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Bareilly News: निलंबन ने खोली निबंधन कार्यालय में भ्रष्टाचार की परत
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निबंधन कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार शासन की कार्रवाई के बाद खुलकर सामने आ गया। उप निबंधक सदर प्रथम रवि प्रकाश वर्मा समेत तीन के निलंबन के बाद कैंट थाना क्षेत्र के नकटिया स्थित हिम्मत कोल्ड स्टोरेज की जमीन की रजिस्ट्री से जुड़ा मामला फिर चर्चा में आ गया। कार्रवाई की जद में आए तीनों कर्मियों ने करीब 30 करोड़ की 20 बीघा जमीन की रजिस्ट्री में नियम ताक पर रख दिए थे।
मॉडल टाउन निवासी विम्मी मदान ने कैंट थाने में उप निबंधक सदर प्रथम रवि प्रकाश वर्मा, कनिष्ठ सहायक तोषक राजन राजपूत व तत्कालीन कनिष्ठ सहायक शिवम मिश्रा समेत 14 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इन पर फर्जी दस्तावेज के जरिये उनकी 20 बीघा जमीन की रजिस्ट्री करने का आरोप था।
इस मामले की शिकायत उन्होंने स्टांप एवं पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल से भी की। इसके अलावा, मुख्यमंत्री कार्यालय में भी शिकायती पत्र भेजा। इसके बाद उप महानिरीक्षक निबंधन अयोध्या मंडल व उप महानिरीक्षक मुरादाबाद मंडल को जांच सौंपी गई। इनकी जांच में पता चला कि फर्जी दस्तावेज के जरिये रजिस्ट्री की गई। रजिस्ट्री में जिन लोगों का जिक्र है, उनके पूरे दस्तावेज भी नहीं लगाए गए। रजिस्ट्री पर विक्रेता के हस्ताक्षर भी नहीं मिले।
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विम्मी मदान ने फोन कॉल पर हुई बातचीत में बताया कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी 28 अप्रैल 2023 को सहायक महानिरीक्षक निबंधन तेज सिंह यादव को भी दी थी। इसके बाद भी जालसाज उनकी जमीन पर प्लाटिंग करके रजिस्ट्री कराते रहे।
सीएम कार्यालय और मंत्री के हस्तक्षेप के बाद भी निबंधन कार्यालय की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए। शुक्रवार को महानिदेशक निबंधन नेहा शर्मा ने उपनिबंधक सदर प्रथम रवि प्रकाश वर्मा, कनिष्ठ सहायक तोषक राजन राजपूत व तत्कालीन कनिष्ठ सहायक शिवम मिश्रा को अनियमितता व लापरवाही के आरोप में निलंबित किया था। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में निबंधन कार्यालय के कुछ और लोग भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
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मॉडल टाउन निवासी विम्मी मदान ने कैंट थाने में उप निबंधक सदर प्रथम रवि प्रकाश वर्मा, कनिष्ठ सहायक तोषक राजन राजपूत व तत्कालीन कनिष्ठ सहायक शिवम मिश्रा समेत 14 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इन पर फर्जी दस्तावेज के जरिये उनकी 20 बीघा जमीन की रजिस्ट्री करने का आरोप था।
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इस मामले की शिकायत उन्होंने स्टांप एवं पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल से भी की। इसके अलावा, मुख्यमंत्री कार्यालय में भी शिकायती पत्र भेजा। इसके बाद उप महानिरीक्षक निबंधन अयोध्या मंडल व उप महानिरीक्षक मुरादाबाद मंडल को जांच सौंपी गई। इनकी जांच में पता चला कि फर्जी दस्तावेज के जरिये रजिस्ट्री की गई। रजिस्ट्री में जिन लोगों का जिक्र है, उनके पूरे दस्तावेज भी नहीं लगाए गए। रजिस्ट्री पर विक्रेता के हस्ताक्षर भी नहीं मिले।
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विम्मी मदान ने फोन कॉल पर हुई बातचीत में बताया कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी 28 अप्रैल 2023 को सहायक महानिरीक्षक निबंधन तेज सिंह यादव को भी दी थी। इसके बाद भी जालसाज उनकी जमीन पर प्लाटिंग करके रजिस्ट्री कराते रहे।
सीएम कार्यालय और मंत्री के हस्तक्षेप के बाद भी निबंधन कार्यालय की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए। शुक्रवार को महानिदेशक निबंधन नेहा शर्मा ने उपनिबंधक सदर प्रथम रवि प्रकाश वर्मा, कनिष्ठ सहायक तोषक राजन राजपूत व तत्कालीन कनिष्ठ सहायक शिवम मिश्रा को अनियमितता व लापरवाही के आरोप में निलंबित किया था। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में निबंधन कार्यालय के कुछ और लोग भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।