Bareilly News: नीलू फार्मा के अवैध गोदाम पर छापा, 4.20 लाख रुपये की संदिग्ध दवाएं जब्त
बरेली में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। टीम ने नीलू फार्मा के अवैध गोदाम पर छापा मारा, यहां से भारी मात्रा संदिग्ध दवाएं बरामद हुई हैं। इन दवाओं को जब्त कर लिया गया है।
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सहायक आयुक्त (औषधि) संदीप कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर उन्होंने औषधि निरीक्षक राजेश कुमार और अनामिका अंकुर जैन को जांच के लिए भेजा था। दोनों औषधि निरीक्षकों ने काफी देर तक नीलू फार्मा की जांच की। वहां जांच के दौरान फर्म मालिक सत्यभान गुप्ता से गोदाम के बारे में कई बार पूछा गया, लेकिन वह इन्कार करता रहा। टीम ने सख्ती की तो वह दबाव में आ गया। तब उसने गोदाम के बारे में बताया।
बिना लाइसेंस के चल रहा था गोदाम
टीम गोदाम पर पहुंची तो वहां कई पेटियों में विभिन्न तरह की संदिग्ध दवाएं रखी थीं। दो-तीन पेटियों में आयुर्वेदिक दवाएं भी मिलीं। इसके बावजूद फर्म मालिक लाइसेंस होने का दावा कर रहा था, पर काफी देर तक लाइसेंस दिखा नहीं पाया। अधिकारियों की सख्ती की तो उसने स्वीकार कर लिया कि उसके पास गोदाम का लाइसेंस नहीं है। सहायक आयुक्त ने अवैध रूप से भंडारित एलोपैथिक औषधियों की कीमत लगभग 4.20 लाख रुपये बताई है। हेपा-मर्ज इंफ्यूजन, लेब मॉक्स 250 कैप्सूल, ओम्नाकोर्टिल सॉल्यूशन और मेडिसैलिक ऑइंटमेंट क्रीम के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
प्रतिष्ठान पर मिली कोडीन कफ सिरप
औषधि निरीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि नीलू फार्मा से 30-35 बोतल कोडीन कफ सिरप भी मिली हैं। प्रतिष्ठान के निरीक्षण और गोदाम की कार्रवाई की रिपोर्ट अलग-अलग बना रहे हैं। दोनों मामलों में कारोबारी को नोटिस जारी किया जा रहा है।
सहायक आयुक्त (औषधि) संदीप कुमार ने बताया कि सैंपलों की जांच रिपोर्ट मिलने और विवेचना पूर्ण होने के बाद सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल करेंगे। इसके व्यापारिक प्रतिष्ठान पर भी कोडीन कफ सिरप मिली है। अन्य दवाओं का रख-रखाव उचित नहीं मिला है। प्रारंभिक तौर पर नोटिस जारी कर रहे हैं।
अन्य अवैध गोदामों की भी शुरू हुई तलाश
सहायक आयुक्त औषधि संदीप कुमार ने कहा कि नीलू फार्मा की तरह अन्य कारोबारियों के भी गोदामों और उसके लाइसेंस को जांचा जा रहा है, जिन्होंने बिना लाइसेंस अवैध रूप से औषधियों का भंडारण कर रखा है। ऐसे अवैध गोदामों को चिह्नित कर कार्रवाई के लिए भी उन्होंने औषधि निरीक्षकों को निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि कोई भी दवा कारोबारी अवैध रूप से दवाओं का भंडारण न करे, या फिर इसके लिए विभाग से लाइसेंस प्राप्त कर ले। जिनके लाइसेंस की अवधि समाप्त हो गई है या होने वाली है, वह अपने लाइसेंस नवीनीकरण करा लें।