बरेलीः घटिया नमकीन पकड़ने गई टीम को फैक्ट्री वालों ने दौड़ाया
मिलावटखोरी पर एफएसडीए की चुप्पी पर पहले हाईकोर्ट और शासन की सख्ती और फिर शहर की महिलाओं और व्यापारियों के भी मोर्चा खोल दिए जाने का कुछ असर दिखा लेकिन तब जब होली सिर्फ दो दिन दूर रह गई। शनिवार को एफएसडीए की जिला टीम ने घटिया और पशु आहार की श्रेणी में आने वाली नमकीन पकड़ने के लिए दिन भर दौड़भाग की लेकिन एक भी सैंपल भरने में कामयाब नहीं हो पाई।
नमकीन कारोबारियों ने उसे कारखानों में घुसने तक नहीं दिया। इसके बाद टीम को रिटेल कारोबारियों पर छापे मारकर खानापूरी करनी पड़ी। शासन की ओर से हाईकोर्ट में घटिया नमकीन के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट 20 मार्च को दाखिल की जानी है लेकिन बरेली में अब तक ऐसी कोई खास कार्रवाई नहीं हुई है। शनिवार सुबह जिला अभिहित अधिकारी धर्मराज मिश्रा ने अपनी टीमों को नमकीन कारखानों पर सैंपल भरने के लिए दौड़ाया जिसके बाद टीमें दिन भर भागदौड़ करती रही लेकिन कोई कामयाबी हाथ नहीं आई।
कारोबारी गुस्साए- ‘त्योहारी’ ले गए तो फिर क्यों आए
घटिया नमकीन को मिक्सचर के नाम से नई पैकिंग में बेचने का पिछले दिनों हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया था। इसके बाद सभी जिलों में छापों की शुरुआत हुई, सूत्रों के मुताबिक बरेली में नमकीन कारोबारियों से पहले ही समझौता हो चुका था लिहाजा एफएसडीए के लिए मुश्किल खड़ी हो गई।
शासन की कड़ाई के बाद डीएम नितीश कुमार ने सख्त तेवर दिखाए तो शनिवार को एफएसडीए की टीमें छापे मारने निकलीं लेकिन कारखानों में पहुंचते ही कारोबारी उन पर भड़क गए। बोले- जब ‘त्योहारी’ ले गए तो फिर क्यों आए, कुछ तो शर्म करो।
ब्रह्मपुरा के बाद हजियापुर और सौफुटा रोड पर भी टीमों से यही सलूक हुआ तो उनकी दिशा बदल गई। टीमेों ने इसके बाद मावा मार्केट में चली गईं। बता दें कि पिछले साल ब्रह्मपुरा में एक कारखाने से सैंपल लिए बगैर दो सौ किलो से ज्यादा नमकीन नष्ट कराई गई थी।
जानकारी में आया है कि टीम की कुछ नमकीन निर्माताओं से नोकझोंक हुई है इसलिए टीम ने सैंपल नहीं भरा। हाईकोर्ट ने घटिया नमकीन को मिक्सचर और नवरत्न नाम से बाजार में उतारने का मामला संज्ञान में लिया है। प्रदेश भर में छापे मारे जा रहे हैं। टीमों का इस तरह लौटना मिलावटखोरों का मनोबल बढ़ाता है। ऐसे में पुलिस को बुलाना चाहिए था। मामले की छानबीन कराएंगे। - संजय पांडे, सहायक आयुक्त खाद्य
मावा बाजार में ताबड़तोड़ छापे
होली से दो दिन पहले मावा बाजार में छापे मारने की औपचारिकता पूरी की गई। कुतुबखाना मावा मंडी में टीम ने तीन नमूने भरे। श्यामगंज में अजंता स्वीट्स से भी मावा का नमूना लिया लेकिन और किसी उत्पाद को देखा तक नहीं। अजंता स्वीट्स पर खराब मावा की शिकायत प्रशासन को मिली थी। जंक्शन मार्ग पर गुप्ता स्टोर, आंवला चांदनी चौक और छोटी बाजार से भी मावा के दो और पनीर का एक नमूना भरा गया।