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Bareilly News: रोबोटिक्स बूटकैंप में तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थी
Fri, 19 Jun 2026 01:52 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 19 Jun 2026 01:52 AM IST
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में साइंस इन एक्शन रोबोटिक्स बूटकैंप 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इसमें कक्षा नौ से बारहवीं तक के छात्र, पॉलिटेक्निक और बीएससी के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। कार्यशाला का आयोजन ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम के तहत फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग की ओर से किया जा रहा है।
फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की डीन अर्चना गुप्ता ने बताया कि बूटकैंप का उद्देश्य प्रतिभागियों को रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, सेंसर तकनीक और प्रोग्रामिंग की व्यावहारिक समझ देना है। इसके साथ ही, उन्हें प्रस्तुति कौशल, संचार कौशल, टीम वर्क, नेतृत्व क्षमता और समस्या समाधान कौशल का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
यह चार दिवसीय कार्यशाला इलेक्ट्रॉनिक्स की नींव से लेकर स्मार्ट सुरक्षा प्रणालियों तक केंद्रित है। पहले दिन एलईडी ब्लिंक और समय विलंब के साथ ट्रैफिक लाइट जैसी परियोजनाएं सिखाई गईं। दूसरे दिन टचलेस अलार्म और डिस्टेंस डिटेक्टर जैसी सेंसर आधारित तकनीक पर काम हुआ।
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तीसरे दिन स्वचालित स्ट्रीट लाइट और रंग बदलने वाले लैंप जैसी स्मार्ट लाइटिंग की बारीकियां सिखाईं गई। चौथे दिन बैरियर खोलने की प्रणाली और पासवर्ड संरक्षित दरवाजे जैसी स्मार्ट सुरक्षा परियोजनाएं शामिल थीं।
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फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की डीन अर्चना गुप्ता ने बताया कि बूटकैंप का उद्देश्य प्रतिभागियों को रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, सेंसर तकनीक और प्रोग्रामिंग की व्यावहारिक समझ देना है। इसके साथ ही, उन्हें प्रस्तुति कौशल, संचार कौशल, टीम वर्क, नेतृत्व क्षमता और समस्या समाधान कौशल का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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यह चार दिवसीय कार्यशाला इलेक्ट्रॉनिक्स की नींव से लेकर स्मार्ट सुरक्षा प्रणालियों तक केंद्रित है। पहले दिन एलईडी ब्लिंक और समय विलंब के साथ ट्रैफिक लाइट जैसी परियोजनाएं सिखाई गईं। दूसरे दिन टचलेस अलार्म और डिस्टेंस डिटेक्टर जैसी सेंसर आधारित तकनीक पर काम हुआ।
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तीसरे दिन स्वचालित स्ट्रीट लाइट और रंग बदलने वाले लैंप जैसी स्मार्ट लाइटिंग की बारीकियां सिखाईं गई। चौथे दिन बैरियर खोलने की प्रणाली और पासवर्ड संरक्षित दरवाजे जैसी स्मार्ट सुरक्षा परियोजनाएं शामिल थीं।