{"_id":"61aa5cd68e985966f76936fe","slug":"tax-evasion-of-hundred-crores-officers-dice-turned-upside-down-licenses-of-both-the-times-will-be-canceled-bareilly-news-bly468077719","type":"story","status":"publish","title_hn":"सौ करोड़ की टैक्स चोरी : उल्टा पड़ा अफसरों का पासा, निरस्त होंगे दोनों बार के लाइसेंस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सौ करोड़ की टैक्स चोरी : उल्टा पड़ा अफसरों का पासा, निरस्त होंगे दोनों बार के लाइसेंस
विज्ञापन
टैक्स
- फोटो : pixabay
पिछले दिनों गुपचुप ढंग से खुलवा दी गई थी सील, शासन तक पहुंचा मामला तो शुरू हुई जांच
आबकारी कमिश्नर बोले- कोर्ट में शुरू कर दी है लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया
बरेली। सहारनपुर की टपरी डिस्टलरी में सौ करोड़ की टैक्स चोरी मामले से जुड़े शहर के डाउन टाउन और तमाशा बार के निलंबित किए लाइसेंस गुपचुप ढंग से बहाल कर दिए जाने के मामले में शासन स्तर पर जांच शुरू होने से शराब माफिया पर मेहरबान अफसर बैकफुट पर आ गए हैं। दोनों बार को दोबारा सील किए जाने के बाद अब उनके लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
एसटीएफ ने मार्च 2021 में टपरी डिस्टलरी में करीब सौ करोड़ की टैक्स चोरी का मामला पकड़ा था। डिस्टिलरी से एक ही बिल बाउचर पर कई ट्रक शराब निकालकर बरेली, कानपुर, बदायूं समेत दूसरे शहरों को सप्लाई की जा रही थी। टैक्स चोरी पकड़े जाने के बाद डिस्टलरी के मालिक बरेली के शराब कारोबारी प्रणय अनेजा, अजय जायसवाल, मनोज जायसवाल समेत करीब डेढ़ दर्जन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। शासन के आदेश पर 30 जुलाई को मनोज जायसवाल के बरेली स्थित डाउन टाउन और तमाशा बार को सील कर दिया गया था।
इस मामले की जांच जांच एसआईटी कर रही है और चार्जशीट भी लग चुकी है। लिहाजा प्रकरण अब कोर्ट में विचाराधीन है। मगर इसी बीच आबकारी विभाग ने गुपचुप ढंग से 15 नवंबर को दोनों बार की सील खोल दी। मामला शासन के संज्ञान में आया तो आबकारी कमिश्नर सैंथिल पांडियन सी के आदेश पर दोनों बार को दोबारा सील कर दिया। अब कोर्ट में इन दोनों बार का लाइसेंस निरस्त कराने की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
जिला प्रशासन और आबकारी विभाग ने
एक-दूसरे के सिर मढ़ी थी जिम्मेदारी
डाउन टाउन और तमाशा बार की सील खुलने के बाद जब सवाल उठे तो जिला आबकारी अधिकारी डीएन दुबे ने इसे जिला प्रशासन पर टाल दिया था। उन्होंने कहा था कि दोनों बार की सील डीएम मानवेंद्र सिंह के आदेश पर खोली गई। डीएम ने आबकारी विभाग की संस्तुति पर कार्रवाई होने की बात कही। हालांकि यह साफ हो गया कि बार की सील शराब कारोबारी से साठगांठ ही खोली गई है। अब इस मामले में आबकारी विभाग के अफसर सवालों के घेरे में हैं। बताया जाता है कि शासन के आदेश पर 30 जुलाई को दोनों बार सील करने के बाद उनके लाइसेंस निरस्त कराने की प्रक्रिया के बजाय अफसर उन्हें बचाने में लग गए और चुपचाप दोनों के लाइसेंस बहाल कर दिए। सूत्रों का कहना है कि इसको लेकर भी जांच कराई जा रही है।
दोनों बार दोबारा सील करा दिए गए हैं। मामला कोर्ट में विचाराधीन है, जिसमें बार के लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी शामिल की गई है। - सैंथिल पांडियन सी, आबकारी कमिश्नर
विज्ञापन
आबकारी कमिश्नर बोले- कोर्ट में शुरू कर दी है लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया
बरेली। सहारनपुर की टपरी डिस्टलरी में सौ करोड़ की टैक्स चोरी मामले से जुड़े शहर के डाउन टाउन और तमाशा बार के निलंबित किए लाइसेंस गुपचुप ढंग से बहाल कर दिए जाने के मामले में शासन स्तर पर जांच शुरू होने से शराब माफिया पर मेहरबान अफसर बैकफुट पर आ गए हैं। दोनों बार को दोबारा सील किए जाने के बाद अब उनके लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
एसटीएफ ने मार्च 2021 में टपरी डिस्टलरी में करीब सौ करोड़ की टैक्स चोरी का मामला पकड़ा था। डिस्टिलरी से एक ही बिल बाउचर पर कई ट्रक शराब निकालकर बरेली, कानपुर, बदायूं समेत दूसरे शहरों को सप्लाई की जा रही थी। टैक्स चोरी पकड़े जाने के बाद डिस्टलरी के मालिक बरेली के शराब कारोबारी प्रणय अनेजा, अजय जायसवाल, मनोज जायसवाल समेत करीब डेढ़ दर्जन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। शासन के आदेश पर 30 जुलाई को मनोज जायसवाल के बरेली स्थित डाउन टाउन और तमाशा बार को सील कर दिया गया था।
विज्ञापन
इस मामले की जांच जांच एसआईटी कर रही है और चार्जशीट भी लग चुकी है। लिहाजा प्रकरण अब कोर्ट में विचाराधीन है। मगर इसी बीच आबकारी विभाग ने गुपचुप ढंग से 15 नवंबर को दोनों बार की सील खोल दी। मामला शासन के संज्ञान में आया तो आबकारी कमिश्नर सैंथिल पांडियन सी के आदेश पर दोनों बार को दोबारा सील कर दिया। अब कोर्ट में इन दोनों बार का लाइसेंस निरस्त कराने की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
जिला प्रशासन और आबकारी विभाग ने
एक-दूसरे के सिर मढ़ी थी जिम्मेदारी
डाउन टाउन और तमाशा बार की सील खुलने के बाद जब सवाल उठे तो जिला आबकारी अधिकारी डीएन दुबे ने इसे जिला प्रशासन पर टाल दिया था। उन्होंने कहा था कि दोनों बार की सील डीएम मानवेंद्र सिंह के आदेश पर खोली गई। डीएम ने आबकारी विभाग की संस्तुति पर कार्रवाई होने की बात कही। हालांकि यह साफ हो गया कि बार की सील शराब कारोबारी से साठगांठ ही खोली गई है। अब इस मामले में आबकारी विभाग के अफसर सवालों के घेरे में हैं। बताया जाता है कि शासन के आदेश पर 30 जुलाई को दोनों बार सील करने के बाद उनके लाइसेंस निरस्त कराने की प्रक्रिया के बजाय अफसर उन्हें बचाने में लग गए और चुपचाप दोनों के लाइसेंस बहाल कर दिए। सूत्रों का कहना है कि इसको लेकर भी जांच कराई जा रही है।
दोनों बार दोबारा सील करा दिए गए हैं। मामला कोर्ट में विचाराधीन है, जिसमें बार के लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी शामिल की गई है। - सैंथिल पांडियन सी, आबकारी कमिश्नर