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पैरासीटामोल समेत 26 दवाओं के निर्यात पर लगाई रोक

Thu, 05 Mar 2020 01:06 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 05 Mar 2020 01:06 AM IST
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stop export of paracetamol and other 26 medicine
बरेली। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए केंद्र सरकार ने पैरासिटामोल समेत 26 जीवनरक्षक दवाओं के निर्यात पर रोक लगा दी है। सरकार ने किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए यह फैसला लिया है। भारत में दवा निर्माता कंपनियां दवाओं की सप्लाई बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, अफगानिस्तान और श्रीलंका समेत अन्य देशों में करती हैं। अगले आदेश तक कंपनियां इन दवाओं और इनके रसायनाें का निर्यात नहीं कर सकेंगी।
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दिल्ली, तेलंगाना और आगरा में कोरोना वायरस की पुष्टि के बाद हड़कंप मच गया है। केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए गाइड लाइन जारी कर दी है तो वहीं निर्यात नियमों में बदलाव करते हुए 26 दवाओं और उनके रसायन के निर्यात पर रोक लगा दी है। इसमें पैरासिटामोल, टिनिडाजोल, निओमाइसिन, मेट्रोनडेक्सोल, विटामिन बी1, बी6, बी12, हार्मोन प्रेजेस्ट्रोन समेत 26 जीवनरक्षक दवाएं हैं। तीन मार्च को जारी आदेश पत्र में केंद्र सरकार ने कहा कि दवाआें की कमी न हो.. इसलिए यह आदेश दिया गया है।
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सरकार का सराहनीय कदम
केमिस्ट एसोसिएशन अध्यक्ष दुर्गेश खटवानी ने कहा कि यह सरकार का अहम कदम है। कोरोना के कारण चीन से आयात सीमित हो गया है। जीवन रक्षक दवाओं के उत्पादन में गिरावट हुई है। ऐसे में निर्यात को नियंत्रित करना जरूरी हो गया था। इससे देश में दवाओं की कमी नहीं होगी। कहा कि चीन से बल्क ड्रग्स की सप्लाई रुक जाने के बाद से 250 रुपये किलोग्राम बिकने वाले पैरासिटामोल की कीमत 415 रुपये के स्तर पर पहुंच गई थी। एंजीथ्रोमाइसिन की कीमत 30,000 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 55,000 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई। ऐसे ही, अन्य प्रकार के कई बल्क ड्रग्स की कीमत में 50 फ ीसदी तक का इजाफ ा हो चुका है। निर्यात पर रोक के फैसले से अब इसमें भी कमी आएगी। उन्होंने बताया कि भारत का सालाना बल्क ड्रग्स का आयात 3.5 अरब डॉलर का है। भारत सालाना 22.5 करोड़ डॉलर के बल्क ड्रग्स का निर्यात करता है।
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उत्पादन बढ़ा तो गिर गए मास्क के दाम
बीते करीब एक माह में सात गुना से अधिक बढ़ गए थे मास्क के दाम
बरेली। मास्क के दाम में गिरावट आई है। हालांकि अब भी मास्क की बिक्री असल कीमत से तीन गुना के दाम पर हो रही है। दवा विक्रेताओं की माने तो मास्क के महंगे होने से दिल्ली में कई नई कंपनियों ने भी मास्क बनाने शुरू कर दिए हैं। उत्पादन बढ़ने से अब मास्क के दामों में गिरावट आयी है।

तीन रुपये बिक्री वाला मास्क अब बीस रुपये घटकर दस रुपये पर आ गया है। ऐसे ही एक काला मास्क बाजार में है। जिसकी कीमत तो करीब पंद्रह रुपये के करीब है, लेकिन कोरोना वायरस के डर के चलते यह भी 35-40 रूपये में बिक रहा था। अब इसकी भी कीमत गिरकर बीस रुपये तक सिमट गई है। दवा विक्रेता राजेश ओबराय ने बताया कि मास्क की कीमताें में गिरावट आई है। कहा कि लोगों ने इसका स्टॉक करना शुरू कर दिया था। इसकी बिक्री इतनी अधिक नहीं हो रही थी। बाजार में मास्क की कीमत में जो उछाल आया, वह स्टॉक करने की वजह से आया था।
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