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छात्रों को दिया जाएगा वर्चुअल लर्निंग इन्वायरमेंट
बरेली।
Updated Tue, 26 Sep 2017 01:59 AM IST
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कुलपितति
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उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एमपी दुबे ने कहा है कि विश्वविद्यालय अब छात्रों को वर्चुअल लर्निंग इन्वायरमेंट देने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए प्रदेश के सभी दस रीजनल सेंटर ऑनलाइन किए जाएंगे। विश्वविद्यालय अपने स्थायी रीजनल सेंटर बनाने जा रहा है। अस्थायी रीजनल सेंटर पर कांफ्रेंस रूम, परीक्षा हाल, कंप्यूटर लैब, वीडियो कांफ्रेंसिंग की व्यवस्था होगी। यहां स्टडी सेंटर भी शुरू भी किए जाएंगे और ऑनलाइन क्लासेज की भी सुविधा होगी।
सोमवार को यहां राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के रीजनल सेंटर का दौरा करने आए प्रो. दुबे ने कहा कि अस्थायी रीजनल सेंटर की सूची में बरेली भी शामिल है। प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत गांव या पंचायत को गोद लिया जाएगा। गांव के ऐसे परिवारों का चयन होगा, जिसके किसी भी सदस्य को कंप्यूटर शिक्षा का ज्ञान न हो। इन सभी परिवारों को डिजिटल साक्षर बनाया जाएगा।
फेसबुक और व्हाट्स ऐप पर भी पढ़ सकेंगे
सरकार की स्वयम योजना के तहत विश्वविद्यालय कई ऑनलाइन कोर्स अपने फेसबुक पेज, व्हाट्सऐप ग्रुप, ट्वीटर, मोबाइल ऐप पर भी करने की सुविधा देगा। यह व्यवस्था सभी दस रीजनल सेंटरों के 715 स्टडी सेंटर पर होगी। शिक्षण सामग्री भी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। मोबाइल ऐप पर ही सारी सूचना पहुंच जाएंगी। मूक और आनलाइन कोर्स के लिए एक मास्टर पोर्टल भी तैयार किया गया है।
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तीन साल में सर्टिफिकेट के साथ डिग्री कोर्स भी कर सकेंगे
राजर्षि ने इस बार से मल्टीप्ल इंट्री एक्जिट की व्यवस्था के तहत कुछ कोर्स शुरू किए हैं। इसमें ई-जर्नलिज्म, प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी, योग कोर्स जैसे कुछ शुरू किए हैं। इसमें छह माह में सर्टिफिकेट, एक साल में डिप्लोमा, और तीन साल में डिग्री प्रदान की जाएगी। छात्रों को लेटर इंट्री के तहत इसमें प्रवेश दिए जाएंगे।
कुलपति ने माना कर्मचारी लेते थे घूस
कुलपति प्रोफेसर एमबी दुबे ने यह भी माना कि स्टडी सेंटर पर भ्रष्टाचार भी काफी था। फार्म जमा करने, मार्कशीट सही कराने जैसे कार्यों के लिए छात्रों से एक-एक हजार रुपये तक कर्मचारी वसूल लेते थे। आनलाइन होने से भ्रष्टाचार काफी हद तक खत्म हो गया है। जो चीजें ऑफलाइन बची हैं उनको भी आनलाइन कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आनलाइन एडमिशन की अंतिम तिथि बढ़ाकर तीन अक्तूबर कर दी गई है।
प्रशासन की लापरवाही से बिगड़े बीएचयू में हालात
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में छात्राओं पर लाठीचार्ज के सवाल पर प्रोफेसर दुबे ने कहा कि छेड़छाड़ की शिकायत पर कोई कार्रवाई करने के बजाय छात्राओं पर लाठीचार्ज सभी के लिए शर्मसार करने वाली घटना है। उन्होंने कहा कि अगर छात्राओं की शिकायत को बीएचयू और जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया होता तो शायद इतना बवाल न होता।
