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कोर्स की किताबों में बंधकर न रहें छात्र : कुलपति
बरेली।
Updated Fri, 03 Mar 2017 01:08 AM IST
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Students should not feel locked in course books: VC
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत तीन दिवसीय पुस्तक मेले का शुभारंभ गुुरुवार हो गया। मेले का आयोजन परीक्षा भवन में किया गया है। पुस्तक मेले का उद्घाटन करते हुए कुलपति प्रोफेसर मुशाहिद हुसैन ने छात्रों को मोबाइल और कंप्यूटर के साथ किताबों से भी नजदीकी बनाने की सलाह दी। कहा कि छात्र अपने कोर्स के साथ दूसरे विषयों से जुड़ी किताबें भी पढ़ें। तकनीकी विषय के छात्र हैं तो उनको कला, साहित्य, दर्शन विषय भी पढ़ने चाहिए। इतिहास और कला के छात्रों को तकनीक के विषयों को भी पढ़ना चाहिए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले से सभी विभागों के लिए किताबों का चयन किया जाएगा। उसके बाद विभागों की क्रय समितियां किताबों को खरीदेंगी। छात्र किताबों से दोस्ती करें। इस मौके पर कुलसचिव साहबल मौर्या, रूसा के कोआर्डिनेटर प्रोफेसर एके सरकार, डॉ. संजय मिश्रा, नवनीत शुक्ला आदि लोग मौजूद रहे।
86 राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय प्रकाशकों के स्टाल
पुस्तक मेले में राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय 86 प्रकाशक के स्टाल लगे हैं। इनमें विज्ञान, फार्मेसी, इतिहास, साहित्य, अध्यात्म, इंजीनियरिंग, विधि, कंप्यूटर साइंस से जुड़ी किताबों के प्रकाशक हैं। सबसे ज्यादा स्टाल इंजीनियरिंग और विज्ञान विषय की किताबों वाले है। कुछ किताबें छह हजार से दस हजार रुपये तक की हैं। कोर्स की किताबों के अलावा मुंशी प्रेमचंद्र से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों के भी स्टाल हैं। हालांकि पहले दिन मेले में कम रौनक दिखी। मेला शनिवार तक चलेगा।
ट्रंप और मोदी की किताबें रहीं आकर्षण का केंद्र
पुस्तक मेले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लिखी किताबों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। ट्रंप के जीवन और फिलासफी पर डॉ. कुलदीप पांडेय और डॉ. शिवेश प्रसाद राय द्वारा लिखी किताब कई छात्रों ने भी खरीदी। नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर लिखी गई किताब ने काफी पसंद की गई। पहले दिन ही इन किताबों की कई प्रतियां बिकीं।
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86 राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय प्रकाशकों के स्टाल
पुस्तक मेले में राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय 86 प्रकाशक के स्टाल लगे हैं। इनमें विज्ञान, फार्मेसी, इतिहास, साहित्य, अध्यात्म, इंजीनियरिंग, विधि, कंप्यूटर साइंस से जुड़ी किताबों के प्रकाशक हैं। सबसे ज्यादा स्टाल इंजीनियरिंग और विज्ञान विषय की किताबों वाले है। कुछ किताबें छह हजार से दस हजार रुपये तक की हैं। कोर्स की किताबों के अलावा मुंशी प्रेमचंद्र से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों के भी स्टाल हैं। हालांकि पहले दिन मेले में कम रौनक दिखी। मेला शनिवार तक चलेगा।
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ट्रंप और मोदी की किताबें रहीं आकर्षण का केंद्र
पुस्तक मेले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लिखी किताबों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। ट्रंप के जीवन और फिलासफी पर डॉ. कुलदीप पांडेय और डॉ. शिवेश प्रसाद राय द्वारा लिखी किताब कई छात्रों ने भी खरीदी। नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर लिखी गई किताब ने काफी पसंद की गई। पहले दिन ही इन किताबों की कई प्रतियां बिकीं।
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