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हॉटस्पॉट की बेजा बंदिशें हटीं तो खुशी से झूमे सुभाषनगर वाले
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सुभाष नगर में हॉटस्पॉट हटने के बाद लोगों को आंशिक आजादी का एहसास हुआ।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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कहा- लॉकडाउन का करेंगे पूरी तरह पालन, नहीं घूमेंगे बेवजह
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दोपहर बाद तक सख्ती जारी रही, शाम को पुलिस हुई कुछ नरम
बरेली। हॉटस्पॉट की बंदिशें खत्म होने के बाद सुभाषनगर वालों को आजादी मिलने जैसा सुकून मिला है। हालांकि पूरे दिन पुलिस का पहरा रहा। लोगों के बाहर निकले पर सख्ती की गई, लेकिन शाम को पिकेट हटने पर राहत मिली तो लोग सहज नजर आए। उन्होंने घरों पर ही किसी न किसी बहाने खुशी का इजहार किया। किसी घर में विशेष पकवान बने तो किसी ने पूजा पाठ में समय बिताया। अमर उजाला ने यहां अलग-अलग वर्ग के लोगों से बात की तो सभी ने पहरा हटने पर खुशी जताई। हालांकि यह भी कहा कि वे लोग लॉकडाउन के नियमों का पूरी तरह पालन करेंगे और बेवजह सड़कों पर नहीं घूमेंगे।
लोगों को पहले से पता था कि 26 अप्रैल को हॉटस्पॉट खत्म हो जाएगा और सील इलाका खुल जाएगा, इसलिए सुबह के वक्त कुछ लोग बाहर निकल आए, लेकिन पुलिस ने सख्ती करके उन्हें घर भेज दिया। शाम को राहत मिली है, इससे लोगों को काफी अच्छा लग रहा है। - हरप्रीत सिंह नरुला, इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसायी
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हॉटस्पॉट की वजह से स्थानीय लोगों को इलाज तक नहीं मिल पा रहा था। दो बच्चों की तो मौत भी हो गई। हॉटस्पॉट होने की वजह से सुभाषनगर के किसी और बीमारी से पीड़ित लोगों को भी इलाज देने में आनाकानी की जाती थी। अब यह समस्या नहीं रहेगी। - ओमपाल, प्राइवेट हेल्थवर्कर
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जरूरत का सामान तो बंदिशों में भी मिल रहा था पर वैरायटी खत्म हो गई थी। पहरा हटने के बाद बाहर से भी लोग सामान ला सकेंगे। यह सही रहा। - खुशी सक्सेना, गृहणी
सरकार ने बेहतर व्यवस्था की है, अब लोगों को खुद संभलने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही लोगों को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। हम तो पूरी तरह लॉकडाउन का पालन करेंगे। - निशा माथुर
लॉकडाउन में सरकार ने जो सहूलियत भोजन व राशन के रूप में दीं वह सही जगह नहीं पहुंच रहीं। इस पर प्रशासन को निगरानी रखनी चाहिए। सुभाष नगर में भी यही हाल है। - कन्हैया तिवारी, सराफा व्यवसायी
सुभाषनगर में अब जरूरत के सामान की दुकानें खुल सकेंगी। स्थानीय लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी। अभी तक तो घरों से निकलना दुश्वार था। शारीरिक दूरी का दायरा बनाकर लोग निकल सकेंगे। - सुरेंद्र पाल, किराना दुकानदार
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दोपहर बाद तक सख्ती जारी रही, शाम को पुलिस हुई कुछ नरम बरेली। हॉटस्पॉट की बंदिशें खत्म होने के बाद सुभाषनगर वालों को आजादी मिलने जैसा सुकून मिला है। हालांकि पूरे दिन पुलिस का पहरा रहा। लोगों के बाहर निकले पर सख्ती की गई, लेकिन शाम को पिकेट हटने पर राहत मिली तो लोग सहज नजर आए। उन्होंने घरों पर ही किसी न किसी बहाने खुशी का इजहार किया। किसी घर में विशेष पकवान बने तो किसी ने पूजा पाठ में समय बिताया। अमर उजाला ने यहां अलग-अलग वर्ग के लोगों से बात की तो सभी ने पहरा हटने पर खुशी जताई। हालांकि यह भी कहा कि वे लोग लॉकडाउन के नियमों का पूरी तरह पालन करेंगे और बेवजह सड़कों पर नहीं घूमेंगे।
लोगों को पहले से पता था कि 26 अप्रैल को हॉटस्पॉट खत्म हो जाएगा और सील इलाका खुल जाएगा, इसलिए सुबह के वक्त कुछ लोग बाहर निकल आए, लेकिन पुलिस ने सख्ती करके उन्हें घर भेज दिया। शाम को राहत मिली है, इससे लोगों को काफी अच्छा लग रहा है। - हरप्रीत सिंह नरुला, इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसायी
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हॉटस्पॉट की वजह से स्थानीय लोगों को इलाज तक नहीं मिल पा रहा था। दो बच्चों की तो मौत भी हो गई। हॉटस्पॉट होने की वजह से सुभाषनगर के किसी और बीमारी से पीड़ित लोगों को भी इलाज देने में आनाकानी की जाती थी। अब यह समस्या नहीं रहेगी। - ओमपाल, प्राइवेट हेल्थवर्करविज्ञापन विज्ञापन
जरूरत का सामान तो बंदिशों में भी मिल रहा था पर वैरायटी खत्म हो गई थी। पहरा हटने के बाद बाहर से भी लोग सामान ला सकेंगे। यह सही रहा। - खुशी सक्सेना, गृहणी
सरकार ने बेहतर व्यवस्था की है, अब लोगों को खुद संभलने की जरूरत है। जरा सी लापरवाही लोगों को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। हम तो पूरी तरह लॉकडाउन का पालन करेंगे। - निशा माथुर
लॉकडाउन में सरकार ने जो सहूलियत भोजन व राशन के रूप में दीं वह सही जगह नहीं पहुंच रहीं। इस पर प्रशासन को निगरानी रखनी चाहिए। सुभाष नगर में भी यही हाल है। - कन्हैया तिवारी, सराफा व्यवसायी
सुभाषनगर में अब जरूरत के सामान की दुकानें खुल सकेंगी। स्थानीय लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी। अभी तक तो घरों से निकलना दुश्वार था। शारीरिक दूरी का दायरा बनाकर लोग निकल सकेंगे। - सुरेंद्र पाल, किराना दुकानदार