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सेटेलाइट फ्लाईओवर पूर्व मेयर डॉ. तोमर ने खड़े किए सवाल
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पुल टीशेप बनेगा!.. जाम बचाने के लिए या लगाने के लिए
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कमिश्नर को चिट्ठी लिखकर किया आगाह- और ज्यादा भयंकर जाम लगेगा टीशेप पुल बनने से
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, विधायक राजेश अग्रवाल और सेतु निगम को भी किया सचेत
बरेली। पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर ने सेटेलाइट फ्लाईओवर का डिजाइन बदलकर टीशेप करने की कोशिशों पर कमिश्नर को पत्र लिखकर आगाह किया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि अगर इस टू लेन पुल को टीशेप में बनाया गया तो जो जाम अभी सड़कों पर लग रहा है, उससे कहीं भीषण जाम पुल पर लगेगा और हादसे भी रोके नहीं रुकेंगे। पूर्व मेयर ने अपने पत्र के साथ एक डिजाइन भी कमिश्नर को भेजी है जिसमें बिंदुवार ढंग से समझाया गया है कि टीशेप पुल बनने के बाद यहां क्या समस्याएं आएंगी।
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सेटेलाइट फ्लाईओवर का मूल नक्शा टू लेन का है जो श्यामगंज की ओर से शाहजहांपुर की ओर जाने-आने वाले वाहनों के लिए बनाया गया है। कुछ समय पहले केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस पुल को टीशेप में बनवाकर एक लेन पीलीभीत रोड पर भी उतारने का आग्रह किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने भी सेतु निगम को केंद्रीय मंत्री के निर्देश के मुताबिक पुल का नया डिजाइन तैयार करने का निर्देश दे दिया। लेकिन अब पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर ने पुल को टीशेप बनाने की कोशिशों पर सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने कमिश्नर को लिखे पत्र में कहा है कि सेटेलाइट चौराहे पर स्वीकृत फ्लाईओवर दो लेन का है। इसको टी शेप में पीलीभीत रोड पर उतारना बिल्कुल जरूरी नहीं है। इससे स्थिति और ज्यादा खराब हो जाएगी और पुल एक्सीडेंट जोन बन जाएगा।
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नौ बिंदुओं पर ऐसे समझाया डिजाइन
लेन- 1 : श्यामगंज से फरीदपुर की ओर जाने के लिए 7.5 मीटर चौड़ा फ्लाईओवर निर्माणाधीन है। इस पुल पर फरीदपुर की ओर से श्यामगंज की ओर कोई वाहन नहीं आ सकेगा।
लेन- 2 : 7.5 मीटर चौड़े रोड से फरीदपुर की ओर से श्यामगंज की ओर आने वाले वाहन घोड़ा बटालियन रोड की ओर से सीधे जाएंगे।
लेन- 3 : 7.5 मीटर चौड़े रोड से फरीदपुर से पीलीभीत की ओर जाने वाले वाहन फ्लाईओवर के नीचे से मुड़कर लेन सात से होते हुए पीलीभीत की ओर जाएंगे।
लेन- 4 : 7.5 मीटर चौड़े रोड से श्यामगंज से पीलीभीत दिशा की ओर जाने वाले वाहन पुल के बराबर बनी हुई सर्विस रोड से जाएंगे।
लेन- 5 : 7.5 मीटर चौड़े रोड से पीलीभीत की ओर से आने वाले वाहन फरीदपुर की ओर मुड़कर जाएंगे।
लेन- 6 : 7.5 मीटर चौड़े रोड से पीलीभीत की ओर से श्यामगंज की और जाने वाले वाहन पुल के नीचे से मुड़कर जाएंगे।
फ्लाईओवर पर सिर्फ दो ट्रैफिक सिग्नल लाइट लगेंगी जो लेन तीन और लेन छह पर ट्रैफिक व्यवस्थित करेंगी।
टू लेन फ्लाईओवर पर संलग्न मानचित्र के अनुसार दिशासंकेत सूचक बोर्ड लगवा जाएंगे।
यदि इन बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद भी फ्लाईओवर को टी शेप बनाना जरूरी है तो इसे फोर लेन बनाना होगा। इसके साथ लेन तीन से 7.5 मीटर चौड़ा एक फ्लाईओवर निर्माणाधीन पलाईओवर के ऊपर कम से कम 12 मीटर उठाकर फ्लाईओवर से छह मीटर ऊंचा उठाकर पीलीभीत बाईपास पर उतारा जाए। फ्लाईओवर पर बीच में टी प्वाइंट बनाना बिल्कुल व्यवहारिक नहीं होगा।
विशेषज्ञ से भी करा लें जांच
डॉ. तोमर ने अपने प्रस्ताव पर मजबूती से सारे बिंदुओं का उल्लेख किया है। साथ ही कहा है कि अगर किसी बिंदु पर कोई शंका हो तो यातायात विशेषज्ञ से स्थलीय जांच कराकर दोबारा विचार करा लिया जाए। राजनीतिक दबाव में आकर टी शेप फ्लाईओवर बनाकर शासकीय धन का दुरुपयोग न किया जाए।
सेटेलाइट फ्लाईओवर अगर टी शेप में बनाया गया तो जो जाम सड़क पर लग रहा है, वह पुल के ऊपर लगेगा। सरकारी धन बर्बाद होगा फिर भी हादसे होंगे। मैंने कमिश्नर को पत्र लिखकर सुझाव दिया है। इसकी कॉपी केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, विधायक राजेश अग्रवाल और सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक को भी भेजी है। - डॉ. आईएस तोमर, पूर्व मेयर
