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आवारा कुत्तों ने तीन बच्चों को काटा
बरेली
Updated Fri, 04 Mar 2016 01:34 AM IST
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खुले में मीट डालने के कारण बहेड़ी में आवारा कुत्ते फिर हमलावर हो गए हैं। बृहस्पतिवार को स्कूल से लौट रही तीन बच्चियों पर हमला कर दिया। तीनों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। कुछ दिन अभियान चलाने वाला प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
सियाठेरी गांव की छात्राएं गांव के प्राइमरी स्कूल जा रही थीं। अचानक आवारा कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। दहशत में आई छात्राएं इधर उधर भागने लगीं। मदद के लिए चीख पुकार मच गई। लेकिन कुत्तों ने छह साल की अलशिफा, अलफिया और सिमरन के हाथ और पैरों में नोच डाला। भगदड़ मचने पर खेतों में काम रहे लोग पहुंचे और कुत्तों को भगाया। गांव के असगर अली ने बताया कि उस पर कुत्तों ने हमले की कोशिश की।
ग्रामीण घायल तीनों छात्राओं को लेकर सीएचसी पहुंचे वहां रैबीज के इंजेक्शन लगाकर उन्हें घर भेज दिया गया। बता दें कि दो साल में आवारा कुत्तों ने कई लोगों की जान ले ली है। सियाठेरी गांव के राजेंद्र के बेटे अमित को दिसंबर में आवारा कुत्ते ने नोचकर मार डाला था। ग्रामीणों के हल्ला मचाने पर एसडीएम नींद से जागे थे और वन विभाग, नगर पालिका के कर्मचारियों के साथ एक बैठक कर आनन फानन में उसी दिन अभियान चलाने का दावा किया था। एसडीएम पारस नाथ मौर्या और सीओ प्रमोद यादव कुछ देर गांव के जंगलों में रुके थे और अपने मोबाइल से जंगल की तलाशी करते खुद की टीम के साथ फोटो खिंचवाकर दोनों अधिकारी टीम के भरोसे सब कुछ छोड़ कर चलते बने थे। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो एसडीएम ने गांव में डेरा डाला था मगर उसके बाद अभियान नहीं चला।
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आवारा कुत्तों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। वैसे काफी दिनों बाद इस तरह का मामला सामने आया है।
-पारस नाथ मौर्या एसडीएम बहेड़ी
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सियाठेरी गांव की छात्राएं गांव के प्राइमरी स्कूल जा रही थीं। अचानक आवारा कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। दहशत में आई छात्राएं इधर उधर भागने लगीं। मदद के लिए चीख पुकार मच गई। लेकिन कुत्तों ने छह साल की अलशिफा, अलफिया और सिमरन के हाथ और पैरों में नोच डाला। भगदड़ मचने पर खेतों में काम रहे लोग पहुंचे और कुत्तों को भगाया। गांव के असगर अली ने बताया कि उस पर कुत्तों ने हमले की कोशिश की।
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ग्रामीण घायल तीनों छात्राओं को लेकर सीएचसी पहुंचे वहां रैबीज के इंजेक्शन लगाकर उन्हें घर भेज दिया गया। बता दें कि दो साल में आवारा कुत्तों ने कई लोगों की जान ले ली है। सियाठेरी गांव के राजेंद्र के बेटे अमित को दिसंबर में आवारा कुत्ते ने नोचकर मार डाला था। ग्रामीणों के हल्ला मचाने पर एसडीएम नींद से जागे थे और वन विभाग, नगर पालिका के कर्मचारियों के साथ एक बैठक कर आनन फानन में उसी दिन अभियान चलाने का दावा किया था। एसडीएम पारस नाथ मौर्या और सीओ प्रमोद यादव कुछ देर गांव के जंगलों में रुके थे और अपने मोबाइल से जंगल की तलाशी करते खुद की टीम के साथ फोटो खिंचवाकर दोनों अधिकारी टीम के भरोसे सब कुछ छोड़ कर चलते बने थे। इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया तो एसडीएम ने गांव में डेरा डाला था मगर उसके बाद अभियान नहीं चला।
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आवारा कुत्तों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। वैसे काफी दिनों बाद इस तरह का मामला सामने आया है।
-पारस नाथ मौर्या एसडीएम बहेड़ी