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तो क्या अब घाटा उठाकर पेट्रोल-डीजल बेच रहे हैं
बरेली।
Updated Wed, 10 May 2017 01:35 AM IST
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तो क्या अब घाटा उठाकर पेट्रोल-डीजल बेच रहे हैं
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पिछले सप्ताह पेट्रोल पंपों पर शुरू हुई छापामार कार्रवाई के बाद मशीनें डीजल पेट्रोल ज्यादा उगलती मिल रही हैं। पिछले तीन दिनों से पेट्रोल पंपों पर छापे में पाया गया कि ज्यादातर पंपों की मशीनों से 10 से 15 एमएल तक पेट्रोल ज्यादा निकल रहा था। यानी ग्राहक के नजरिए से कहें तो तो ये मशीनें ठीक से भी अच्छी हो गईं। हालांकि मशीन से ज्यादा पेट्रोल निकलना भी मशीन की गड़बड़ी ही मानी जाती है।
माना जा रहा है कि जिले पंप संचालकों ने बाट माप विभाग और कंपनी तकनीकी सहायकों से मिलीभगत कर मशीनों सेट कर दी हैं। इसलिए पिछले चार दिन में लगभग सभी पंपों पर ज्यादा सप्लाई पायी गयी है। इससे तो यही लगता है कि पंप मालिक किसी कार्रवाई से बचने के लिए मशीनों में हेराफेरी कर ज्यादा सप्लाई दे रहे हैं। या फिर मशीन की गड़बड़ी को इस जल्दबाजी में दुरुस्त की गई है कि सही मात्रा आ ही नहीं रही है। चेकिंग दस से बीस एमएल सप्लाई चेकिंग में ज्यादा मिलने से छापा टीम भी चकरायी हुई है जबकि बाट माप विभाग ने चुप्पी साध ली है। चेकिंग दल में शामिल पेट्रोलियम कंपनी अफसर भी मूक दर्शक बने रहते हैं।
यहां यह भी खास तौर से उल्लेखनीय है कि जिले में देवचरा समेत कई जगह तेल का खेल पकड़े जाने पर पेट्रोल और डीजल की घटतौली और मिलावट जांचने के लिए तेल कंपनियों ने अपनी वैन और जांच टीमें भेजी थी और तब भी यही कहा गया कि सब जगह सब ठीक है न मिलावट है न घटतौली।
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चिप के संदेह वाली 13वीं मशीन पकड़ी
मंगलवार शाम नगर मजिस्ट्रेट मनोज और डीएसओ केएल तिवारी आईओसी के पेट्रोल पंप प्रकाश टिंबर पर टीम लेकर पहुंचे। इस पंप पर एक मशीन बंद मिली, दूसरी चेक हुई तो चिप (अतिरिक्त डिवाइस) होने का संदेह पाया गया। अफसरों ने सप्लाई मशीन सील कर दी। इस तरह बरेली में ये 13वीं मशीन है जिसमें पहले चिप लगे होने का संदेह जताया गया है जिनमें से छह सील की जा चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि लखनऊ में मामला पकड़े जाने के बाद एक अभियुक्त ने बताया है कि उसने बरेली में भी चिप बेची है। ये मामले इसकी पुष्टि कर रहे हैं।
मंगलवार की जांच में भारत आयल कंपनी पंप पर कोई गड़बड़ी नहीं मिली। बहेड़ी स्थित चौधरी फिलिंग मशीन में तीस एमएल और बहेड़ी सर्विस पर तीन मशीनों में 30 से 40 एमएल तक घटतौली मिली। दोनों पंपों पर मशीनें सील कर दी गयीं। आंवला तहसील में हमारा पंप विसनपुरी, वीर फिलिंग, राजपूत किसान केंद्र, बल्लिया फिलिंग, रामनगर में प्रयाग किसान केंद्र, शिव बालाजी शिवपुरी, शिव फिलिंग, लक्ष्मण फिलिंग क्यारा, बालाजी स्टेशन लालफाटक आदि पंपों पर दस एमएल तक ज्यादा सप्लाई मिली है। डीएसओ ने बताया कि मशीनों में ज्यादा या कम सप्लाई मिलने पर दोबारा मुद्रांकन होगा। इन पंपों पर गड़बड़ी मिली।
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माना जा रहा है कि जिले पंप संचालकों ने बाट माप विभाग और कंपनी तकनीकी सहायकों से मिलीभगत कर मशीनों सेट कर दी हैं। इसलिए पिछले चार दिन में लगभग सभी पंपों पर ज्यादा सप्लाई पायी गयी है। इससे तो यही लगता है कि पंप मालिक किसी कार्रवाई से बचने के लिए मशीनों में हेराफेरी कर ज्यादा सप्लाई दे रहे हैं। या फिर मशीन की गड़बड़ी को इस जल्दबाजी में दुरुस्त की गई है कि सही मात्रा आ ही नहीं रही है। चेकिंग दस से बीस एमएल सप्लाई चेकिंग में ज्यादा मिलने से छापा टीम भी चकरायी हुई है जबकि बाट माप विभाग ने चुप्पी साध ली है। चेकिंग दल में शामिल पेट्रोलियम कंपनी अफसर भी मूक दर्शक बने रहते हैं।
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यहां यह भी खास तौर से उल्लेखनीय है कि जिले में देवचरा समेत कई जगह तेल का खेल पकड़े जाने पर पेट्रोल और डीजल की घटतौली और मिलावट जांचने के लिए तेल कंपनियों ने अपनी वैन और जांच टीमें भेजी थी और तब भी यही कहा गया कि सब जगह सब ठीक है न मिलावट है न घटतौली।
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चिप के संदेह वाली 13वीं मशीन पकड़ी
मंगलवार शाम नगर मजिस्ट्रेट मनोज और डीएसओ केएल तिवारी आईओसी के पेट्रोल पंप प्रकाश टिंबर पर टीम लेकर पहुंचे। इस पंप पर एक मशीन बंद मिली, दूसरी चेक हुई तो चिप (अतिरिक्त डिवाइस) होने का संदेह पाया गया। अफसरों ने सप्लाई मशीन सील कर दी। इस तरह बरेली में ये 13वीं मशीन है जिसमें पहले चिप लगे होने का संदेह जताया गया है जिनमें से छह सील की जा चुकी हैं। उल्लेखनीय है कि लखनऊ में मामला पकड़े जाने के बाद एक अभियुक्त ने बताया है कि उसने बरेली में भी चिप बेची है। ये मामले इसकी पुष्टि कर रहे हैं।
मंगलवार की जांच में भारत आयल कंपनी पंप पर कोई गड़बड़ी नहीं मिली। बहेड़ी स्थित चौधरी फिलिंग मशीन में तीस एमएल और बहेड़ी सर्विस पर तीन मशीनों में 30 से 40 एमएल तक घटतौली मिली। दोनों पंपों पर मशीनें सील कर दी गयीं। आंवला तहसील में हमारा पंप विसनपुरी, वीर फिलिंग, राजपूत किसान केंद्र, बल्लिया फिलिंग, रामनगर में प्रयाग किसान केंद्र, शिव बालाजी शिवपुरी, शिव फिलिंग, लक्ष्मण फिलिंग क्यारा, बालाजी स्टेशन लालफाटक आदि पंपों पर दस एमएल तक ज्यादा सप्लाई मिली है। डीएसओ ने बताया कि मशीनों में ज्यादा या कम सप्लाई मिलने पर दोबारा मुद्रांकन होगा। इन पंपों पर गड़बड़ी मिली।