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Bareilly News: खुद को पीड़ित बताकर आरोपी तीन दिन से जा रहे थे थाने
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बरेली। भमोरा थाना क्षेत्र में हुई कल्याण की हत्या के आरोपी बेहद शातिर हैं। सालभर पहले उन्होंने कल्याण को जानलेवा हमले के मामले में गलत तरीके से जेल भिजवाया था। इस बार उसकी हत्या को दो पक्षों का संघर्ष दिखाने की साजिश रच रहे थे, हालांकि प्राथमिक जांच में सच्चाई सामने आ गई।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने पीड़ित पक्ष और ग्रामीणों से बात की तो पता लगा कि डेढ़ साल पहले एक जमीन बेचने व झगड़े के बाद दोनों पक्षों में तनाव था। पांच दिन पहले मारपीट की घटना बताकर आरोपी पक्ष के नरवीर आदि लोग थाने जा रहे थे। इन्होंने कल्याण पक्ष पर पिटाई का आरोप लगाया। कहा कि ये लोग उन्हें गांव में नहीं जाने दे रहे हैं। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आरोप सही नहीं मिले।
नरवीर शुक्रवार को फिर शिकायत लेकर पहुंचा तो पुलिस ने शनिवार को दोनों पक्षों को थाने बुलाया था। इससे पहले यह हत्या हो गई। हत्या के बाद नरवीर उर्फ बाबू शनिवार सुबह फिर थाने पहुंचा। उसने कल्याण पक्ष पर अपने भाई जोगेंद्र को गोली मारने का आरोप लगाया। संदेह होने पर पुलिस ने जांच की और नरवीर को हिरासत में ले लिया।
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तीन घंटे पड़ा रहा शव, गिरफ्तारी पर अड़े परिजन
भमोरा। घटना के बाद कल्याण के परिजनों ने पुलिस को खरी-खोटी सुनाई। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि घटना के बाद हल्का दरोगा को कॉल की तो पहले घंटी बजी, बाद में मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर दिया गया। आरोप लगाया कि घटनास्थल पर पुलिस एक घंटा लेट पहुंची। हालांकि, एक रिश्तेदार के समझाने पर तीन घंटे बाद पुलिस शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज सकी। संवाद
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एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने पीड़ित पक्ष और ग्रामीणों से बात की तो पता लगा कि डेढ़ साल पहले एक जमीन बेचने व झगड़े के बाद दोनों पक्षों में तनाव था। पांच दिन पहले मारपीट की घटना बताकर आरोपी पक्ष के नरवीर आदि लोग थाने जा रहे थे। इन्होंने कल्याण पक्ष पर पिटाई का आरोप लगाया। कहा कि ये लोग उन्हें गांव में नहीं जाने दे रहे हैं। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आरोप सही नहीं मिले।
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नरवीर शुक्रवार को फिर शिकायत लेकर पहुंचा तो पुलिस ने शनिवार को दोनों पक्षों को थाने बुलाया था। इससे पहले यह हत्या हो गई। हत्या के बाद नरवीर उर्फ बाबू शनिवार सुबह फिर थाने पहुंचा। उसने कल्याण पक्ष पर अपने भाई जोगेंद्र को गोली मारने का आरोप लगाया। संदेह होने पर पुलिस ने जांच की और नरवीर को हिरासत में ले लिया।
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तीन घंटे पड़ा रहा शव, गिरफ्तारी पर अड़े परिजन
भमोरा। घटना के बाद कल्याण के परिजनों ने पुलिस को खरी-खोटी सुनाई। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि घटना के बाद हल्का दरोगा को कॉल की तो पहले घंटी बजी, बाद में मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर दिया गया। आरोप लगाया कि घटनास्थल पर पुलिस एक घंटा लेट पहुंची। हालांकि, एक रिश्तेदार के समझाने पर तीन घंटे बाद पुलिस शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज सकी। संवाद