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सरकारी सेंटरों पर अब तक 1374 किसानों से 9368 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद
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wheat
- फोटो : अमर उजाला
आवक बढ़ने के साथ ही भंडारण की दिक्कत बढ़ी, कोलकाता ने मंगवाया वारदाना
बरेली। सरकारी सेंटरों पर 15 अप्रैल से अब तक 1374 किसानों से 18 करोड़ रुपये मूल्य का गेहूं खरीदा जा चुका है। प्रशासन का दावा है कि इन सभी किसानों को भुगतान भी कर दिया गया है। सेंटरों पर गेहूं की आवक बढ़ने के साथ ही इसके भंडारण में दिक्कत आ रही है। इसके लिए जिला खाद्य एवं विपणन विभाग ने कोलकाता से बोरों की पांच हजार गांठें मंगवा ली हैं। प्रत्येक गांठ में पांच सौ बोरे हैं। इसके अलावा एक हजार गांठें गुजरात से मंगवाई जा रही हैं।
प्रशासन इस बार 115 क्रय केंद्रों के माध्यम से गेहूं की खरीद कर रहा है। अब तक 9368 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। इसका करीब 18 करोड़ का भुगतान भी किसानों को किया जा चुका है। पिछले साल के मुकाबले अब तक 11 हजार मीट्रिक टन ज्यादा खरीद हो चुकी है। डिप्टी आरएमओ सुनील भारती का कहना है कि पिछले साल खरीद एक अप्रैल से शुरू हुई थी, जबकि इस बार लॉकडाउन की वजह से खरीद 15 दिन विलंब से शुरू हो सकी है। चूंकि सरकारी केंद्रों पर गेहूं की आवक बढ़ रही है, लिहाजा उसके भंडारण के लिए वारदाना की कमी पैदा हो रही है।
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बरेली। सरकारी सेंटरों पर 15 अप्रैल से अब तक 1374 किसानों से 18 करोड़ रुपये मूल्य का गेहूं खरीदा जा चुका है। प्रशासन का दावा है कि इन सभी किसानों को भुगतान भी कर दिया गया है। सेंटरों पर गेहूं की आवक बढ़ने के साथ ही इसके भंडारण में दिक्कत आ रही है। इसके लिए जिला खाद्य एवं विपणन विभाग ने कोलकाता से बोरों की पांच हजार गांठें मंगवा ली हैं। प्रत्येक गांठ में पांच सौ बोरे हैं। इसके अलावा एक हजार गांठें गुजरात से मंगवाई जा रही हैं।
प्रशासन इस बार 115 क्रय केंद्रों के माध्यम से गेहूं की खरीद कर रहा है। अब तक 9368 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। इसका करीब 18 करोड़ का भुगतान भी किसानों को किया जा चुका है। पिछले साल के मुकाबले अब तक 11 हजार मीट्रिक टन ज्यादा खरीद हो चुकी है। डिप्टी आरएमओ सुनील भारती का कहना है कि पिछले साल खरीद एक अप्रैल से शुरू हुई थी, जबकि इस बार लॉकडाउन की वजह से खरीद 15 दिन विलंब से शुरू हो सकी है। चूंकि सरकारी केंद्रों पर गेहूं की आवक बढ़ रही है, लिहाजा उसके भंडारण के लिए वारदाना की कमी पैदा हो रही है।
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