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लाखों का बजट खपा रहे, खिलाड़ी एक नहीं जुटा सके
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बरेली। हर साल लाखों रुपये का बजट खपाने के बावजूद बरेली कॉलेज खेल प्रतिभाओं को निखारने में नाकाम साबित हो रहा है। हालात यह हैं कि अंतर महाविद्यालयी क्रास कंट्री (पुरुष/महिला) प्रतियोगिता में भाग लेने के कॉलेज ने आवेदन मांगे तो एक भी खिलाड़ी ट्रॉयल के लिए नहीं पहुंचा।
17 सितंबर को एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की अंतर महाविद्यालयी क्रास कंट्री (पुरुष/महिला) प्रतियोगिता होनी है। इसमें प्रतिभाग के लिए बरेली कॉलेज ने प्रतिभागियों को शुक्रवार को बरेली कॉलेज में ट्रायल के लिए बुलाया था। यह चयन प्रक्रिया सुबह दस बजे से शुरू होकर अपराह्न चार बजे तक चलनी थी। मगर दिन भर यहां सन्नाटा पसरा रहा। महज एक खिलाड़ी ही यहां ट्रायल को पहुंची लेकिन उसने भी 60 मिनट में प्रतियोगिता पूरी करने की बात कही। इस वजह से उसका भी चयन नहीं हो सका। क्रीड़ा प्रभारी डॉ. अनुराग मोहन ने बताया कि ट्रायल के लिए सारी तैयारियां कर ली गईं थीं लेकिन बेहतर खिलाड़ी न पहुंचने से किसी का चयन नहीं हो सका।
खेल के नाम पर ठिकाने लग रहा बजट
बरेली कॉलेज में छात्रों से हर साल क्रीड़ा शुल्क के नाम पर मोटी राशि वसूली जाती है। हाल ही बरेली कॉलेज में क्रीड़ा समिति की बैठक हुई थी, जिसमें तय हुआ कि इस बार खेल संबंधी गतिविधियों पर 15 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि से खिलाड़ियों को ट्रैक सूट, ब्लेजर, मैदान की हालत में सुधार और खेल सामग्री खरीदने की बात तय हुई। इसके अलावा सात लाख रुपये विश्वविद्यालय को दिए गए।
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17 सितंबर को एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की अंतर महाविद्यालयी क्रास कंट्री (पुरुष/महिला) प्रतियोगिता होनी है। इसमें प्रतिभाग के लिए बरेली कॉलेज ने प्रतिभागियों को शुक्रवार को बरेली कॉलेज में ट्रायल के लिए बुलाया था। यह चयन प्रक्रिया सुबह दस बजे से शुरू होकर अपराह्न चार बजे तक चलनी थी। मगर दिन भर यहां सन्नाटा पसरा रहा। महज एक खिलाड़ी ही यहां ट्रायल को पहुंची लेकिन उसने भी 60 मिनट में प्रतियोगिता पूरी करने की बात कही। इस वजह से उसका भी चयन नहीं हो सका। क्रीड़ा प्रभारी डॉ. अनुराग मोहन ने बताया कि ट्रायल के लिए सारी तैयारियां कर ली गईं थीं लेकिन बेहतर खिलाड़ी न पहुंचने से किसी का चयन नहीं हो सका।
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खेल के नाम पर ठिकाने लग रहा बजट
बरेली कॉलेज में छात्रों से हर साल क्रीड़ा शुल्क के नाम पर मोटी राशि वसूली जाती है। हाल ही बरेली कॉलेज में क्रीड़ा समिति की बैठक हुई थी, जिसमें तय हुआ कि इस बार खेल संबंधी गतिविधियों पर 15 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि से खिलाड़ियों को ट्रैक सूट, ब्लेजर, मैदान की हालत में सुधार और खेल सामग्री खरीदने की बात तय हुई। इसके अलावा सात लाख रुपये विश्वविद्यालय को दिए गए।
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