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Bareilly News: झूठे वादों में ढेर हो रहा छात्र-छात्राओं का डिजिटल लर्निंग का ख्वाब
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बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय का ऑनलाइन पढ़ाई का वादा सात माह बाद भी अधूरा है। विवि ने स्नातक और परास्नातक के प्राइवेट फॉर्म बंद कर वैकल्पिक ऑनलाइन कोर्स शुरू करने का एलान किया था, लेकिन अब तक उनकी शुरुआत नहीं हो सकी है।
अब नए सत्र में रेगुलर कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया अंतिम दौर में है। वहीं, प्राइवेट फॉर्म भरने वाले दो लाख विद्यार्थी ऑनलाइन कोर्स शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से कई ओपन यूनिवर्सिटी सहित अन्य विकल्पों को अपना रहे हैं।
कुलपति प्रो. केपी सिंह ने इस साल की शुरुआत में प्राइवेट फॉर्म बंद करने की घोषणा की थी। साथ ही कहा था कि वर्तमान में प्राइवेट पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों और जिनके विषयों में बैक या सुधार की आवश्यकता है, उनके लिए विकल्प खुला रहेगा। यह भी बताया था कि नए छात्र-छात्राओं के लिए प्राइवेट फॉर्म की सुविधा बंद कर ऑनलाइन कोर्स शुरू किए जाएंगे। रुहेलखंड विवि को डिजिटल लर्निंग हब बनाया जाएगा। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सभी पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे। परीक्षा से परिणाम तक, सब कुछ डिजिटल होगा।
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अब सात माह बाद भी इसमें कोई प्रगति नहीं हो सकी है। वर्तमान सत्र में रुहेलखंड विश्वविद्यालय से 614 की जगह केवल 242 विद्यालय ही संबद्ध रह गए हैं। संवाद
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अब नए सत्र में रेगुलर कोर्स के लिए प्रवेश प्रक्रिया अंतिम दौर में है। वहीं, प्राइवेट फॉर्म भरने वाले दो लाख विद्यार्थी ऑनलाइन कोर्स शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से कई ओपन यूनिवर्सिटी सहित अन्य विकल्पों को अपना रहे हैं।
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कुलपति प्रो. केपी सिंह ने इस साल की शुरुआत में प्राइवेट फॉर्म बंद करने की घोषणा की थी। साथ ही कहा था कि वर्तमान में प्राइवेट पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों और जिनके विषयों में बैक या सुधार की आवश्यकता है, उनके लिए विकल्प खुला रहेगा। यह भी बताया था कि नए छात्र-छात्राओं के लिए प्राइवेट फॉर्म की सुविधा बंद कर ऑनलाइन कोर्स शुरू किए जाएंगे। रुहेलखंड विवि को डिजिटल लर्निंग हब बनाया जाएगा। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सभी पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे। परीक्षा से परिणाम तक, सब कुछ डिजिटल होगा।
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अब सात माह बाद भी इसमें कोई प्रगति नहीं हो सकी है। वर्तमान सत्र में रुहेलखंड विश्वविद्यालय से 614 की जगह केवल 242 विद्यालय ही संबद्ध रह गए हैं। संवाद