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Bareilly: थाने में नोट गिनने वाले दरोगा को क्लीनचिट देने से एसएसपी नाराज, सीओ नवाबगंज को सौंपी जांच
Mon, 08 Apr 2024 07:25 AM IST
मुकेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 08 Apr 2024 07:25 AM IST
सार
इज्जतनगर थाने में 500-500 के नोट गिनते दरोगा का वीडियो वायरल हुआ था। इंस्पेक्टर ने एक दिन में जांच पूरी कर दरोगा को क्लीनचिट दे दी थी। इस पर एसएसपी ने नाराजगी जताते हुए सीओ नवाबगंज को जांच सौंपी है।
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बरेली के एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरेली के इज्जतनगर थाने में दरोगा के हाथों में पांच सौ रुपये के करारे नोट गिनने के मामले में इंस्पेक्टर की जांच रिपोर्ट कप्तान को नागवार गुजरी है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए सीओ नवाबगंज हर्ष मोदी को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। अब दोबारा जांच कर रिपोर्ट एसएसपी को दी जाएगी।
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शुक्रवार दोपहर इज्जतनगर थाने में पांच सौ रुपये की गड्डी के करारे नोट गिनते दरोगा का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में सादा कपड़ों में खड़े दरोगा नोट गिन रहे हैं और उनके पास सफेद कुर्ता-पायजामा पहने एक व्यक्ति खड़ा है। नोट भी थाना प्रभारी कक्ष के पास कंप्यूटर कक्ष में गिने जा रहे थे।
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इंस्पेक्टर जयशंकर सिंह ने एक दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट एसएसपी को भेज दी थी। अब एसएसपी घुले सुशील रामचंद्र ने मामले की जांच सीओ नवाबगंज हर्ष मोदी को सौंपी है।
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रुपये क्यों दिए...इसका नहीं था जवाब
अपने ही दफ्तर के सामने हो रहे खेल पर इंस्पेक्टर ने जो जांच की, उसके मुताबिक बहेड़ी थाने से दरोगा यहां एक मामले की प्रगति आख्या लेने आए थे। इज्जतनगर के बिहारमान नगला निवासी दूसरे समुदाय का व्यक्ति दरोगा का परिचित था। दरोगा ने वाहन न होने की स्थिति में उसे बाइक लेकर इज्जतनगर स्टेशन बुला लिया था।
उस व्यक्ति के भी इंस्पेक्टर ने बयान दर्ज किए। उसने बताया कि दरोगा ने यह रुपये अपनी जेब से निकालकर कंप्यूटर कक्ष में ही किसी सिपाही को दिए थे। इतनी बड़ी रकम दरोगा ने बिना किसी ठोस वजह के किसी सिपाही को क्यों दी, वह सिपाही कौन था? जैसे सवालों का जवाब जांच रिपोर्ट में नहीं था।
अपने ही दफ्तर के सामने हो रहे खेल पर इंस्पेक्टर ने जो जांच की, उसके मुताबिक बहेड़ी थाने से दरोगा यहां एक मामले की प्रगति आख्या लेने आए थे। इज्जतनगर के बिहारमान नगला निवासी दूसरे समुदाय का व्यक्ति दरोगा का परिचित था। दरोगा ने वाहन न होने की स्थिति में उसे बाइक लेकर इज्जतनगर स्टेशन बुला लिया था।
उस व्यक्ति के भी इंस्पेक्टर ने बयान दर्ज किए। उसने बताया कि दरोगा ने यह रुपये अपनी जेब से निकालकर कंप्यूटर कक्ष में ही किसी सिपाही को दिए थे। इतनी बड़ी रकम दरोगा ने बिना किसी ठोस वजह के किसी सिपाही को क्यों दी, वह सिपाही कौन था? जैसे सवालों का जवाब जांच रिपोर्ट में नहीं था।