पुलिस की पाठशाला: छात्राओं को बताए साइबर अपराध से बचाव के तरीके, कॅरिअर को संवारने की मिली दिशा
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्राओं ने एसएसपी से यूपीएससी की तैयारी, विषय चयन और पढ़ाई के समय के बारे में सवाल किए। एसपी यातायात ने साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूक किया।
विस्तार
बरेली के वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी राजकीय महिला महाविद्यालय में मंगलवार को छात्राओं ने साइबर अपराध से बचने के तरीके जाने। उन्हें कॅरिअर संवारने के बारे में भी जानकारी दी गई। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्राओं ने एसएसपी से यूपीएससी की तैयारी, विषय चयन और पढ़ाई के समय के बारे में सवाल किए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने बताया कि यूपीएससी की तैयारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण है अनुशासन। विद्यार्थी सबसे पहले अखबार पढ़ना शुरू करें। इसमें भी सबसे अधिक जरूरी है संपादकीय पढ़ना। साथ ही जागरूक रहें। रट्टा नहीं मारें। प्रत्येक विषय को समझने का प्रयास करें। लेखन का अभ्यास करें। एनसीईआरटी की किताबें पढ़ें।
एक छात्रा ने सवाल पूछा कि उसे इतिहास में रुचि है, लेकिन तारीखें याद नहीं रहतीं। एसएसपी ने कहा कि इतिहास को कहानी की तरह पढ़ें। इतिहास की घटनाओं के पीछे के कारणों को भी जानें।
डिजिटल हस्ताक्षर है ओटीपी, किसी से न करें साझा
एसपी यातायात शिवराज ने कहा कि स्मार्टफोन तिजोरी से कम नहीं है। इसमें आपकी हर गोपनीय जानकारी छिपी हुई है। आपका ओटीपी डिजिटल हस्ताक्षर है। इसे किसी के साथ साझा नहीं करें। फोन पर आने वाले किसी भी लिंक पर क्लिक नहीं करें। इससे आर्थिक हानि हो सकती है। अनजान वीडियो कॉल रिसीव न करें।
उन्होंने डीपफेक, बॉडी ग्रूमिंग, डिजिटल अरेस्ट के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने छात्राओं को 100, 112 व 1090 जैसे हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया। ट्रैफिक नियमों की जानकारी देते हुए छात्राओं को अपने परिवार के लोगों को भी दोपहिया वाहन पर हेलमेट और कार चलाते समय सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित करने के लिए कहा।
नए कानून में चोट को किया गया परिभाषित
एसपी यातायात ने विद्यार्थियों को नए कानून, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के बारे में बताया। कहा कि, नए कानून की प्राथमिकता महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराध को रोकना है। कानून में चोट को परिभाषित किया गया है।
अब तक था कि शरीर में चोट लग गई है। नए कानून में शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या आर्थिक नुकसान होने पर व्यक्ति को चोटिल माना जाएगा। अगर एक भी व्यक्ति चोटिल है तो उसका परिवार चोटिल माना जाएगा।
छात्राओं ने कहा, रास्ते में परेशान करते हैं असामाजिक तत्व
पाठशाला के माध्यम से छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। कहा कि, महाविद्यालय परिसर से मुख्य द्वार तक की दूरी अधिक है। ऐसे में कई बार असामाजिक तत्व छुट्टी के समय खड़े हो जाते हैं और उन्हें परेशान करने का प्रयास करते हैं। इस पर एसपी यातायात ने सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन देते हुए कहा कि कॉलेज गेट पर पुलिस की सख्ती बढ़ाई जाएगी।
सर यूपीएससी की तैयारी कैसे करें? - अदिति सक्सेना, बीएससी
एसएसपी: यूपीएससी की तैयारी के लिए आठ से दस घंटे की पढ़ाई पर्याप्त है। विषयों को रटने नहीं, बल्कि समझने का प्रयास करें। अपने नोट्स बनाएं।
किस तरह से खुद को अपडेट रखें? ताकि साइबर अपराध नहीं हो सके। - ममता यादव, शोध छात्रा
एसपी यातायात: स्मार्टफोन में आपकी सारी जानकारी मौजूद है। ऐसे में अगर कोई अंजान बात करने के लिए भी फोन मांग रहा है तो उसे मत दें।
साइबर अपराध बढ़ रहे हैं। इससे किस तरह बचा जा सकता है? - अंजू यादव, बीए
एसपी यातायात: अपने डिवाइस का उचित प्रकार इस्तेमाल कर अपराध का शिकार होने से बचा जा सकता है। अंजान लोगों से संपर्क नहीं करें। ओटीपी, पासवर्ड आदि किसी से साझा नहीं करें।
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