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शहर में फिर डेंगू की दस्तक
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Wed, 31 Aug 2016 01:09 AM IST
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शहर में डेंगू ने दस्तक दे दी है। जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज में इसकी पुष्टि हुई है। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एलाइजा जांच कराई गई, जिसमें डेंगू पाया गया है। मरीज को डेंगू वार्ड में भर्ती किया है।
प्रेमनगर उड़ला जागीर के रहने वाले लालाराम के बेटे वीरपाल (34) को छह दिन पहले बुखार आया। उसने हरुनगला स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज कराया गया। यहां एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि वीरपाल में हो गई है। इसके प्लेटलेट्स काउंट भी 39000 रही। दो दिन पहले ही वह जिला अस्पताल में आ गया। यहां डॉ. वागीश वैश्य मरीज का इलाज कर रहे हैं। डॉ. वैश्य ने जिला अस्पताल में एंटीजन और एंटीबॉडी जांच कराई, जिसमें डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। अभी एलाइजा जांच नहीं हुई है। वीरपाल की हालत में सुधार बताया जा रहा है। इसकी प्लेटलेट्स काउंट भी एक लाख हो गई है।
डायलिसिस यूनिट को बनाया डेंगू वार्ड
ठप पड़ी डायलिसिस यूनिट को जिला अस्पताल प्रशासन ने डेंगू के सीजन में डेंगू वार्ड बना दिया गया है। यहां चार बेड लगाए गए हैं और मच्छरदानी भी लगी है।
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मरीज की एलाइजा जांच निजी अस्पताल में हुई है, जहां डेंगू बताया गया है। जिला अस्पताल की जांच में डेंगू नहीं मिला है। मरीज की स्थिति ठीक है।
डॉ. वागीश वैश्य
बुखार से गर्भवती समेत एक किशोर की मौत
अलीगंज/बिशारतगंज/भमोरा। मझगवां ब्लाक के गांव नौगवां ब्रह्मनान में एकराम लोधी की पत्नी गीता (22) की बुखार से मौत हो गई। सात माह की गर्भवती गीता का इलाज बरेली के मेडिकल कालेज में चल रहा था, यहां से वह एक निजी अस्पताल ले आए। जहां 12 घंटे भर्ती रहने के बाद परिवार वाले उसे निकालकर घर ले गए। अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि गीता को गंभीर निमोनिया था और वह वेंटीलेटर पर थी। उसकी प्लेटलेट्स काउंट एक लाख पाई गई और एलाइजा जांच भी नहीं हुई। इससे डेंगू की पुष्टि नहीं होती। हालांकि परिवार वाले डेंगू बता रहे थे। वहीं भमोरा के खुली गांव में विशाल सागर के पुत्र मोहनलाल (14) की मौत बुखार से हो गई। इलाके में बुखार से यह दूसरी मौत है और गांव में वायरल बुखार से कई लोग बीमार हैं। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम भी लापरवाही कर रही है। कई लोग झोलाछाप से दवा ले रहे हैं।
निजी अस्पतालों से आए सात नमूने
बरेली। डेंगू के मामले सामने आने के बाद मंगलवार को निजी अस्पतालाें से भी नमूने जांच को भेजे गए हैं। इनमें सात नमूने डेंगू के संदिग्ध मरीजाें के हैं और तीन नमूने संदिग्ध जापानी इंसेफेलाइटिस मरीजाें के हैं। यह नमूने स्वास्थ्य विभाग को भेजे गए हैं।
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प्रेमनगर उड़ला जागीर के रहने वाले लालाराम के बेटे वीरपाल (34) को छह दिन पहले बुखार आया। उसने हरुनगला स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज कराया गया। यहां एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि वीरपाल में हो गई है। इसके प्लेटलेट्स काउंट भी 39000 रही। दो दिन पहले ही वह जिला अस्पताल में आ गया। यहां डॉ. वागीश वैश्य मरीज का इलाज कर रहे हैं। डॉ. वैश्य ने जिला अस्पताल में एंटीजन और एंटीबॉडी जांच कराई, जिसमें डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। अभी एलाइजा जांच नहीं हुई है। वीरपाल की हालत में सुधार बताया जा रहा है। इसकी प्लेटलेट्स काउंट भी एक लाख हो गई है।
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डायलिसिस यूनिट को बनाया डेंगू वार्ड
ठप पड़ी डायलिसिस यूनिट को जिला अस्पताल प्रशासन ने डेंगू के सीजन में डेंगू वार्ड बना दिया गया है। यहां चार बेड लगाए गए हैं और मच्छरदानी भी लगी है।
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मरीज की एलाइजा जांच निजी अस्पताल में हुई है, जहां डेंगू बताया गया है। जिला अस्पताल की जांच में डेंगू नहीं मिला है। मरीज की स्थिति ठीक है।
डॉ. वागीश वैश्य
बुखार से गर्भवती समेत एक किशोर की मौत
अलीगंज/बिशारतगंज/भमोरा। मझगवां ब्लाक के गांव नौगवां ब्रह्मनान में एकराम लोधी की पत्नी गीता (22) की बुखार से मौत हो गई। सात माह की गर्भवती गीता का इलाज बरेली के मेडिकल कालेज में चल रहा था, यहां से वह एक निजी अस्पताल ले आए। जहां 12 घंटे भर्ती रहने के बाद परिवार वाले उसे निकालकर घर ले गए। अस्पताल के डॉक्टर ने बताया कि गीता को गंभीर निमोनिया था और वह वेंटीलेटर पर थी। उसकी प्लेटलेट्स काउंट एक लाख पाई गई और एलाइजा जांच भी नहीं हुई। इससे डेंगू की पुष्टि नहीं होती। हालांकि परिवार वाले डेंगू बता रहे थे। वहीं भमोरा के खुली गांव में विशाल सागर के पुत्र मोहनलाल (14) की मौत बुखार से हो गई। इलाके में बुखार से यह दूसरी मौत है और गांव में वायरल बुखार से कई लोग बीमार हैं। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम भी लापरवाही कर रही है। कई लोग झोलाछाप से दवा ले रहे हैं।
निजी अस्पतालों से आए सात नमूने
बरेली। डेंगू के मामले सामने आने के बाद मंगलवार को निजी अस्पतालाें से भी नमूने जांच को भेजे गए हैं। इनमें सात नमूने डेंगू के संदिग्ध मरीजाें के हैं और तीन नमूने संदिग्ध जापानी इंसेफेलाइटिस मरीजाें के हैं। यह नमूने स्वास्थ्य विभाग को भेजे गए हैं।