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आशंका : वाष्प निकालने के बाद वॉल्व बंद करने में हुई अनदेखी
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बरेली। बायो गैस प्लांट हादसे में कर्मचारी की मौत के मामले में डीएम की ओर से गठित टीम शनिवार को मौके पर पहुंची। प्रबंधन के बयान दर्ज किए। प्रबंधन की ओर से कहा गया कि ठेके पर प्लांट का निर्माण हो रहा है। इसमें उनका कोई योगदान नहीं। वहीं, निर्माण करा रही संस्था ने तकनीकी अनदेखी की वजह से हादसा होने की बात कही है। वाष्प निकालने के बाद वॉल्व बंद न होने से गैस लीक होने की आशंका जताई जा रही है।
प्लांट में गोबर व अन्य सामग्री डालने पर गैस और वाष्प निकलती है। भारी होने की वजह से वाष्प नीचे और गैस ऊपर होती है। गैस से पहले नमी को निकालना पड़ता है। आशंका जताई कि ऑपरेटर रिशू ने नमी निकालने के लिए वॉल्व खोला पर बाद में उसे बंद नहीं किया होगा। इसी वजह से गैस लीक हुई होगी। हालांकि, प्रकरण की जांच अभी चल रही है।
सोमवार को एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में प्रबंधन और जांच अधिकारी आमने-सामने होंगे। प्रबंधन को सभी दस्तावेजों समेत और जांच अधिकारी को प्राथमिक जांच रिपोर्ट के साथ बुलाया गया है। मौके पर अफसर रिपोर्ट तैयार कर सौंप देंगे।
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टीम ने प्रबंधन और कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों के साथ पूरे प्लांट का निरीक्षण किया। हादसे की जगह भी देखी। इस दौरान प्लांट परिसर में आवाजाही बंद कर दी गई थी। पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। प्रबंधन से प्लांट के रिकॉर्ड मांगे। कुछ रिकॉर्ड मिले और कुछ रिकॉर्ड सोमवार को देने के लिए कहा है।
बिथरी के भोजपुर रामनाथ गांव में निर्माणाधीन बायो गैस प्लांट में चार दिन पहले गैस लीक हो गई थी। इसमें ऑपरेटर रिशू की मौत हो गई थी और चार लोग बेहोश हो गए थे। छत से कूदने की वजह से आसिफ उर्फ आरिफ के पैर की हड्डी टूट गई थी। प्रकरण की जांच के लिए डीएम ने प्रशिक्षु डिप्टी कलक्टर रिपुदमन सिंह की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच टीम बनाई गई थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने बृहस्पतिवार को प्लांट का निरीक्षण किया था।
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प्लांट में गोबर व अन्य सामग्री डालने पर गैस और वाष्प निकलती है। भारी होने की वजह से वाष्प नीचे और गैस ऊपर होती है। गैस से पहले नमी को निकालना पड़ता है। आशंका जताई कि ऑपरेटर रिशू ने नमी निकालने के लिए वॉल्व खोला पर बाद में उसे बंद नहीं किया होगा। इसी वजह से गैस लीक हुई होगी। हालांकि, प्रकरण की जांच अभी चल रही है।
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सोमवार को एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में प्रबंधन और जांच अधिकारी आमने-सामने होंगे। प्रबंधन को सभी दस्तावेजों समेत और जांच अधिकारी को प्राथमिक जांच रिपोर्ट के साथ बुलाया गया है। मौके पर अफसर रिपोर्ट तैयार कर सौंप देंगे।
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टीम ने प्रबंधन और कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों के साथ पूरे प्लांट का निरीक्षण किया। हादसे की जगह भी देखी। इस दौरान प्लांट परिसर में आवाजाही बंद कर दी गई थी। पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। प्रबंधन से प्लांट के रिकॉर्ड मांगे। कुछ रिकॉर्ड मिले और कुछ रिकॉर्ड सोमवार को देने के लिए कहा है।
बिथरी के भोजपुर रामनाथ गांव में निर्माणाधीन बायो गैस प्लांट में चार दिन पहले गैस लीक हो गई थी। इसमें ऑपरेटर रिशू की मौत हो गई थी और चार लोग बेहोश हो गए थे। छत से कूदने की वजह से आसिफ उर्फ आरिफ के पैर की हड्डी टूट गई थी। प्रकरण की जांच के लिए डीएम ने प्रशिक्षु डिप्टी कलक्टर रिपुदमन सिंह की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच टीम बनाई गई थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने बृहस्पतिवार को प्लांट का निरीक्षण किया था।