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Bareilly News: डेयरियों के गोबर से खाद बनाकर दोहरी कमाई करे निगम, समस्या का होगा निस्तारण

Sun, 20 Sep 2026 06:04 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2026 06:04 AM IST
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The corporation should double its income by making manure from the dung of dairies, the problem will be resolved.
बरेली। डेयरियों की समस्या को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है। नगर निगम आगे आकर डेयरियों से गोबर उठाए। उससे खाद बनाकर दोहरी कमाई कर सकता है। नगर निगम की बैठक में इस संबंध में आवाज उठाएंगे। अमर उजाला कार्यालय परिसर में शनिवार को आयोजित संवाद में ये बातें विभिन्न वार्डों से आए पार्षदों ने कहीं। कहा कि नगर की बड़ी समस्या को लेकर लोगों का आक्रोश पार्षदों को झेलना पड़ता है।
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उप सभापति व आकाशपुरम वार्ड की पार्षद पूनम चंद्रपाल राठौर ने कहा कि निगम एक एजेंसी से अनुबंध करके डेयरियों से गोबर उठवाकर शुल्क वसूल सकता है। इसका उपयोग खाद व गैस बनाने में किया जा सकेगा। नाले में फावड़े से सिल्ट सफाई नहीं हो पाती। वर्तमान में जलभराव का बहुत बड़ा कारण गोबर से नालों का जाम होना है।
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रामपुर गार्डन के पार्षद राजेश अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम को डेयरी संचालकों से प्रति जानवर के हिसाब से गोबर उठाने का शुल्क वसूलना चाहिए। इनको शहर के बाहर गोकुल धाम में शिफ्ट करने की योजना बनी थी, लेकिन वह आज तक परवान नहीं चढ़ सकी। निगम को गोबर उठाने की व्यवस्था अनिवार्य कर देनी चाहिए। जरूरत पड़े तो निगम से 20 फीसदी बजट भी लगा दें, ताकि जनता को राहत मिल सके।
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इंद्रानगर वार्ड के पार्षद सतीश चंद्र कातिब ने कहा कि डेयरियों के लिए शहर के बाहर स्थान दिया जाए। गोबर सीमेंट से ज्यादा सख्त है, जमने के बाद इसको जेसीबी से भी नहीं तोड़ा जा सकता। डेयरी वाले गोबर बहाते हैं तो इनके ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, नालों के ऊपर अतिक्रमण होने से सफाई बाधित होती है। बानखाना वार्ड के पार्षद शमीम अहमद ने बताया कि मेरे क्षेत्र में करीब 250 डेयरियां हैं। निगम के पास हजारों बीघा जमीन है जहां डेयरियों को शिफ्ट करने की योजना बनानी चाहिए। पहले निगम की तरफ से गोबर लेकर डंप करके खाद बनाई जाती थी। कंपनी निर्धारित करके गोबर उठाने की व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे निगम की कमाई हो। एक ट्राॅली खाद ढाई हजार में बिकती है। सिकलापुर के पार्षद जयप्रकाश राजपूत ने बताया कि डेयरियों का गोबर नालों में बहाया जा रहा है। इसमें लाखों लीटर जल का दोहन किया जा रहा है। यह दूध बेचकर अच्छी कमाई तो कर रहे हैं लेकिन निगम को इसके निस्तारण के लिए शुल्क क्यों नहीं दे रहे हैं? ऐसे डेयरियों को सील किया जाए।

रेलवे कॉलोनी वार्ड की पार्षद सुधा सक्सेना ने कहा कि डेयरियों से गोबर उठाने के लिए किसी एनजीओ को लगाया जाए। इस मौके पर नवादा शेखान के पार्षद छंगामल मौर्य, कटरा चांद खां वार्ड के अजय कुमार रत्नाकर, रवि टोला वार्ड के सैय्यद रेहान, आजमनगर वार्ड के पार्षद आरिफ कुरैशी, हरूनगला की पार्षद गौरी पटेल, नामित पार्षद रामबहादुर मौर्य आदि मौजूद रहे।
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