UP: अशोक पर्यटन स्थल पहुंचकर SP सांसद आदित्य यादव ने की प्रार्थना, कहा- इसे जाति या धर्म के नाम पर न बांटा जाए
सपा सांसद आदित्य यादव शनिवार को मझिया में बने सम्राट अशोक पर्यटन स्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने बुद्ध की प्रतिमा के सामने बैठकर प्रार्थना की। साथ ही बौद्ध भिक्षुओं से बातचीत की।
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सपा सांसद आदित्य यादव दल बल के साथ शनिवार को मझिया में बने सम्राट अशोक पर्यटन स्थल पर पहुंचे। यहां रह रहे बौद्ध भिक्षुओं से उन्होंने मुलाकात की। साथ ही बौद्ध भिक्षुओं के साथ प्रार्थना की। करीब आधा घंटे रुके सांसद ने मामले की पूरी जानकारी ली और जाते समय बौद्ध भिक्षुओं को साल व कंबल वितरित किए।
मझिया में बने सम्राट अशोक पर्यटन स्थल को लेकर करीब एक महीने से खींचतान चल रही है। हिंदू संगठनों ने कब्जा करने व शिवलिंग दबाने का आरोप लगाकर बौद्ध भिक्षुओं को सात दिसंबर को इस स्थल से निकाल दिया था। इसके बाद तमाम भिक्षु मालवीय आवास गृह पर धरने पर बैठ गए थे। तमाम संगठन इनके समर्थन में पहुंचे तो 23 दिसंबर को प्रशासन ने इनको अस्थाई तौर पर रहने की अनुमति दे दी थी, तब से बौद्ध भिक्षु वहीं रह रहे हैं।
यहां पहुंचे सपा सांसद आदित्य यादव ने कहा कि भले ही भाजपाई यह कह रहे हों कि सूर्यकुंड को लेकर हम राजनीति कर रहे हैं, लेकिन हमारे प्रतिनिधि मंडल ने जिन मंत्रियों से मिलकर यह समस्या रखी और समाधान हुआ वो भी भाजपा के ही थे। हमें खुशी इस बात की है कि दल के मुद्दों से ऊपर उठकर मंत्रियों ने संज्ञान लिया। इसके बाद मामला तुरंत खत्म हुआ।
सपा सांसद आदित्य यादव शनिवार को करीब एक बजे सूर्यकुंड पर अस्थाई तौर पर रह रहे बौद्ध भिक्षुओं से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल इतना है कि बौद्ध भिक्षु कोई ऐसी बात कहना चाहते हों, जिसे वरिष्ठ अधिकारियों या शासनस्तर तक पहुंचाना है तो कह दें। जब धर्मेंद्र यादव यहां के सांसद थे तो सूर्यकुंड के सौंदर्यीकरण के लिए एक करोड़ रुपये मंजूर कराए थे। भिक्षु यहां दोबारा आ गए हैं और माहौल शांत है।
सपा सांसद ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की बीमारी के चलते हुए निधन पर कहा कि उन्होंने देश की आर्थिक व्यवस्था को सुधारने का अथक प्रयास किया और जो मौजूदा अर्थव्यवस्था है वह उन्हीं की दूरदर्शिता और कार्यप्रणाली की देन है। इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव, पूर्व दर्जामंत्री आबिद रजा, शशांक यादव, मोहर सिंह पाल, केके पाल आदि मौजूद रहे।