बरेली में पकड़ा गया सॉल्वर: कई दौर की जांच के बाद भी केंद्र तक पहुंचा, सवा घंटे पेपर देने के बाद खुला राज
बरेली में रामपुर के अभ्यर्थी की जगह पर बिहार का युवक परीक्षा देने पहुंचा था। सॉल्वर के आधार कार्ड पर रामपुर का पता और बोली बिहार की होने की वजह से संदेह गहराया और दोनों पकड़ लिए गए।
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बरेली में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के सुरक्षा घेरे को धता बताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की कर्मचारी चयन परीक्षा देने एक सॉल्वर केंद्र के अंदर पहुंच गया। पद्मावती अकादमी परीक्षा केंद्र में बायोमेट्रिक जांच, एनटीए एप जैसी कई तकनीकी तरीकों से हुई जांच के बाद भी उसे परीक्षा देने की अनुमति दे दी गई।
करीब सवा घंटे पेपर हल करने के बाद एनटीए की एक महिला कर्मचारी ने फोन कर केंद्र में सूचना दी कि उसकी फिंगर प्रिंट का मिलान नहीं हो रहा है। इसके बाद सॉल्वर को पकड़कर पूछताछ की गई तो उसने कबूल कर लिया कि वह रामपुर धनुपरा के छात्र विशांत की जगह परीक्षा देने आया है। सॉल्वर बिहार शेखपुरा का रहने वाला उत्तम कुमार है। परीक्षा के शहर समन्वयक वीके मिश्रा के अनुसार दोनों के खिलाफ इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
UP: बरेली में इलाहाबाद हाईकोर्ट की कर्मचारी चयन परीक्षा में पकड़ा गया सॉल्वर, बिहार का रहने वाला है आरोपी
शहर समन्वयक के अनुसार पद्मावती अकादमी परीक्षा केंद्र पर दूसरी पाली के प्रवेश दोपहर साढ़े बारह बजे से किए गए। परीक्षा तीन बजे से शुरू होनी थी। इस अवधि में प्रवेश के दौरान सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेज जांचे गए। इसके बाद बायोमीट्रिक व फोटो वेरिफिकेशन कराया गया। इसके बाद सभी को अंदर जाने दिया गया।
परीक्षा शुरू होने के करीब सवा घंटे बाद एनटीए की महिला कर्मचारी निकिता ने फोन कर बताया कि विशांत नाम के अभ्यर्थी का फिंगर प्रिंट का मिलान नहीं हो रहा है।
इस पर कक्ष निरीक्षक व पुलिस ने उसे बाहर निकालकर पूछताछ की तो उसने फर्जीवाड़ा कबूल कर लिया। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि परीक्षा केंद्र की प्रधानाचार्य ममता सक्सेना की ओर से दोनों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
इस तरह फंसा आरोपी
रामपुर निवासी अभ्यर्थी ने परीक्षा पास कराने के लिए बिहार के सॉल्वर से डील की थी। सॉल्वर के आधार कार्ड पर रामपुर का पता और बोली बिहार की होने की वजह से संदेह गहराया और दोनों पकड़ लिए गए। यह डील कितने में हुई और इसमें कितने लोगों की भूमिका है, इसकी जांच करने इज्जतनगर पुलिस रामपुर और बिहार भी जाएगी।
पुलिस के मुताबिक आरोपी उत्तम कुमार बिहार के शेखपुरा जिले के गांव फिरंगी बीघा का निवासी है। वहीं, जिस परीक्षार्थी के नाम से वह परीक्षा दे रहा था, वह रामपुर जिले के शकरगाह धनपुरा का निवासी विशांत है। मैचिंग में संदेह होने पर जांच अधिकारियों ने सॉल्वर के दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी। अभ्यर्थी विशांत के आधार कार्ड पर उसका पता रामपुर लिखा हुआ था, लेकिन उसकी जगह परीक्षा देने आए उत्तम की बोली बिहार की थी। इसी वजह से वह शक के दायरे में आ गया और फंसता चला गया। बाद में दोनों के ही खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
आशंका जताई जा रही है कि अभ्यर्थी के साथ सांठगांठ कर सॉल्वर ने दस्तावेजों में हेरफेर की है। आवेदन के समय किन जानकारियों को वेबसाइट पर अपलोड किया गया? किस तरह से सॉल्वर ने जाली दस्तावेज तैयार किए? उसके साथ और कौन-कौन इसमें शामिल हैं? दोनों किसके जरिये मिले? इन बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है। इधर, सॉल्वर के पकड़े जाने पर परीक्षा केंद्र में खलबली मच गई। हालांकि, अधिकारियों ने शेष अभ्यर्थियों की परीक्षा कराई।