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कमिश्नर को चिट्ठी लिखकर किया आगाह- और ज्यादा भयंकर जाम लगेगा टीशेप पुल बनने से
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, विधायक राजेश अग्रवाल और सेतु निगम को भी किया सचेत बरेली। पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर ने सेटेलाइट फ्लाईओवर का डिजाइन बदलकर टीशेप करने की कोशिशों पर कमिश्नर को पत्र लिखकर आगाह किया है। उन्होंने पत्र में कहा है कि अगर इस टू लेन पुल को टीशेप में बनाया गया तो जो जाम अभी सड़कों पर लग रहा है, उससे कहीं भीषण जाम पुल पर लगेगा और हादसे भी रोके नहीं रुकेंगे। पूर्व मेयर ने अपने पत्र के साथ एक डिजाइन भी कमिश्नर को भेजी है जिसमें बिंदुवार ढंग से समझाया गया है कि टीशेप पुल बनने के बाद यहां क्या समस्याएं आएंगी।
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सेटेलाइट फ्लाईओवर का मूल नक्शा टू लेन का है जो श्यामगंज की ओर से शाहजहांपुर की ओर जाने-आने वाले वाहनों के लिए बनाया गया है। कुछ समय पहले केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस पुल को टीशेप में बनवाकर एक लेन पीलीभीत रोड पर भी उतारने का आग्रह किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने भी सेतु निगम को केंद्रीय मंत्री के निर्देश के मुताबिक पुल का नया डिजाइन तैयार करने का निर्देश दे दिया। लेकिन अब पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर ने पुल को टीशेप बनाने की कोशिशों पर सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने कमिश्नर को लिखे पत्र में कहा है कि सेटेलाइट चौराहे पर स्वीकृत फ्लाईओवर दो लेन का है। इसको टी शेप में पीलीभीत रोड पर उतारना बिल्कुल जरूरी नहीं है। इससे स्थिति और ज्यादा खराब हो जाएगी और पुल एक्सीडेंट जोन बन जाएगा।
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नौ बिंदुओं पर ऐसे समझाया डिजाइन
लेन- 1 : श्यामगंज से फरीदपुर की ओर जाने के लिए 7.5 मीटर चौड़ा फ्लाईओवर निर्माणाधीन है। इस पुल पर फरीदपुर की ओर से श्यामगंज की ओर कोई वाहन नहीं आ सकेगा।
लेन- 2 : 7.5 मीटर चौड़े रोड से फरीदपुर की ओर से श्यामगंज की ओर आने वाले वाहन घोड़ा बटालियन रोड की ओर से सीधे जाएंगे।
लेन- 3 : 7.5 मीटर चौड़े रोड से फरीदपुर से पीलीभीत की ओर जाने वाले वाहन फ्लाईओवर के नीचे से मुड़कर लेन सात से होते हुए पीलीभीत की ओर जाएंगे।
लेन- 4 : 7.5 मीटर चौड़े रोड से श्यामगंज से पीलीभीत दिशा की ओर जाने वाले वाहन पुल के बराबर बनी हुई सर्विस रोड से जाएंगे।
लेन- 5 : 7.5 मीटर चौड़े रोड से पीलीभीत की ओर से आने वाले वाहन फरीदपुर की ओर मुड़कर जाएंगे।
लेन- 6 : 7.5 मीटर चौड़े रोड से पीलीभीत की ओर से श्यामगंज की और जाने वाले वाहन पुल के नीचे से मुड़कर जाएंगे।
फ्लाईओवर पर सिर्फ दो ट्रैफिक सिग्नल लाइट लगेंगी जो लेन तीन और लेन छह पर ट्रैफिक व्यवस्थित करेंगी।
टू लेन फ्लाईओवर पर संलग्न मानचित्र के अनुसार दिशासंकेत सूचक बोर्ड लगवा जाएंगे।
यदि इन बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद भी फ्लाईओवर को टी शेप बनाना जरूरी है तो इसे फोर लेन बनाना होगा। इसके साथ लेन तीन से 7.5 मीटर चौड़ा एक फ्लाईओवर निर्माणाधीन पलाईओवर के ऊपर कम से कम 12 मीटर उठाकर फ्लाईओवर से छह मीटर ऊंचा उठाकर पीलीभीत बाईपास पर उतारा जाए। फ्लाईओवर पर बीच में टी प्वाइंट बनाना बिल्कुल व्यवहारिक नहीं होगा।
विशेषज्ञ से भी करा लें जांच
डॉ. तोमर ने अपने प्रस्ताव पर मजबूती से सारे बिंदुओं का उल्लेख किया है। साथ ही कहा है कि अगर किसी बिंदु पर कोई शंका हो तो यातायात विशेषज्ञ से स्थलीय जांच कराकर दोबारा विचार करा लिया जाए। राजनीतिक दबाव में आकर टी शेप फ्लाईओवर बनाकर शासकीय धन का दुरुपयोग न किया जाए।
सेटेलाइट फ्लाईओवर अगर टी शेप में बनाया गया तो जो जाम सड़क पर लग रहा है, वह पुल के ऊपर लगेगा। सरकारी धन बर्बाद होगा फिर भी हादसे होंगे। मैंने कमिश्नर को पत्र लिखकर सुझाव दिया है। इसकी कॉपी केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, विधायक राजेश अग्रवाल और सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक को भी भेजी है। - डॉ. आईएस तोमर, पूर्व मेयर