआईटी से तकनीकी सहायता मांगते हुए पत्र भेजा था लेकिन यह टीम नहीं आई। मौजूदा मुख्य अभियंता प्रमेश गुप्ता ने इसकी मरम्मत के लिए 93 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा था। उन्होंने इस पास कराने के लिए शासन में पैरवी भी की लेकिन सरकार ने बजट को मंजूरी नहीं दी है।
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हार्टमन पुल महीने बाद फिर खतरनाक

हार्टमन पुल भी इंजीनियरों के भ्रष्टाचार की वजह से खतरनाक हो गया। पुल की सीसी रोड उधड़ने, सड़क के नीचे बिछा लोहे का जाल टूटने और उसकी सरिया बाहर निकल आने के बाद सेतु निगम ने इसकी करीब पांच महीने पहले मरम्मत कराई थी लेकिन पैच वर्क फिर टूटना शुरू हो गया है। आगे बारिश में इसकी हालत और खतरनाक होने का अंदेशा है। पीडब्ल्यूडी ने इसके लिए करीब 35 लाख का बजट मरम्मत के लिए मांगा था लेकिन शासन ने इसे भी मंजूरी नहीं दी है।

‘शासन में दोनों प्रोजेक्ट के लिए काफी पैरवी की गई थी। किला पुल की सर्विस रोड सहित कई काम मंजूर हुए हैं लेकिन शासन ने किला और हार्टमन पुलों की मरम्मत का पैसा नहीं दिया है।’ - प्रमेश गुप्ता, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी

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