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एनसीईआरटी की नकली किताबों के बरेली से भी जुड़े हो सके हैं तार
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ncert books
- फोटो : demo photo
पैरेंट्स फोरम का दावा, जांच और छापा डालने से हो सकता है चौंकाने वाला खुलासा
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बरेली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की करोड़ों रुपये की नकली किताबों के पकड़े जाने के बाद इस अवैध कारोबार में यहां भी कई पुस्तक विक्रेताओं के तार मेरठ के इन कारोबारियों से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। बताते हैं कि सही से जांच और छापे डाले जाएं तो यहां भी चौंकाने वाला खुलासा हो सकता है। इस मामले को पैरेंट्स फोरम ने उठाते हुए प्रकरण को मुख्यमंत्री तक पहुंचा दिया है।
मेरठ और गजरौला में एनसीईआरटी की करोड़ों की नकली किताबें बरामद हुई हैं। बताते हैं कि यहां भी कई पुस्तक विक्रेता इन कारोबारियों के संपर्क में हैं। पैरेंट्स फोरम का कहना है कि एनसीईआरटी की किताबों के इस अवैध कारोबार की जड़ें बरेली से भी जुड़ी होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। फोरम के समन्वयक मोहम्मद खालिद जीलानी की शिकायत है कि यहां भी कई पुस्तक विक्रेता हैं जो ग्राहकों को जीएसटी बिल या रसीद जारी नहीं करते। पिछले साल शिकायत पर जांच भी हुई थी। उनका कहना है कि उन्होंने प्रशासन और यूपी एसटीएफ से फिर से सक्रियता दिखाकर इस मामले की जांच कराने की मांग की है।
सीएम तक पहुंचाया मामला
पैरेंट्स फोरम का कहना है कि तमाम प्राइवेट कॉवेंट स्कूलों के द्वारा नया शिक्षा सत्र शुरू होने पर नए कोर्स स्कूलों से तय मोटे कमीशन पर बेचा जाता है। कोतवाली के पास, श्यामगंज, शाहजहांपुर रोड सहित कई जगहों पर दुकानदार मनमाने तरीके से खेल कर रहे हैं, जिसकी कोई पक्की रसीद भी नहीं दी जाती है। फोरम के मोहम्मद खालिद जीलानी ने सीएम तक यह मामला पहुंचा दिया है।
मेरठ और गजरौला में एनसीईआरटी की करोड़ों की नकली किताबें बरामद हुई हैं। बताते हैं कि यहां भी कई पुस्तक विक्रेता इन कारोबारियों के संपर्क में हैं। पैरेंट्स फोरम का कहना है कि एनसीईआरटी की किताबों के इस अवैध कारोबार की जड़ें बरेली से भी जुड़ी होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। फोरम के समन्वयक मोहम्मद खालिद जीलानी की शिकायत है कि यहां भी कई पुस्तक विक्रेता हैं जो ग्राहकों को जीएसटी बिल या रसीद जारी नहीं करते। पिछले साल शिकायत पर जांच भी हुई थी। उनका कहना है कि उन्होंने प्रशासन और यूपी एसटीएफ से फिर से सक्रियता दिखाकर इस मामले की जांच कराने की मांग की है।
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सीएम तक पहुंचाया मामला
पैरेंट्स फोरम का कहना है कि तमाम प्राइवेट कॉवेंट स्कूलों के द्वारा नया शिक्षा सत्र शुरू होने पर नए कोर्स स्कूलों से तय मोटे कमीशन पर बेचा जाता है। कोतवाली के पास, श्यामगंज, शाहजहांपुर रोड सहित कई जगहों पर दुकानदार मनमाने तरीके से खेल कर रहे हैं, जिसकी कोई पक्की रसीद भी नहीं दी जाती है। फोरम के मोहम्मद खालिद जीलानी ने सीएम तक यह मामला पहुंचा दिया है।
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