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Bareilly News: 90 दिन का मानक, 30 दिन भी नहीं हुई पढ़ाई, परीक्षा की घड़ी आई

Mon, 04 Dec 2023 01:37 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Mon, 04 Dec 2023 01:37 AM IST
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Standard of 90 days, not even 30 days were studied, exam time came
अवनीश मिश्रा
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पढ़ाई के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। स्नातक की विषम सेमेस्टर कक्षाओं का परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया गया है जबकि निर्धारित पाठ्यक्रम की पढ़ाई अभी पूरी नहीं हुई। नियमानुसार छह माह के सेमेस्टर में 90 दिन कक्षाएं चलनी चाहिए, लेकिन यहां तीसरे व पांचवें सेमेस्टर की पढ़ाई तो नवंबर में ही शुरू हुई और अब 15 दिसंबर से परीक्षाएं प्रस्तावित हो गई हैं। ऐसे में 30 दिन की पढ़ाई भी छात्र-छात्राएं नहीं कर पाए हैं।
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पहले सेमेस्टर का पाठ्यक्रम भी पूरा नहीं हुआ है। क्योंकि उनकी कक्षाएं भी सितंबर से शुरू हुईं थीं। उसके बाद दशहरा, दीपावली की लंबी छुट्टियां हुईं। छुट्टियों के दिन काट दिए जाएं तो पहले सेमेस्टर की पढ़ाई भी 90 दिन से कम हुई है। छात्रों का कहना है कि सेमेस्टर की इस तरह पढ़ाई से वह परीक्षा क्या देंगे? पाठ्यक्रम अभी अधूरा है।
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12 दिन में कैसे पूरा होगा पाठ्यक्रम
बरेली कॉलेज शिक्षक संघ के सचिव प्रो. वीपी सिंह ने कहा है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई जुलाई माह से शुरु होनी चाहिए थी, लेकिन स्नातक के तीसरे व पांचवें सेमेस्टर की कक्षाएं तीन नवंबर से लगना शुरु हो सकीं। ऐसे में छात्र एक माह भी पढ़ाई नहीं कर सके हैं। तय पाठ्यक्रम की पढ़ाई को 15 दिसंबर से पहले सीमित समय में 12 दिन के अंदर पूरा कर पाना छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण है। फॉर्म संबंधी समस्याएं भी अब तक बरकरार हैं। इसी तरह पहले सेमेस्टर के प्रवेश सितंबर माह तक हुए हैं। हाईस्कूल और इंटर के परिणाम आने के बाद तत्काल प्रवेश कराने चाहिए थे। छह माह के सेमेस्टर में चार महीने की पढ़ाई तो करानी चाहिए। शिक्षक संघ शीतावकाश में परीक्षाएं कराने का भी विरोध कर रहा है।
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छात्रों ने कहा- आगे बढ़ाई जाएं तिथियां
सेमेस्टर में पढ़ाई की अवधि छह माह की होती है। ऐसे में अभी पढ़ाई का पाठ्यक्रम पूरा नहीं हो सका है। परीक्षा तिथियां आने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय को परीक्षा की तिथियां आगे बढ़ाना चाहिए।

लकी शर्मा, छात्र
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पढ़ाई पूरी नहीं हुई है। इसके अलावा जिन छात्र-छात्राओं का विश्वविद्यालय स्तरीय खेलों में चयन हुआ है, वे खेलने जाएंगे या परीक्षा देंगे। परीक्षाओं की तिथि इस प्रकार तय करनी चाहिए कि खिलाड़ियों को खेलने का मौका भी मिल पाए और वे परीक्षा भी दे पाएं।

अनुष्का मिश्रा, छात्रा
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विश्वविद्यालय मनमानी कर रहा है। छात्र-छात्राओं की ठीक से परीक्षाओं की तैयारी भी नहीं हो सकी है। न ही ठीक से कक्षाएं लग सकी हैं। तिथि में बदलाव नहीं हुआ तो समाजवादी छात्र सभा बड़ा आंदोलन करेगी।
अविनाश मिश्रा, समाजवादी छात्र नेता
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विद्यार्थियों के हाल में ही प्रवेश हुए हैं। विवि का ही नियम है कि 90 दिन कक्षाओं के बाद ही परीक्षाएं कराई जाएं। इसके बावजूद निर्धारित पाठ्यक्रम की पढ़ाई पूरी हुए बगैर परीक्षाएं कराई जा रही हैं। ऐसे में छात्र दुविधा में है। हल न मिलने पर आंदोलन किया जाएगा।


-रवि पंडित, छात्रनेता
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वर्जन
विश्वविद्यालय को शिक्षकों और छात्रों की ओर से परीक्षा तारीखों पर आपत्ति के संबंध में कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। सभी परीक्षाएं अपने निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक ही कराई जाएंगी। अगर कोई समस्या लेकर आता है तो उस पर विचार किया जाएगा।

डॉ. अमित सिंह, मीडिया प्रभारी, रुहेलखंड विश्वविद्यालय

अवनीश मिश्रा

अवनीश मिश्रा

अवनीश मिश्रा

अवनीश मिश्रा

अवनीश मिश्रा

अवनीश मिश्रा

अवनीश मिश्रा

अवनीश मिश्रा

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