Bareilly News: बीडीए ने दी राहत, अब 29 जुलाई तक जमा हो सकेंगे साइंस पार्क और औद्योगिक टाउनशिप के टेंडर
बीडीए ने कई बड़ी परियोजनाओं से संबंधित निविदाओं (टेंडर्स) की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। अब सभी इच्छुक एजेंसियां और फर्में आगामी 29 जुलाई की दोपहर तीन बजे तक अपने आवेदन जमा कर सकेंगी।
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बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और विभिन्न विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण और बड़े प्रोजेक्ट्स से संबंधित निविदाओं (टेंडर्स) की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। इस संसोधन के बाद अब सभी इच्छुक एजेंसियां और फर्में आगामी 29 जुलाई की दोपहर तीन बजे तक अपने आवेदन जमा कर सकेंगी। इसके ठीक आधे घंटे बाद, यानी उसी दिन दोपहर साढ़े तीन बजे इन निविदाओं को खोला जाएगा।
प्राधिकरण की ओर से जिन प्रमुख और बड़े प्रोजेक्ट्स की समयसीमा बढ़ाई गई है, उनमें नई औद्योगिक टाउनशिप के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का काम शामिल है। इसके साथ ही, रामगंगा नगर सेक्टर-8 में बनने वाले हाई-टेक साइंस पार्क एवं प्लेनेटोरियम की स्थापना, और शहर की शान बढ़ाने वाले मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स व कल्याण सिंह कन्वेंशन सेंटर के अगले 30 वर्षों तक संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपने की प्रक्रिया भी इसमें शामिल है।
ग्रेटर बरेली के विकास कार्यों की समयसीमा बढ़ाई
इसके अतिरिक्त, ग्रेटर बरेली आवासीय योजना के तहत होने वाले विभिन्न आंतरिक विकास कार्यों की समयसीमा भी बढ़ा दी गई है। इस फैसले के दायरे में सिर्फ नए प्रोजेक्ट्स ही नहीं, बल्कि शहर की सड़कों और बुनियादी ढांचे से जुड़े काम भी आए हैं। पीलीभीत-बरेली मार्ग के चौड़ीकरण, सर्विस रोड के निर्माण, रास्ते में आ रही विद्युत लाइनों की शिफ्टिंग, आधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण, और विभिन्न क्षेत्रों में आंतरिक सीवर, सड़कों व पार्कों के विकास से जुड़ी परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है।
बीडीए के एक्सईएन प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि निविदा अवधि को आगे बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक योग्य और अनुभवी एजेंसियों को इस प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर देना है। बीडीए का मानना है कि समय बढ़ने से बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे प्राधिकरण को तकनीकी और वित्तीय रूप से ज्यादा बेहतर और मजबूत प्रस्ताव मिल सकेंगे। इससे न केवल सरकारी धन का सही उपयोग होगा, बल्कि भविष्य में इन सभी विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में उच्च गुणवत्ता और तय समय के भीतर गति भी सुनिश्चित की जा सकेगी।