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Bareilly News: जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में बढ़ाए गए दस बेड, 34 बच्चे भर्ती
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बरेली। तप रहे पारे से डायरिया की चपेट में आने वाले बच्चों की तादाद बढ़ने पर जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में दस बेड और बढ़ाए गए हैं। वहीं, वार्ड में गर्मी से बेहाल बच्चों को राहत दिलाने के लिए दो कूलर लगाए जाएंगे। चल रहे कूलरों के सूखे टैंक में बुधवार को पानी भरा रहा।
पारा के 40 डिग्री पार होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के कार्यालयों में एसी चलने लगे। इमरजेंसी और जनरल वार्ड में मरीजों के लिए कूलर लगे। ओपीडी में टेंट कूलर लगा। पर्चा-दवा काउंटर पर धूप से बचाव के लिए टेंट की छांव रही। पर बच्चा वार्ड में व्यवस्थाओं की पड़ताल की तो बच्चे बेहाल मिले। बच्चे गर्मी के कारण सो नहीं पा रहे थे। परिजन भी बेहाल रहे। अमर उजाला ने अभिभावकों और बच्चों की तकलीफ को बुधवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो अफसर चेते। कूलरों में पानी भरा गया। दो और कूलर लगाने के लिए खरीदारी का आदेश अधिकारी ने दिया।
एडीएसआईसी डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक डायरिया की चपेट में आने वाले बच्चों की बढ़ती संख्या देखकर दस बेड बढ़ाए गए हैं। ताकि कोई बीमार बच्चे भर्ती किए जा सकें। वार्ड में अब 36 बेड हैं। कहा कि स्टाफ को प्रतिदिन कूलरों में पानी भरने, सुबह-शाम चेक करने के लिए कहा है।
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वार्ड में 34 बच्चे भर्ती, 28 डायरिया से पीड़ित
बुधवार को जिला अस्पताल ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचे बच्चों में से डायरिया की चपेट में आने से गंभीर हालत में रहे 12 बच्चे भर्ती किए गए। जबकि पूर्व में भर्ती रहे आठ बच्चों को डिस्चार्ज किया गया। शाम तक वार्ड में 34 बच्चे भर्ती रहे। स्टाफ नर्स के मुताबिक भर्ती दो बच्चों की हालत में सुधार होने पर परिजन डिस्चार्ज का दबाव बना रहे थे। बिना जांच रिपोर्ट देखे इन्कार करने पर बिना बताए चले गए।
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पारा के 40 डिग्री पार होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के कार्यालयों में एसी चलने लगे। इमरजेंसी और जनरल वार्ड में मरीजों के लिए कूलर लगे। ओपीडी में टेंट कूलर लगा। पर्चा-दवा काउंटर पर धूप से बचाव के लिए टेंट की छांव रही। पर बच्चा वार्ड में व्यवस्थाओं की पड़ताल की तो बच्चे बेहाल मिले। बच्चे गर्मी के कारण सो नहीं पा रहे थे। परिजन भी बेहाल रहे। अमर उजाला ने अभिभावकों और बच्चों की तकलीफ को बुधवार को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो अफसर चेते। कूलरों में पानी भरा गया। दो और कूलर लगाने के लिए खरीदारी का आदेश अधिकारी ने दिया।
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एडीएसआईसी डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक डायरिया की चपेट में आने वाले बच्चों की बढ़ती संख्या देखकर दस बेड बढ़ाए गए हैं। ताकि कोई बीमार बच्चे भर्ती किए जा सकें। वार्ड में अब 36 बेड हैं। कहा कि स्टाफ को प्रतिदिन कूलरों में पानी भरने, सुबह-शाम चेक करने के लिए कहा है।
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वार्ड में 34 बच्चे भर्ती, 28 डायरिया से पीड़ित
बुधवार को जिला अस्पताल ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचे बच्चों में से डायरिया की चपेट में आने से गंभीर हालत में रहे 12 बच्चे भर्ती किए गए। जबकि पूर्व में भर्ती रहे आठ बच्चों को डिस्चार्ज किया गया। शाम तक वार्ड में 34 बच्चे भर्ती रहे। स्टाफ नर्स के मुताबिक भर्ती दो बच्चों की हालत में सुधार होने पर परिजन डिस्चार्ज का दबाव बना रहे थे। बिना जांच रिपोर्ट देखे इन्कार करने पर बिना बताए चले गए।