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दरोगा सुसाइड मामला: जांच में खुला ऐसा राज, हैरत में पड़ी पुलिस

Wed, 28 Nov 2018 04:10 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 28 Nov 2018 04:10 AM IST
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sub inspector suicide case big Revealing in police investigation
मृतक दारोगा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
दरोगा सत्यवीर सिंह त्यागी के सुसाइड नोट में थाना बारादरी के मालखाने से नोटबंदी के दौरान जब्त किए गए पांच सौ और हजार के नोट और जुए-सट्टे के मामलों में पकड़े गए कैश के ही गायब होने का जिक्र है, लेकिन अफसर इस पर मुतमईन नहीं हैं। 
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चूंकि मालखाने में वर्ष 2011 से 2017 के बीच ही जमा हुए आठ सौ से ज्यादा माल के पुलिंदे थे, इसलिए आशंका जताई जा रही है कि होमगार्ड वेदप्रकाश ने यहां रखा और भी कीमती माल पार किया हो सकता है। इसी आशंका के चलते मालखाने के चार कमरों को सील करवा दिया गया है। डीएम और एसएसपी की ओर से गठित समिति ही अब इन कमरों को खोलकर जांच करेगी कि वहां से और क्या-क्या गायब है।
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मालखाने की शुरुआती जांच में पता चला है कि माल के कई पुलिंदों की सील तोड़कर उनमें रखी करेंसी निकाल ली गई और उसकी जगह पर नकली नोट या अखबार की कतरन रखकर उन पर दोबारा सील भी लगा दी गई ताकि गड़बड़ी मालखाने में ही दफन रहे। इसके बावजूद यह करतूत इसलिए खुल गई क्योंकि जल्दबाजी में तीन माल के पुलिंदों पर ठीक से सील नहीं लग पाई। 
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इन पुलिंदों की सील टूटी मिलने के बाद ही दरोगा सत्यवीर सिंह त्यागी को माल गायब होने का शक हुआ था। थाने के स्टाफ ने बताया कि सत्यवीर कई दिनों से रोजाना कई-कई घंटे मालखाने के कमरों में ही बिताने लगे थे। हेड मोहर्रिर बलराम के मुताबिक स्टाफ को यही लगता था कि वह माल की गिनती में मशगूल हैं। 

800 माल के पुलिंदों को खंगालेगी जांच कमेटी 

थाने से मिली जानकारी के मुताबिक यहां के मालखाने में 2011 से जुलाई 2017 के बीच करीब 800 माल जमा कराए गए हैं। कुछ समय पहले ही थाना बारादरी के मालखाने की सफाई के दौरान यहां रखे माल को बड़ी मात्रा में सदर मालखाने में भी जमा करा दिया गया था। 

इसके बावजूद यहां कुल छह कमरों में माल रखा हुआ था, जिसमें से चार कमरों में रखे 800 माल के पुलिंदों की जांच अब डीएम और एसएसपी की ओर से गठित समिति को करनी है। 

पुलिस के अफसर मान रहे हैं कि दरोगा सत्यवीर सिंह के सुसाइड नोट में भले ही सिर्फ करेंसी खुर्द-बुर्द करने का जिक्र है, लेकिन मालखाने से कई अन्य कीमती चीजें भी गायब हो सकती है। इस बारे में सारे तथ्य समिति के जांच करने के बाद सामने आ पाएंगे। 
 

दरोगा का क्वार्टर भी सील 

पुलिस ने बारादरी थाने के उस क्वार्टर को भी सील कर दिया है जिसमें दरोगा सत्यवीर सिंह रहते थे। शव को निकालने के बाद दरोगा के बॉक्स, डायरी समेत सभी सामान को बतौर साक्ष्य जांच में शामिल किया गया है। पीछे से टूटी हुई खिड़की को भी बंद करा दिया गया है ताकि सबूतों से कोई छेड़खानी न कर सके। 

समिति बनाने के लिए डीएम को भेजी रिपोर्ट 
सीओ थर्ड अशोक कुमार मीना ने बताया कि डीएम के स्तर से गठित होने वाली समिति में उनके अतिरिक्त एडीएम सिटी होने चाहिए। समिति के गठन के लिए एसएसपी कार्यालय से रिपोर्ट डीएम कार्यालय भेजी गई है। समिति दरोगा के क्वार्टर के पास रहने वालों के बी बयान दर्ज करेगी। थाने के स्टाफ के भी बयान होंगे। 
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