Health: सर्दी में रखें दिल का ख्याल, लापरवाही बना देगी बीमार; डॉक्टरों ने दिए स्वस्थ रहने के सुझाव
बरेली समेत पूरा रुहेलखंड क्षेत्र कड़ाके की सर्दी और कोहरे की चपेट में है। ऐसे मौसम में थोड़ी सी भी लापरवाही बीमार बन सकती है। संवाद कार्यक्रम में बरेली के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सर्दी के मौसम में सेहत के प्रति सतर्कता बरतने के सुझाव दिए हैं।
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कड़ाके की ठंड में खानपान, पहनावे से लेकर सौंदर्य प्रसाधन और तमाम उपकरणों के प्रयोग के प्रति जागरूकता का अभाव सेहत पर भारी पड़ सकता है। बरेली के अमर उजाला कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित संवाद में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं के लिए सेहत संबंधी टिप्स दिए। कहा कि सर्दियों में बेपरवाही सर्दी, जुकाम समेत हार्ट अटैक तक की वजह बन सकती है।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. सुदीप सरन के मुताबिक, सर्दी में ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, थॉयराइड और सांस के मरीजों की तकलीफ बढ़ती है। फुल आस्तीन के कपड़ों से हाथ, पांव, पेट, पीठ ढक जाते हैं, लेकिन नाक, कान, गला और सिर खुला रहता है। इन्हीं अंगों को ढक लिया जाए तो कई रोग से बचाव होगा। फिजिशियन डॉ. जेके भाटिया ने जीवनशैली में बदलाव, डॉ. साहिदा अली ने शीतल पेय पदार्थ से दूरी, गर्म पानी, भोजन को जरूरी बताया।
डॉ. रूपल गुप्ता ने व्यायाम, योग का सुझाव दिया। न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मुकेश दुबे ने पानी के सेवन की बात कही। न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अंकुर गर्ग ने सर्वाइकल, मसल पेन से बचाव के लिए हाईनेक स्वेटर, फुल आस्तीन के कपड़े, पहनने के लिए कहा। पीडियाट्रिक डॉ. शशांक मिश्रा ने कहा कि टाइट स्वेटर पहनाकर बच्चों का ठंड से बचाव नहीं होता, बल्कि रोगों की आशंका रहती है।
- शयन कक्ष में वेंटिलेशन रहे। सूती वस्त्र के बाद स्वेटर पहनाएं।
- हीटर, ब्लोअर के आगे न लिटाएं। गुनगुना पानी और दूध पिलाएं।
- सिर, कान ढके रहें। बगैर कपूर के सिर्फ नारियल तेल से मालिश करें।
- पसीना होने पर गर्म कपड़े कम करें। बिना परामर्श दवाएं न दें।
- गर्भवती सर्दी से बचें ताकि गर्भस्थ शिशु प्रभावित न हों।
- सफाई का ध्यान रखें। ग्लिसरीन, सिंडेड साबुन लगाएं।
- मॉइश्चराइजिंग के लिए ज्यादा कॉस्मेटिक का प्रयोग न करें।
- पानी पीने में कोताही न बरतें। रात में बालों में तेल न लगाएं।
- घने कोहरे के बजाय मौसम सामान्य होने पर जॉगिंग करें।
- सोने से चार घंटे पूर्व पानी पिएं, ताकि वॉशरूम कम जाना पड़े।
- पौष्टिक भोजन और मौसमी फल खाएं।
- सोने से पूर्व हीटर, ब्लोअर बंद करें। अंगीठी, अलाव बुझाएं।
सामान्य सुझाव
- बाइक चलाते समय हेलमेट पहनें।
- शराब, सिगरेट से बचें।
- भोजन, समय प्रबंधन करें। फुल आस्तीन के स्वेटर पहनें।
- बीपी, डायबिटीज, थॉयराइड के मरीज डॉक्टर से परामर्श करें।
- रोजाना तीन-चार लीटर पानी पीएं।
- धूप का भरपूर लाभ लें।
- कान को ठंड से बचाने के लिए टोपी लगाकर ही निकलें।
- चेहरा ज्यादा देर तक सुन्न रहे तो इलाज में देर न करें।
- हृदयरोगी सावधान रहें। कोई दिक्कत हो तो डॉक्टर को दिखाएं।
- तिल-गुड़ के लड्डू, हल्दी मिला दूध, शहद का सेवन करें।
दांतों की सफाई में न बरतें लापरवाही
वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. अनूप आर्य के मुताबिक सर्दियों में देर से उठने और ठंडे पानी से गरारा से बचने की वजह से तमाम लोग दांतों की सफाई पर ध्यान नहीं देते। गंदे दांत से मुंह में बैक्टीरिया पनपते हैं। मुंह से बदबू आती है और रोगाणु पेट में पहुंचकर पाचन संबंधी समस्या की वजह बनते हैं। आईएमए यूपी के निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. रवीश अग्रवाल ने रॉड या ब्लोअर हीटर के बजाय ऑयल हीटर के प्रयोग पर जोर दिया। डॉ. स्पर्श पांडेय, डॉ. अनमोल अग्रवाल, डॉ. विवेक सक्सेना, डॉ. गायत्री सिंह, डॉ. मेघा टंडन ने भी बचाव के टिप्स दिए।