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अस्पताल की इमरजेंसी में इतना इंतजार!

Tue, 27 Sep 2016 01:19 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली। Updated Tue, 27 Sep 2016 01:19 AM IST
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 So wait in hospital emergency!
अस्‍पपताल
इमरजेंसी का मतलब तो यही देखा सुना गया है कि तत्काल इलाज मिल जाता है लेकिन अपने जिला अस्पताल की इमरजेंसी की बात कुछ और है। यहां डाक्टर मेडिकल में व्यस्त हैं और वार्ड व्वाय अपनी धुन में तो मरीज को तो इंतजार करना ही पड़ेगा। सोमवार को ऐसे तीन दृश्य आंखों के सामने से गुजरे जो इमरजेंसी की बदहाली बताने के लिए काफी हैं। 
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सीन 1
दोपहर 2:00 बजे 
सक लैन नगर की 62 वर्षीय शकीला को उनकी बेटी रानी और बेटे असलम व फैज ठेले पर लेकर दोपहर साढ़े 12 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। शकीला पीठ में जख्म से कराह रही थीं। इमरजेंसी में डॉ. केके निर्मल मेडिकल कर रहे थे। चतुर्थ श्रेणी कर्मी वहीं खड़े थे। असलम और फैज कर्मचारियों से कहते रहे लेकिन किसी ने नहीं सुना। दो बज गए लेकिन ठेले से कोई शकीला को इमरजेंसी वार्ड में नहीं लाए। स्ट्रेचर ही नहीं था। एक कर्र्मचारी दो बजे स्ट्रेचर लेकर आया तब इसे अंदर लाए। लेकिन डॉक्टर तीन बजे तक देखने नहीं आए। कहा ड्यूटी बदल रही है।  
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सीन 2
दोपहर 2:30 बजे 
नवतिया बदायूं के रहने वाले वीरपाल अपनी सात वर्षीय बेटी गुड़िया को लेकर जिला अस्पताल आए। गुड़िया के दायें पैर में फोड़ा था। बच्ची कराह रही थी, लेकिन किसी को उसे भर्ती करने में फुर्सत नहीं थी। एक बार डॉक्टर देखकर चले गए लेकिन उसके बाद डेढ़ घंटे तक न कोई इलाज बताया न भर्ती किया। इमरजेंसी रूम में ही बच्ची कराहती रही। 
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सीन 3
शाम 4:00 बजे 
कलेक्ट्रेट पर धरना देेते हुए फतेहगंज पश्चिमी के सेव ज्वालपुर की आशा लज्जावती बेहोश हो गई। वैक्सीन वैन से आशाएं लज्जावती को जिला अस्पताल लाई। इमरजेंसी में डॉ. शैलेश रंजन मौजूद थे। आरोप है कि उन्होंने आशा को देखा तक नहीं। आशा से चतुर्थ श्रेणी कर्मियों ने झगड़ा किया। आशाआें ने हंगामा शुरू कर दिया। आशा अध्यक्ष रामश्री गंगवार व सचिव शिववती साहू भी पहुंच गई। मारपीट की नौबत आने से पहले लज्जावती का पति उसे निजी अस्पताल में ले गया। 




वर्जन-- 
इमरजेंसी में चिकित्सक मेडिकल भी कर रहा है और मरीज भी देखता है। तीमारदाराें को गंभीर मरीज होने पर डॉक्टरों को बताना चाहिए। कर्मचारी मरीजों से गलत व्यवहार करते हैं तो इसकी शिकायत करें।
डॉ. वीके धस्माना, अस्पताल प्रवक्ता 
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