Fake Degree Case: बरेली में काली कमाई से विजय शर्मा ने बनाई करोड़ों की संपत्ति, अब 25 हजार का इनामी
बरेली में फर्जी डिग्री मामले में फरार आरोपी विजय शर्मा की गिरफ्तारी पर एसएसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। उसकी संपत्ति की ब्योरा भी जुटाया जा रहा है।
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बरेली में फर्जी डिग्री मामले में जेल भेजे गए शेर अली जाफरी के साझीदार विजय शर्मा ने काली कमाई से करोड़ों रुपये का साम्राज्य खड़ा कर लिया है। मामूली ड्राइवर से करोड़पति बने विजय ने बरेली से लेकर बदायूं तक महंगे भूखंड खरीदे हैं। शांति विहार के सत्योदय स्कूल वाली गली में स्थित उसका जावेश्वरी-नरेश चैरिटेबल अस्पताल भी बिना पंजीकरण के चल रहा है। अब स्वास्थ्य विभाग उसे सील करने की तैयारी कर रहा है। वहीं, एसएसपी ने विजय पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया है।
सुभाषनगर थानाक्षेत्र के शांति विहार का रहने वाला विजय शर्मा खुसरो कॉलेज के चेयरमैन शेर अली जाफरी के संपर्क में आने के बाद फर्श से अर्श तक पहुंच गया। डीफार्मा की फर्जी डिग्रियां बांटकर 379 छात्र-छात्राओं से 3.69 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में वांछित विजय शर्मा कुछ साल पहले तक खुद की कंसल्टेंसी चलाता था। जाफरी से अनुबंध के बाद उसने अकूत संपत्ति बनाई।
साउथ सिटी के पास ड्रीम होम अपार्टमेंट उसके दो फ्लैट भी हैं। कुछ समय पहले उसके फ्लैट में एक युवती की संदिग्ध हालात में मौत भी हो चुकी है। सेटेलाइट बस अड्डे के पास महंगी जमीन खरीदकर उसने होटल भी बनवाया, लेकिन वह नहीं चला। इसके बाद होटल को गर्ल्स हॉस्टल बना दिया। दिल्ली हाईवे पर भी उसने करोड़ों रुपये की जमीन खरीदी है। बदायूं के सिविल लाइंस क्षेत्र में भी उनके पास बेशकीमती भूखंड हैं।
लग्जरी गाड़ियों का भी है शौकीन
विजय शर्मा लग्जरी गाड़ियों का भी शौकीन है। उसके पास तीन लग्जरी गाड़ियां हैं। फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपये कमाने के बाद वह नेताओं के संपर्क में था। कैंट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहा था। एक राजनेता से उसकी करीबी बताई जा रही है।
एसआईटी जुटा रही ब्योरा
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि विजय शर्मा पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। एसआईटी उसकी संपत्तियों का ब्योरा भी जुटा रही है। फर्जी डिग्रियां देकर छात्र-छात्राओं से की गई ठगी के मामले में जाफरी और विजय शर्मा के कुछ करीबी भी पुलिस के रडार पर हैं। उनकी भी गोपनीय जांच की जा रही है।
एसीएमओ/नोडल अधिकारी पंजीयन डॉ. लईक अंसारी ने कहा कि जावेश्वरी-नरेश चैरिटेबल अस्पताल का स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण नहीं है। पुलिस की रिपोर्ट मिलने का इंतजार है। संबंधित डॉक्टरों की डिग्रियों की भी पड़ताल की जाएगी। अस्पताल को सील किया जाएगा।