फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Stray animals are taking lives, officers busy in statistics

Bareilly News: छुट्टा पशु ले रहे जान, अफसर आंकड़ेबाजी में व्यस्त

Fri, 26 Jan 2024 03:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jan 2024 03:36 AM IST
विज्ञापन
Stray animals are taking lives, officers busy in statistics
बरेली। शहर के पॉश इलाकों और गेट बंद कॉलोनियों में छुट्टा पशु लोगों की जान ले रहे हैं, वहीं नगर निगम के पास उनका आंकड़ा तक नहीं है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आदित्य तिवारी का आकलन है कि शहर में 100-150 छुट्टा पशु होंगे। वहीं, पार्षदों का कहना है कि हर वार्ड में 10-15 छुट्टा पशु घूम रहे हैं। पूरे शहर में इनकी संख्या एक हजार से ज्यादा है। ये आए दिन लोगों पर हमलावर हो रहे हैं, जबकि जिम्मेदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
विज्ञापन

बुधवार सुबह सांड़ के हमले में संजयनगर की सेंट्रल एस्टेट कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त गन्ना प्रबंधक करुणा शंकर पांडेय की मौत हो गई थी। इसके बाद भी नगर निगम ने कोई ध्यान नहीं दिया। बृहस्पतिवार को भी गली-मोहल्लों और चौराहों पर छुट्टा पशु घूमते मिले। नगर निगम कार्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित अय्यूब खां चौराहे पर अपराह्न दो बजे सांड़ घूम रहे थे। सेटेलाइट बस अड्डे से पीलीभीत की ओर जाने वाली सड़क पर तीन जगह सांड़ टहलते मिले। कलक्ट्रेट से जंक्शन की ओर जाने वाले मार्ग पर भी ऐसा ही दृश्य दिखा। इस दौरान लोग सांड़ों से बचकर निकल रहे थे।
विज्ञापन

गो-आश्रय स्थल में क्षमता से अधिक पशु
नगर निगम के नदौसी गो-आश्रय स्थल की क्षमता 950 पशुओं की है। यहां 1,200 पशु बंद हैं। रखने के लिए जगह नहीं होने से पशुओं को पकड़ने के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। परसाखेड़ा में एक और आश्रय स्थल बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मेरे ही वार्ड में 100-150 छुट्टा पुश घूम रहे हैं। तो फिर यह कैसे माना जा सकता है कि पूरे शहर में 100-150 छुट्टा पशु होंगे। नगर निगम के अफसर सिर्फ आंकड़ेबाजी कर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। - अरब सिंह, पार्षद, कंजादासपुर
पूरे शहर में छुट्टा पशु घूम रहे हैं। एक वार्ड में 20 छुट्टा पशुओं का औसत मानकर गणना की जाए तो भी शहर में 1500 से अधिक पशु घूम रहे हैं। फोन करने पर भी निगम की टीम नहीं पहुंचती।- राजेश अग्रवाल, पार्षद, रामपुर बाग


बुजुर्ग की आकस्मिक मौत का दुख हमें भी है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नगर निगम की टीमें छुट्टा पशुओं को पकड़ने का अभियान तेज करेंगी। नागरिकों से यही अपील है कि छुट्टा पशु दिखें तो नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर 7055519637 पर काॅल कर दें, ताकि उनको पकड़कर गो-आश्रय स्थल भेजा जा सके। - उमेश गौतम, महापौर
-----
ऐसा है शहर का हाल
- नगर निगम कार्यालय के सामने ही छुट्टा पशु दिनभर घूमते रहते हैं। अफसर देखकर मुंह फेर लेते हैं। बृहस्पतिवार दोपहर अमर उजाला की टीम वहां पहुंची तो सब्जी मंडी से नगर निगम के गेट तक कई पशु घूम रहे थे।
- मिनी बाइपास रोड के किनारे कूड़े के ढेर पर छुट्टा पशुओं का जमावड़ा लगता है। लोग बताते हैं कि नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को सारी हकीकत पता है पर कभी पशु पकड़कर बंद नहीं किए गए।
- चौपुला से जंक्शन की ओर जाने वाली सड़क पर डलावघर है। यहां हमेशा दर्जनभर छुट्टा पशु मंडराते रहते हैं। वाहन से निकलने वाले लोग कई बार पशुओं से टकराकर घायल हो चुके हैं पर जिम्मेदार नहीं चेते।
- राजेंद्रनगर में केके हास्पिटल रोड पर मरीजों और तीमारदारों का भी आवागमन रहता है। सड़क पर छुट्टा पशु खतरा बने हुए हैं। आम आदमी को इनके पकड़े जाने का इंतजार है।
- आजमनगर में मुख्य मार्ग पर जगह-जगह छुट्टा पशु बैठे रहते हैं। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि पांच साल से अधिकारी और नेता दोनों छुट्टा पशुओं से निजात दिलाने की बात कर रहे हैं पर अब तक ऐसा हो नहीं पाया।

-------
पहले भी कई लोगों की जान ले चुके हैं छुट्टा पशु
छुट्टा पशु के हमले में करुणा शंकर पांडेय की मौत पहली घटना नहीं है। ट्यूलिया में तीन वर्ष में चार घटनाएं हो चुकी हैं। पांच जून 2021 को छुट्टा पशु के हमले में डोरीलाल (62) की जान चली गई थी। तीन अन्य घटनाओं में बीरेंद्र कुमार, पूजा व विशाल घायल हो गए थे। नौ जून 2022 को सांड़ के हमले में सुभाषनगर निवासी बीरावली की जान चली गई थी। उनकी बहू बबिता खुराना ने बताया कि अब अगर सांड़ दिख जाता है तो डर लगता है। जिस सांड़ ने सास की जान ली थी, वह भी सुभाषनगर में ही घूमता है। चार-पांच सांड़ और हैं, जिनसे बचकर लोग निकलते हैं।

उमरवल गांव में राजगीर मिथलेश की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन।       संवाद

उमरवल गांव में राजगीर मिथलेश की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed