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Bareilly News: फॉर्म में बदल जाते हैं विषय, सुधार भी नहीं होता

Tue, 21 Apr 2026 02:50 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Tue, 21 Apr 2026 02:50 AM IST
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Subjects change in the form, no corrections are made.
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में परीक्षा और परिणाम संबंधी समस्याओं को लेकर सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान मौजूद विद्यार्थियों ने परीक्षा नियंत्रक को समस्याओं का जिम्मेदार ठहराया। जमकर नारेबाजी भी की गई।
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चंदौसी, शाहजहांपुर, बदायूं के भी विद्यार्थी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि घोषित परिणामों में कई विद्यार्थियों को सह-पाठ्यक्रम विषयों में बैक मिली है। उन्हें एकसमान अंक दिए गए हैं।
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कहा कि परीक्षा फॉर्म भरते समय चुने गए विषयों में अपने आप बदलाव हो जाता है। सुधार भी नहीं हो पा रहा। इसके चलते गलत विषय की परीक्षा देनी पड़ती है। स्नातक में एक सेमेस्टर की परीक्षा फीस लगभग 1500 रुपये होती है, जबकि दो-तीन विषयों में बैक आने पर 3000 रुपये तक शुल्क देना पड़ता है।
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गिनाईं तकनीकी और शुल्क संबंधी समस्याएं

विद्यार्थी परिषद ने पहले भी प्रोविजनल डिग्री और माइग्रेशन सर्टिफिकेट की बढ़ी हुई फीस का विरोध किया था, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया। परीक्षा फॉर्म भरते समय सर्वर धीमा चलने, फॉर्म अपने आप लॉक हो जाने और वोकेशनल विषयों के बदल जाने जैसी तकनीकी समस्याएं आती हैं। इन समस्याओं के कारण विद्यार्थियों को बार-बार कॉलेज और विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

परीक्षा नियंत्रक बोले मेरे हाथ में कुछ नहीं
प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक के गेट तक परीक्षा नियंत्रक संजीव अग्रवाल पहुंच गए। इस दौरान एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने उनका घेराव कर सवालों की बौछार कर दी। इस पर परीक्षा नियंत्रक बोले कि उनके हाथ में कुछ नहीं है। केवल आदेशों का पालन करते हैं। इस पर प्रांत संगठन मंत्री आनंद कठेरिया ने कहा कि जब आपके हाथ में कुछ नहीं तो आपको ज्ञापन नहीं देंगे। इस दौरान कुलसचिव भी उनके साथ रहे, लेकिन ज्ञापन उन्हें भी नहीं दिया गया। सुरक्षा प्रभारी सुधांशु ने एबीवीपी के जिला मंत्री विकास गोला की बात कुलपति प्रो. केपी सिंह से कराई। इस दौरान बताया गया कि प्रो. केपी सिंह अपने चाचा का देहांत हो जाने की वजह से घर गए हैं। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन दिया।

व्यथा बताते हुए रो पड़ी छात्रा, एक बेहोश
गन्ना उत्पादक महाविद्यालय बहेड़ी में बीए की छात्रा दीपिका गंगवार ने बताया कि उनकी पिछले चार सेमेस्टर में कभी बैक नहीं आई। इस बार तीन विषयों में 75 में से 6 व 8 अंक दिए जबकि हर इंटर्नल में वह उत्तीर्ण है। व्यथा बताते हुए छात्रा रो पड़ी। कहा कि सिलाई करके वह पढ़ाई का खर्च उठाती है। अब बैक परीक्षा के लिए रुपये कहां से लाएगी। चंदोसी के एनकेबीएमजी कॉलेज के पांचवें सेमेस्टर में बैक की शिकायत लेकर आई छात्रा अचानक बेहोश हो गई। उसकी सहपाठियों ने बताया कि हम सुबह 6:30 बजे बिना कुछ खाए-पीये ही घर से निकले गए थे।
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