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Bareilly News: मसालों में लगा महंगाई का तड़का
Tue, 22 Sep 2026 01:58 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 22 Sep 2026 01:58 AM IST
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बरेली। सब्जियों, चीनी और प्याज के बाद अब रसोई में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख मसालों के दामों में तेजी ने महिलाओं की चिंता बढ़ा दी है। दो माह में हल्दी, लाल मिर्च, धनिया, जीरा, काली मिर्च, गरम मसाला, लौंग, जायफल, दालचीनी और छोटी इलायची समेत कई मसालों की कीमतों में तेजी आई है। इससे रसोई का बजट बिगड़ गया है। कम आय वाले परिवारों को मसालों के उपयोग में कटौती करनी पड़ रही है।
श्यामगंज मंडी के थोक विक्रेता विवेक कुमार ने बताया कि मांग के मुकाबले उत्पादन में कमी, कई क्षेत्रों में बोआई कम होने, बेमौसम बारिश जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण मसालों के दाम बढ़ रहे हैं। थोक बाजार से ही मसाले महंगे मिलने के कारण छोटे व्यापारियों को भी अधिक दामों पर बिक्री करनी पड़ रही है। इससे मसालेदार व्यंजन पसंद करने वाले लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
धनिया की आवक घटने और मांग बढ़ने से इसके भाव में तेजी आई है, जबकि बेमौसम बारिश के चलते हल्दी और लाल मिर्च की पैदावार भी प्रभावित हुई है। इसके अलावा, बेहतर गुणवत्ता वाली छोटी इलायची के दाम में सबसे अधिक उछाल आया है। व्यापारी गुलशन गुप्ता बताते हैं कि अच्छी गुणवत्ता वाली काली मिर्च मुख्य रूप से वियतनाम से आती है और कई बार इसकी आवक में कमी आने से भी कीमतें बढ़ जाती हैं।
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उधर, पहले से ही तेल, दाल और सब्जियों के महंगे होने के कारण आम जनता पर महंगाई की दोहरी मार पड़ रही है। त्योहारी सीजन के नजदीक आने के साथ ही मांग में और अधिक उछाल आने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में भी मसालों की कीमतों में तेजी का सिलसिला बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
गृहिणी श्वेता ने बताया कि मसालों, सब्जियों, किराना के सामानों के लगातार बढ़ते दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। इससे हर महीने अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। रश्मि ने बताया कि सरकार को बढ़ती हुई महंगाई को नियंत्रित करना चाहिए। मध्यम वर्गीय परिवारों को बहुत समस्या हो रही है।
मसाले कीमत जुलाई में सितंबर में
गरम मसाला 1000 1200
काली मिर्च 850 1000
लाल मिर्च 200 280
हल्दी 180 230
छोटी इलायची 2600 4100
जावित्री 2400 2650
लौंग 850 1050
बड़ी इलायची 1980 2100
नोट : सभी दाम श्यामगंज मंडी के अनुसार रुपये प्रति किलो में हैं।
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श्यामगंज मंडी के थोक विक्रेता विवेक कुमार ने बताया कि मांग के मुकाबले उत्पादन में कमी, कई क्षेत्रों में बोआई कम होने, बेमौसम बारिश जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण मसालों के दाम बढ़ रहे हैं। थोक बाजार से ही मसाले महंगे मिलने के कारण छोटे व्यापारियों को भी अधिक दामों पर बिक्री करनी पड़ रही है। इससे मसालेदार व्यंजन पसंद करने वाले लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
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धनिया की आवक घटने और मांग बढ़ने से इसके भाव में तेजी आई है, जबकि बेमौसम बारिश के चलते हल्दी और लाल मिर्च की पैदावार भी प्रभावित हुई है। इसके अलावा, बेहतर गुणवत्ता वाली छोटी इलायची के दाम में सबसे अधिक उछाल आया है। व्यापारी गुलशन गुप्ता बताते हैं कि अच्छी गुणवत्ता वाली काली मिर्च मुख्य रूप से वियतनाम से आती है और कई बार इसकी आवक में कमी आने से भी कीमतें बढ़ जाती हैं।
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उधर, पहले से ही तेल, दाल और सब्जियों के महंगे होने के कारण आम जनता पर महंगाई की दोहरी मार पड़ रही है। त्योहारी सीजन के नजदीक आने के साथ ही मांग में और अधिक उछाल आने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में भी मसालों की कीमतों में तेजी का सिलसिला बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
गृहिणी श्वेता ने बताया कि मसालों, सब्जियों, किराना के सामानों के लगातार बढ़ते दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। इससे हर महीने अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। रश्मि ने बताया कि सरकार को बढ़ती हुई महंगाई को नियंत्रित करना चाहिए। मध्यम वर्गीय परिवारों को बहुत समस्या हो रही है।
मसाले कीमत जुलाई में सितंबर में
गरम मसाला 1000 1200
काली मिर्च 850 1000
लाल मिर्च 200 280
हल्दी 180 230
छोटी इलायची 2600 4100
जावित्री 2400 2650
लौंग 850 1050
बड़ी इलायची 1980 2100
नोट : सभी दाम श्यामगंज मंडी के अनुसार रुपये प्रति किलो में हैं।