अगर किसी विश्वविद्यालय कैंपस में सरेआम छेड़छाड़ होती है तो छात्राओं का सुरक्षा मांगना लाजमी है। आज का युवा त्वरित कार्रवाई चाहता है और बीएचयू में उनकी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि घटना को अब राजनीतिक रूप दिया जा रहा है जो एक उच्च शिक्षण संस्थान के लिए ठीक नहीं है। अगर छात्राएं असुरक्षा महसूस कर रही हैं तो उनको सुरक्षा मुहैया कराना विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है।
सोमवार को यहां राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के रीजनल सेंटर का दौरा करने आए प्रो. दुबे ने कहा कि अस्थायी रीजनल सेंटर की सूची में बरेली भी शामिल है। प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान के तहत गांव या पंचायत को गोद लिया जाएगा। गांव के ऐसे परिवारों का चयन होगा, जिसके किसी भी सदस्य को कंप्यूटर शिक्षा का ज्ञान न हो। इन सभी परिवारों को डिजिटल साक्षर बनाया जाएगा।
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फेसबुक और व्हाट्स ऐप पर भी पढ़ सकेंगे
सरकार की स्वयम योजना के तहत विश्वविद्यालय कई ऑनलाइन कोर्स अपने फेसबुक पेज, व्हाट्सऐप ग्रुप, ट्वीटर, मोबाइल ऐप पर भी करने की सुविधा देगा। यह व्यवस्था सभी दस रीजनल सेंटरों के 715 स्टडी सेंटर पर होगी। शिक्षण सामग्री भी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। मोबाइल ऐप पर ही सारी सूचना पहुंच जाएंगी। मूक और आनलाइन कोर्स के लिए एक मास्टर पोर्टल भी तैयार किया गया है।
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तीन साल में सर्टिफिकेट के साथ डिग्री कोर्स भी कर सकेंगे
राजर्षि ने इस बार से मल्टीप्ल इंट्री एक्जिट की व्यवस्था के तहत कुछ कोर्स शुरू किए हैं। इसमें ई-जर्नलिज्म, प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी, योग कोर्स जैसे कुछ शुरू किए हैं। इसमें छह माह में सर्टिफिकेट, एक साल में डिप्लोमा, और तीन साल में डिग्री प्रदान की जाएगी। छात्रों को लेटर इंट्री के तहत इसमें प्रवेश दिए जाएंगे।
कुलपति ने माना कर्मचारी लेते थे घूस
कुलपति प्रोफेसर एमबी दुबे ने यह भी माना कि स्टडी सेंटर पर भ्रष्टाचार भी काफी था। फार्म जमा करने, मार्कशीट सही कराने जैसे कार्यों के लिए छात्रों से एक-एक हजार रुपये तक कर्मचारी वसूल लेते थे। आनलाइन होने से भ्रष्टाचार काफी हद तक खत्म हो गया है। जो चीजें ऑफलाइन बची हैं उनको भी आनलाइन कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आनलाइन एडमिशन की अंतिम तिथि बढ़ाकर तीन अक्तूबर कर दी गई है।
प्रशासन की लापरवाही से बिगड़े बीएचयू में हालात
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में छात्राओं पर लाठीचार्ज के सवाल पर प्रोफेसर दुबे ने कहा कि छेड़छाड़ की शिकायत पर कोई कार्रवाई करने के बजाय छात्राओं पर लाठीचार्ज सभी के लिए शर्मसार करने वाली घटना है। उन्होंने कहा कि अगर छात्राओं की शिकायत को बीएचयू और जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया होता तो शायद इतना बवाल न होता।
अगर किसी विश्वविद्यालय कैंपस में सरेआम छेड़छाड़ होती है तो छात्राओं का सुरक्षा मांगना लाजमी है। आज का युवा त्वरित कार्रवाई चाहता है और बीएचयू में उनकी शिकायत पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि घटना को अब राजनीतिक रूप दिया जा रहा है जो एक उच्च शिक्षण संस्थान के लिए ठीक नहीं है। अगर छात्राएं असुरक्षा महसूस कर रही हैं तो उनको सुरक्षा मुहैया कराना विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है।