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होम्योपैथी से खत्म हुए संक्रमित रेडियोलॉजिस्ट के लक्षण
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Corona
- फोटो : Twitter
डॉ. मनीष ने कहा- कोरोना से घबराने के बजाय सतर्क रहने की जरूरत
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बरेली। कोरोना संक्रमण का शिकार होने के बाद अब स्वस्थ हो चुके रामपुर बाग के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. मनीष गोयल का कहना है कि कोरोना से घबराने के बजाय सजग और सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रवासियों की वजह से संक्रमण बढ़ रहा है लेकिन भीड़भाड़ वाली जगहों पर आपस में दूरी रखकर और मास्क लगाने की आदत के साथ सही इलाज संक्रमण से काफी हद तक बचा सकता है। उन्होंने होम्योपैथी को भी कोरोना के इलाज में कारगर बताया।
डॉ. मनीष ने बताया कि संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उन्हें जब मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया तब उनके अंदर कोरोना का कोई लक्षण नहीं था। संक्रमण बढ़ने से रोकने के लिए उन्हें आइसोलेशन वार्ड में आईसीएमआर के निर्देशों के मुताबिक दवाएं दी गईं लेकिन उन्होंने इसके साथ आयुर्वेदिक काढ़े का भी लगातार सेवन किया ताकि कोरोना वायरस के लक्षण उन पर हावी न हो पाएं। हालांकि इस सारी एहतियात के बाद भी 30 मई को उन्हें गले में खराश महसूस हुई तो लगा कि कोरोना संक्रमण के लक्षण उभरने शुरू हो गए हैं। इस पर उन्होंने फोन पर अपने एक सर्जन साथी से बात की तो उन्होंने उन्हें होम्योपैथी की मदद लेने का सुझाव दिया।
डॉ. मनीष ने बताया कि इसके बाद उन्होंने होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. विकास वर्मा से परामर्श लिया जिन्होंने कोरोना के लक्षणों को खत्म करने के लिए उनका इलाज शुरू कर दिया। होम्योपैथी की दवाओं का दो-तीन दिन में ही यह असर हुआ कि शरीर में बढ़ रहे संक्रमण के लक्षण पूरी तरह खत्म हो गए।
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डॉ. मनीष ने बताया कि संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उन्हें जब मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया तब उनके अंदर कोरोना का कोई लक्षण नहीं था। संक्रमण बढ़ने से रोकने के लिए उन्हें आइसोलेशन वार्ड में आईसीएमआर के निर्देशों के मुताबिक दवाएं दी गईं लेकिन उन्होंने इसके साथ आयुर्वेदिक काढ़े का भी लगातार सेवन किया ताकि कोरोना वायरस के लक्षण उन पर हावी न हो पाएं। हालांकि इस सारी एहतियात के बाद भी 30 मई को उन्हें गले में खराश महसूस हुई तो लगा कि कोरोना संक्रमण के लक्षण उभरने शुरू हो गए हैं। इस पर उन्होंने फोन पर अपने एक सर्जन साथी से बात की तो उन्होंने उन्हें होम्योपैथी की मदद लेने का सुझाव दिया।
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डॉ. मनीष ने बताया कि इसके बाद उन्होंने होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. विकास वर्मा से परामर्श लिया जिन्होंने कोरोना के लक्षणों को खत्म करने के लिए उनका इलाज शुरू कर दिया। होम्योपैथी की दवाओं का दो-तीन दिन में ही यह असर हुआ कि शरीर में बढ़ रहे संक्रमण के लक्षण पूरी तरह खत्म हो गए।
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