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Bareilly News: सीओ पर एसी लगवाने का आरोप लगाने वाले हेड कांस्टेबल पर कार्रवाई, एसएसपी ने किया निलंबित
Wed, 19 Jun 2024 07:13 AM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 19 Jun 2024 07:13 AM IST
सार
बरेली में एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। सीओ लाइन पर एसी लगवाने का आरोप लगाने वाले हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है। वहीं सीओ लाइन पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
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एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बरेली में सीओ लाइन प्रियतोष त्रिपाठी पर एसी व होम थिएटर लगवाने का आरोप लगाने वाले मुख्य आरक्षी (हेड कांस्टेबल) को एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने निलंबित कर दिया है। सीओ लाइन पर शिकंजा कसना लगभग तय माना जा रहा है। एसएसपी ने कहा है कि भ्रष्टाचार किसी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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मई से चल रहे इस मामले में तीन दिन पहले हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार की शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। एसएसपी ने एसपी दक्षिणी मानुष पारीक को मामले की जांच सौंप दी थी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया।
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इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि शिकायत पर जब उच्च स्तरीय अधिकारी जांच कर रहे थे तो इसे सोशल मीडिया पर डालकर अनावश्यक तूल दिया गया। इससे विभाग की छवि धूमिल हुई। धर्मेंद्र ने खरीदारी कराने के दौरान इसकी शिकायत न तो आरआई से और न किसी अन्य अधिकारी से की। जब उसे पद से हटा दिया गया तो उसने शिकायतें कीं।
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कदाचार को माना गया दोषी
संभव है कि उसे पद से न हटाया जाता तो यह शिकायत कभी नहीं की जाती। इसलिए मामले को कदाचार की श्रेणी में माना गया। पुलिस लाइन के मुख्य आरक्षी धमेंद्र कुमार ने आरोप लगाया था कि उसने आरआई के मौखिक निर्देश पर सीओ के सरकारी आवास में एसी लगवाया था।
जब वह एसी के अनुमति पत्र पर हस्ताक्षर कराने गया तो सीओ ने कहा कि इसे एडजस्ट करो। आरोप था कि इससे पहले सीओ फ्रीज और डिश का कनेक्शन भी ले चुके हैं, जिसका भुगतान नहीं किया गया। वह 46 हजार रुपये के होम थियेटर की मांग कर रहे थे। जब उसने मना किया तो सीओ ने उसे स्टोर इंचार्ज के पद से हटा दिया।
संभव है कि उसे पद से न हटाया जाता तो यह शिकायत कभी नहीं की जाती। इसलिए मामले को कदाचार की श्रेणी में माना गया। पुलिस लाइन के मुख्य आरक्षी धमेंद्र कुमार ने आरोप लगाया था कि उसने आरआई के मौखिक निर्देश पर सीओ के सरकारी आवास में एसी लगवाया था।
जब वह एसी के अनुमति पत्र पर हस्ताक्षर कराने गया तो सीओ ने कहा कि इसे एडजस्ट करो। आरोप था कि इससे पहले सीओ फ्रीज और डिश का कनेक्शन भी ले चुके हैं, जिसका भुगतान नहीं किया गया। वह 46 हजार रुपये के होम थियेटर की मांग कर रहे थे। जब उसने मना किया तो सीओ ने उसे स्टोर इंचार्ज के पद से हटा दिया।