{"_id":"6421fd6ebccd70af390da934","slug":"sp-leaders-bluntly-forgery-in-the-formation-of-booth-committees-bareilly-news-c-4-noi1138-109329-2023-03-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: सपा नेताओं की दो टूक, बूथ कमेटियों के गठन में हो रहा फर्जीवाड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: सपा नेताओं की दो टूक, बूथ कमेटियों के गठन में हो रहा फर्जीवाड़ा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। समाजवादी पार्टी कार्यालय पर सोमवार को बरेली और पीलीभीत लोकसभा के प्रभारी वीरपाल सिंह यादव व आंवला प्रभारी अगम मौर्य का स्वागत कार्यक्रम हंगामेदार बैठक में बदल गया। पार्टी के वरिष्ठ नेता दोपहर 12 बजे तक कार्यालय पहुंच गए, मगर निवर्तमान जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप और निवर्तमान महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी एक घंटे देरी से पहुंचे। वरिष्ठ नेताओं ने नाराजगी जताते हुए इन दोनों नेताओं के पहुंचने से पहले ही बैठक शुरू कर दी। तीन घंटे तक चली बैठक में एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे।
स्वागत कार्यक्रम में पहुंचे वीरपाल सिंह यादव ने कहा कि स्वागत बाद की बात है, पहले वह बूथ कमेटी की बैठक लेंगे। दोनों निवर्तमान अध्यक्षों की गैरमौजूदगी में योगेश यादव ने बैठक का संचालन शुरू किया। इसी दौरान थोड़े अंतराल पर दोनों निवर्तमान अध्यक्ष भी पहुंच गए।
पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार ने कहा कि बूथ कमेटियों की स्थिति अच्छी नहीं है। सरकार ऐसे नहीं बन जाती है। मेहनत करनी पड़ती है। संगठन पर काम करने की जरूरत है। पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव ने कहा कि जमीनी स्तर पर काम नहीं हो रहा है। बूथ कमेटी जिनके नाम हैं, उन्हें इसका पता ही नहीं है। लखनऊ कार्यालय में जमा बूथ कमेटी की सूची के आधार पर वहां से रैंडम जांच के लिए फोन किए गए तो इसका खुलासा हुआ। यह स्थिति ठीक नहीं है। पार्टी के कुछ अन्य नेताओं ने भी इस पर सवाल उठाए।
विज्ञापन
निवर्तमान जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने कहा कि मैंने बूथ कमेटी नहीं बनाई है। मुझे पूर्व जिलाध्यक्ष अगम मौर्य की बनाई हुई जो कमेटी मिली, मैंने उसी पर काम शुरू कर दिया था। निवर्तमान महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि कोई बूथ कमेटी फर्जी नहीं। सपा में नेता बस दो बिरादरी के वोटों के दम पर चुनाव लड़ने चले आते हैं, खुद की जेब में कुछ नहीं लाते। शहर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे राजेश अग्रवाल ने कहा कि उन्हें सर्व समाज के 96 हजार से अधिक वोट मिले।
बैठक में पूर्व विधायक विजयपाल सिंह, सुप्रिया ऐरन, कदीर अहमद, मनोहर सिंह पटेल, जफर बेग, प्रमोद यादव, गौरव सक्सेना, भारती चौहान, सुरेश गंगवार व हैदर अली मौजूद रहे।
जिलाध्यक्ष पर फंसा पेच
बैठक में नेताओं में जिलाध्यक्ष के नाम पर भी चर्चा चली। वीरपाल सिंह यादव व अगम मौर्य के लोकसभा क्षेत्र प्रभारी बनने के बाद यह पेच और फंस गया है। चर्चा रही है कि यादवों को बड़े पदों पर सम्मान मिल गया है। अगम मौर्य को भी प्रभारी बना दिया गया तो अब पिछड़ों की किस बिरादरी को जिलाध्यक्ष बनाया जाएगा। कुर्मी बिरादरी के नेताओं को जिलाध्यक्ष पद पर आगे लाने की बातें होती रहीं, इसमें एक पूर्व मंत्री के नाम की चर्चा भी जोरों पर रही।
विज्ञापन
स्वागत कार्यक्रम में पहुंचे वीरपाल सिंह यादव ने कहा कि स्वागत बाद की बात है, पहले वह बूथ कमेटी की बैठक लेंगे। दोनों निवर्तमान अध्यक्षों की गैरमौजूदगी में योगेश यादव ने बैठक का संचालन शुरू किया। इसी दौरान थोड़े अंतराल पर दोनों निवर्तमान अध्यक्ष भी पहुंच गए।
विज्ञापन
पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार ने कहा कि बूथ कमेटियों की स्थिति अच्छी नहीं है। सरकार ऐसे नहीं बन जाती है। मेहनत करनी पड़ती है। संगठन पर काम करने की जरूरत है। पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव ने कहा कि जमीनी स्तर पर काम नहीं हो रहा है। बूथ कमेटी जिनके नाम हैं, उन्हें इसका पता ही नहीं है। लखनऊ कार्यालय में जमा बूथ कमेटी की सूची के आधार पर वहां से रैंडम जांच के लिए फोन किए गए तो इसका खुलासा हुआ। यह स्थिति ठीक नहीं है। पार्टी के कुछ अन्य नेताओं ने भी इस पर सवाल उठाए।
विज्ञापन
निवर्तमान जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने कहा कि मैंने बूथ कमेटी नहीं बनाई है। मुझे पूर्व जिलाध्यक्ष अगम मौर्य की बनाई हुई जो कमेटी मिली, मैंने उसी पर काम शुरू कर दिया था। निवर्तमान महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि कोई बूथ कमेटी फर्जी नहीं। सपा में नेता बस दो बिरादरी के वोटों के दम पर चुनाव लड़ने चले आते हैं, खुद की जेब में कुछ नहीं लाते। शहर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी रहे राजेश अग्रवाल ने कहा कि उन्हें सर्व समाज के 96 हजार से अधिक वोट मिले।
बैठक में पूर्व विधायक विजयपाल सिंह, सुप्रिया ऐरन, कदीर अहमद, मनोहर सिंह पटेल, जफर बेग, प्रमोद यादव, गौरव सक्सेना, भारती चौहान, सुरेश गंगवार व हैदर अली मौजूद रहे।
जिलाध्यक्ष पर फंसा पेच
बैठक में नेताओं में जिलाध्यक्ष के नाम पर भी चर्चा चली। वीरपाल सिंह यादव व अगम मौर्य के लोकसभा क्षेत्र प्रभारी बनने के बाद यह पेच और फंस गया है। चर्चा रही है कि यादवों को बड़े पदों पर सम्मान मिल गया है। अगम मौर्य को भी प्रभारी बना दिया गया तो अब पिछड़ों की किस बिरादरी को जिलाध्यक्ष बनाया जाएगा। कुर्मी बिरादरी के नेताओं को जिलाध्यक्ष पद पर आगे लाने की बातें होती रहीं, इसमें एक पूर्व मंत्री के नाम की चर्चा भी जोरों पर रही।