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सुभाषनगर, राजेंद्रनगर और सेटेलाइट पर हो स्मार्ट सिटी का काम
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sat, 23 Apr 2016 12:45 AM IST
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रामगंगा नगर के पास स्मार्ट सिटी बसाने का प्लान फ्लॉप होता दिख रहा है। शहर के लोग इस पर अब सहमत नहीं हैं। शुक्रवार डॉक्टरों से बात हुई तो उनकी भी राय थी कि रेट्रोफिटिंग ही बेहतर है। नया शहर बसाने में पैसा भी ज्यादा खर्च होगा और जिनसे जमीन लेनी है उनको सहमत कर पाना कठिन है। समय की बर्बादी अलग से होगी। इसलिए रेट्रोफिटिंग पर ही जोर दिया जाए। इस काम के लिए सेटेलाइट से पीलीभीत बाईपास चुंगी तक या फिर सुभाषनगर- मढ़ीनाथ और राजेंद्रनगर इलाकों को चुन सकते हैं।
सिटीजन कंसलटेंशन राउंड दो के तहत नगर आयुक्त शीलधर यादव ने आईएमए पदाधिकारियों को बताया कि रेट्रोफिटिंग के लिए 500 एकड़ क्षेत्र की जरूरत है। जहां लगभग सुविधाएं पहले से होंगी, कुछ परिवर्तन कर स्मार्ट बनाने की कोशिश होगी। यह वर्ल्ड क्लास स्मार्ट सिटी कहलाएगी। पुनर्निर्माण में एक क्षेत्र को चिह्नित कर उसका ध्वस्तीकरण करना होगा, तब वहां शहर बसेगा। ऐसा मुंबई के भिंडी बाजार और दिल्ली के एक क्षेत्र को किया गया है। डॉक्टराें का कहना है कि पुनर्निर्माण मुश्किल है, इसलिए रेट्रोफिटिंग पर काम करना ठीक रहेगा। तय समय में काम हो जाएगा।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. रवीश अग्रवाल ने बताया कि सेटेलाइट से पीलीभीत बाईपास चुंगी तक रूहेलखंड विवि साइड पर 500 एकड़ क्षेत्र रेट्रोफिटिंग के लिए ले सकते हैं। मेयर डॉ. आईएस तोमर व डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी ने कहा कि यहां रूहेलखंड विवि अपने आप में बड़ा है, यहां कई सुविधाएं पहले से हैं और दी जाएंगी तो कम समय में परिणाम सामने होगा। डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने राजेंद्रनगर को रेट्रोफिटिंग के लिए बेहतर बताया, डॉ. पवन अग्रवाल ने सुभाषनगर व मढ़ीनाथ को। अब इस पर सभी डॉक्टर अपने- अपने सुझाव देंगे।
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इन सुविधाआें की जरूरत
सीवर, सीवर ट्रीटमेंट प्लांट, साफ पानी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पार्किं ग, फुटपाथ, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, बिजली, आईटी कनेक्टिविटी, स्मार्ट मीटरिंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट, लैंड स्कैपिंग, स्पेस का इस्तेमाल, सुरक्षा, हरियाली व अन्य।
- ये डॉक्टर रहे शामिल
आईएमए अध्यक्ष डॉ. रवीश अग्रवाल, सचिव डॉ. डीपी गंगवार, डॉ. विमल भारद्वाज, डॉ. राघवेंद्र शर्मा, डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी, डॉ. रवि खन्ना, डॉ. पवन अग्रवाल, डॉ. राजीव गोयल, डॉ. अनूप आर्या।
‘डॉक्टरों से चर्चा हुई। उनको फार्मेट दे दिए गए हैं। रेट्रोफिटिंग पर ही डॉक्टराें की रुचि दिख रही है। अब शहर का कौन सा हिस्सा लेना है इस पर वे राय देंगे।’
डॉ. आईएस तोमर, मेयर
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सिटीजन कंसलटेंशन राउंड दो के तहत नगर आयुक्त शीलधर यादव ने आईएमए पदाधिकारियों को बताया कि रेट्रोफिटिंग के लिए 500 एकड़ क्षेत्र की जरूरत है। जहां लगभग सुविधाएं पहले से होंगी, कुछ परिवर्तन कर स्मार्ट बनाने की कोशिश होगी। यह वर्ल्ड क्लास स्मार्ट सिटी कहलाएगी। पुनर्निर्माण में एक क्षेत्र को चिह्नित कर उसका ध्वस्तीकरण करना होगा, तब वहां शहर बसेगा। ऐसा मुंबई के भिंडी बाजार और दिल्ली के एक क्षेत्र को किया गया है। डॉक्टराें का कहना है कि पुनर्निर्माण मुश्किल है, इसलिए रेट्रोफिटिंग पर काम करना ठीक रहेगा। तय समय में काम हो जाएगा।
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आईएमए अध्यक्ष डॉ. रवीश अग्रवाल ने बताया कि सेटेलाइट से पीलीभीत बाईपास चुंगी तक रूहेलखंड विवि साइड पर 500 एकड़ क्षेत्र रेट्रोफिटिंग के लिए ले सकते हैं। मेयर डॉ. आईएस तोमर व डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी ने कहा कि यहां रूहेलखंड विवि अपने आप में बड़ा है, यहां कई सुविधाएं पहले से हैं और दी जाएंगी तो कम समय में परिणाम सामने होगा। डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने राजेंद्रनगर को रेट्रोफिटिंग के लिए बेहतर बताया, डॉ. पवन अग्रवाल ने सुभाषनगर व मढ़ीनाथ को। अब इस पर सभी डॉक्टर अपने- अपने सुझाव देंगे।
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इन सुविधाआें की जरूरत
सीवर, सीवर ट्रीटमेंट प्लांट, साफ पानी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, पार्किं ग, फुटपाथ, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, बिजली, आईटी कनेक्टिविटी, स्मार्ट मीटरिंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट, लैंड स्कैपिंग, स्पेस का इस्तेमाल, सुरक्षा, हरियाली व अन्य।
- ये डॉक्टर रहे शामिल
आईएमए अध्यक्ष डॉ. रवीश अग्रवाल, सचिव डॉ. डीपी गंगवार, डॉ. विमल भारद्वाज, डॉ. राघवेंद्र शर्मा, डॉ. प्रमेंद्र माहेश्वरी, डॉ. रवि खन्ना, डॉ. पवन अग्रवाल, डॉ. राजीव गोयल, डॉ. अनूप आर्या।
‘डॉक्टरों से चर्चा हुई। उनको फार्मेट दे दिए गए हैं। रेट्रोफिटिंग पर ही डॉक्टराें की रुचि दिख रही है। अब शहर का कौन सा हिस्सा लेना है इस पर वे राय देंगे।’
डॉ. आईएस तोमर, मेयर