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तो इटावा के ठेकेदार कराएंगे बरेली में काम
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sun, 10 Apr 2016 01:25 AM IST
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इटावा, आगरा, रामपुर और लखनऊ तक के ठेकेदार जिला पंचायत में अपना रजिस्ट्र्रेशन कराकर ठेके लेने की जुगत भिड़ाए हुए हैं। इसकेे लिए जिला पंचायत अध्यक्ष के पास सपा नेताओं की सिफारिशें आने लगी हैं। नए वित्तीय वर्ष के लिए जिला पंचायत को ठेकेदारों के जितने रजिस्ट्रेशन करने हैं, सिफारिशें उससे कई गुना ज्यादा हैं, इसके चलते अध्यक्ष के सामने मुश्किलें खड़ी हुई हैं।
जिला पंचायत में हर वित्तीय वर्ष के लिए ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन किए जाते है। वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ इन दिनों रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होनी है। इसके लिए बकायदा विज्ञापन निकालकर ठेकेदारों से रजिस्ट्रेशन को आवेदन मांगे जाने हैं लेकिन उससे पहले ही ठेकेदारों ने अध्यक्ष तथा अफसरों को आवेदन देने शुरू कर दिए हैं। इस बीच अध्यक्ष के पास बहुत सारे सपा नेताओं की सिफारिशें आनी शुरू हो गईं तो ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन से संबंधित पत्रावली उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी से अपने हाथ में ही ले ली है। स्थानीय स्तर पर भी कुछ विधायक और सपा नेताओं का दबाव अपने चहेते ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन के लिए पड़ रहा है। इटावा, आगरा और रामपुर के ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन के लिए राजधानी तक से सिफारिशें आने की बात बताई जा रही है। सूत्रों ने बताया कि दबाव की वजह से ही जिला पंचायत अध्यक्ष और एएमए आवेदन मांगने के लिए विज्ञापन जारी करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। वहीं, एक पार्टी नेता चाहते हैं कि पुराने ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाए। इसके लिए भी अध्यक्ष पर दबाव है और वह इसका आश्वासन भी दे चुके हैं पुराने ठेकेदार पूर्व अध्यक्ष नीरू पटेल के कार्यकाल के हैं। हालांकि रजिस्ट्र्रेशन की कोई संख्या निर्धारित नहीं है लेकिन शुरू से ही जिला पंचायत ठेकेदारों के सीमित रजिस्ट्रेशन करता आया है। वर्तमान में 40 ठेकेदार जिला पंचायत में पंजीकृत हैं। अध्यक्ष संजय सिंह का कहना है कि ठेकेदारों के रजिस्ट्र्रेशन की प्रक्रिया नियमानुसार होगी।
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जिला पंचायत में हर वित्तीय वर्ष के लिए ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन किए जाते है। वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ इन दिनों रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू होनी है। इसके लिए बकायदा विज्ञापन निकालकर ठेकेदारों से रजिस्ट्रेशन को आवेदन मांगे जाने हैं लेकिन उससे पहले ही ठेकेदारों ने अध्यक्ष तथा अफसरों को आवेदन देने शुरू कर दिए हैं। इस बीच अध्यक्ष के पास बहुत सारे सपा नेताओं की सिफारिशें आनी शुरू हो गईं तो ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन से संबंधित पत्रावली उन्होंने अपर मुख्य अधिकारी से अपने हाथ में ही ले ली है। स्थानीय स्तर पर भी कुछ विधायक और सपा नेताओं का दबाव अपने चहेते ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन के लिए पड़ रहा है। इटावा, आगरा और रामपुर के ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन के लिए राजधानी तक से सिफारिशें आने की बात बताई जा रही है। सूत्रों ने बताया कि दबाव की वजह से ही जिला पंचायत अध्यक्ष और एएमए आवेदन मांगने के लिए विज्ञापन जारी करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। वहीं, एक पार्टी नेता चाहते हैं कि पुराने ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाए। इसके लिए भी अध्यक्ष पर दबाव है और वह इसका आश्वासन भी दे चुके हैं पुराने ठेकेदार पूर्व अध्यक्ष नीरू पटेल के कार्यकाल के हैं। हालांकि रजिस्ट्र्रेशन की कोई संख्या निर्धारित नहीं है लेकिन शुरू से ही जिला पंचायत ठेकेदारों के सीमित रजिस्ट्रेशन करता आया है। वर्तमान में 40 ठेकेदार जिला पंचायत में पंजीकृत हैं। अध्यक्ष संजय सिंह का कहना है कि ठेकेदारों के रजिस्ट्र्रेशन की प्रक्रिया नियमानुसार होगी।
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