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जेई का निलंबन
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बरेली। हर नए बिजली कनेक्शन पर पांच सौ रुपये मांगने वाले फरीदपुर सबस्टेशन पर तैनात जेई अश्वनी वर्मा को ऑडियो वायरल होने के बाद निलंबित कर दिया गया है। सबस्टेशन पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर और लाइनमैन पर भी कार्रवाई की गई है।
सोमवार को फरीदपुर बिजलीघर पर तैनात जेई अश्विनी वर्मा और लाइनमैन के बीच बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें जेई नए कनेक्शन के बदले ली गई रिश्वत में कम हिस्सा मिलने पर नाराजगी जता रहा था। ऑडियो में जेई कह रहा है कि उसे हर कनेक्शन पर 500 रुपये चाहिए। ऑडियो वायरल होने के बाद अधीक्षण अभियंता ग्रामीण ने मामले की जांच शुरू कराई। जेई के बयान भी लिए गए। प्रथमदृष्टया जांच में जेई के दोषी साबित होने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया।
सबस्टेशन पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर शिवम और लाइनमैन सोबरन सिंह पर भी कार्रवाई की गई है। दोनों पर वसूली के खेल में जेई का साथ देने का आरोप है। कंप्यूटर ऑपरेटर शिवम शर्मा को तत्काल काम से हटाने के साथ सोबरन सिंह को काम से हटाने के लिए ओरियन सिक्योरिटी सॉल्यूशन कंपनी को पत्र लिखा गया है।
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ग्रामीण क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता अशोक चौरसिया ने बताया ऑडियो प्रकरण की जांच के लिए कमेटी बनाई जा रही है। कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी। निलंबन अवधि में जेई अधिशासी अभियंता द्वितीय के कार्यालय में संबद्ध रहेगा।
जेई संगठन ने ऑडियो को बताया फर्जी
जेई संगठन वायरल ऑडियो को फर्जी बताते हुए निलंबित जेई अश्विनी वर्मा के समर्थन में खड़ा हो गया है। संगठन भवन में बुधवार को हुई आपात बैठक में जेई के निलंबन को अनैतिक बताकर इसका विरोध किया गया। संगठन ने शिकायतें न सुनने और न्यूनतम संसाधन उपलब्ध न कराने को मुद्दा बनाते हुए अधीक्षण अभियंता की बैठकों और वीडियो कान्फ्रेसिंग का बहिष्कार करने का एलान भी कर दिया। जेई संगठन के जिलाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि संगठन भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करता मगर जेई अश्विनी वर्मा के निलंबन से पहले विस्तृत जांच कराई जानी चाहिए थी।
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सोमवार को फरीदपुर बिजलीघर पर तैनात जेई अश्विनी वर्मा और लाइनमैन के बीच बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें जेई नए कनेक्शन के बदले ली गई रिश्वत में कम हिस्सा मिलने पर नाराजगी जता रहा था। ऑडियो में जेई कह रहा है कि उसे हर कनेक्शन पर 500 रुपये चाहिए। ऑडियो वायरल होने के बाद अधीक्षण अभियंता ग्रामीण ने मामले की जांच शुरू कराई। जेई के बयान भी लिए गए। प्रथमदृष्टया जांच में जेई के दोषी साबित होने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया।
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सबस्टेशन पर तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर शिवम और लाइनमैन सोबरन सिंह पर भी कार्रवाई की गई है। दोनों पर वसूली के खेल में जेई का साथ देने का आरोप है। कंप्यूटर ऑपरेटर शिवम शर्मा को तत्काल काम से हटाने के साथ सोबरन सिंह को काम से हटाने के लिए ओरियन सिक्योरिटी सॉल्यूशन कंपनी को पत्र लिखा गया है।
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ग्रामीण क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता अशोक चौरसिया ने बताया ऑडियो प्रकरण की जांच के लिए कमेटी बनाई जा रही है। कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी। निलंबन अवधि में जेई अधिशासी अभियंता द्वितीय के कार्यालय में संबद्ध रहेगा।
जेई संगठन ने ऑडियो को बताया फर्जी
जेई संगठन वायरल ऑडियो को फर्जी बताते हुए निलंबित जेई अश्विनी वर्मा के समर्थन में खड़ा हो गया है। संगठन भवन में बुधवार को हुई आपात बैठक में जेई के निलंबन को अनैतिक बताकर इसका विरोध किया गया। संगठन ने शिकायतें न सुनने और न्यूनतम संसाधन उपलब्ध न कराने को मुद्दा बनाते हुए अधीक्षण अभियंता की बैठकों और वीडियो कान्फ्रेसिंग का बहिष्कार करने का एलान भी कर दिया। जेई संगठन के जिलाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि संगठन भ्रष्टाचार का समर्थन नहीं करता मगर जेई अश्विनी वर्मा के निलंबन से पहले विस्तृत जांच कराई जानी चाहिए थी।