{"_id":"66bff0a074137fbad201cc96","slug":"smart-city-roads-ballast-gravel-and-potholes-bareilly-news-c-4-lko1018-460439-2024-08-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: स्मार्ट सिटी की सड़कें... गिट्टी, बजरी और गड्ढे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: स्मार्ट सिटी की सड़कें... गिट्टी, बजरी और गड्ढे
विज्ञापन
बरेली। करोड़ों रुपये खर्च करके बनाई गईं स्मार्ट सिटी की सड़कों का हाल बदहाल है। सड़क धंसने से कई स्थानों पर गड्ढे हो गए। बजरी उखड़ गई। सड़क पर बिखर गई। पटरी टूट गई। पटरी पर लगाई गईं सीमेंट की ईंटें टूटकर गड्ढों में घुस गईं। बारिश का पानी भरने से आवागमन में खतरा है। इससे गड्ढा मुक्त करने के मुख्यमंत्री के आदेशों की अवहेलना हो रही है। गड्ढा मुक्ति के लिए कमिश्नर और नगर आयुक्त की बैठकें भी बेनतीजा है। इन अधिकारियों के दावे भी धराशायी नजर आ रहे हैं।
कमिश्नर ने कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले कांवड़ मार्गों को गड्ढा मुक्त करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन यह अधिकारी अपने ही आदेशों का पालन नहीं करा सकें। नगर आयुक्त ने स्मार्ट सिटी की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाए रखने के लिए कई बैठको में बार-बार निर्देश दिए, अधिकारियों पर दबाव बनाया, लेकिन उनके निर्देश का असर सिर्फ खानापूरी के तौर पर सामने आया। गांधी उद्यान के बाहर सड़क के गड्ढे छह सात महीने पहले भरे गए थे। काम इतना घटिया हुआ कि सड़क फिर से उखड़ गई।
ये हाल है
गांधी उद्यान से बियाबनी कोठी को जा रही सड़क का एक हिस्सा उखड़़ा पड़ा है। सड़क के बीचों-बीच पुलिया की स्लैब धंस गई है। उद्यान के बगल में स्थित मल्टीलेवल पार्किंग के सामने सड़क पर गड्ढा है। सड़क का कुछ हिस्सा धंस गया है।
विज्ञापन
कमिश्नर कार्यालय की चाहरदीवारी से सटे गुरुद्वारे के सामने स्मार्ट सिटी की सड़क के किनारे जलभराव है। चौकी चौराहे से जब कचहरी की ओर जाएंगे तो कोने पर भी जलभराव है। सड़क धंस गई है और गड्ढा भी हो गया है।
लोक निर्माण विभाग की ओर चौकी चौराहे की मस्जिद के पीछे भी सड़क किनारे जलभराव हो रहा है। सरदार सतनाम सिंह द्वार के सामने वाली सड़क का एक हिस्सा धंसा हुआ है। इसमें जरा सी बारिश में पानी भर जाता है।
बरेली कॉलेज के प्राचार्य आवास के बाहर स्मार्ट सिटी सड़क का फुटपाथ धंस गया है। इससे लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। स्मार्ट सिटी की सड़कों और फुटपाथ के साथ लाइटें आदि लगाने में अब तक 210 करोड़ रुपये से अधिक व्यय हो गए, लेकिन इसका लाभ शहर के लोगों को उम्मीद के मुताबिक नहीं मिल सका। ब्यूरो
--
जल निगम और विद्युत विभाग ने अपने काम के लिए एनओसी ली थी। कहीं उनके काम की वजह से सड़क पर गड्ढे तो नहीं है। अगर इसके अलावा कहीं कोई गड्ढा है या सड़क खराब है तो उसे दिखवाएंगे और ठीक कराएंगे। - निधि गुप्ता वत्स, नगर आयुक्त
लोगों की बात
गड्ढे केवल सर्किट हाउस चौराहे पर ही नहीं हैं। चौकी चौराहे की तरफ हैं। रामपुर गार्डन में भी हैं। -राकेश कपूर
स्मार्ट सिटी होने के बाद भी कोई ऐसी सड़क नहीं है, जिसमें हादसे का खतरा न हो। - राजेश कुमार
कमिश्नर कार्यालय से लगे गुरुद्वारे के बाहर जलभराव है। यह सब अधिकारियों की लापरवाही है। - प्रेम सिंह
विज्ञापन
कमिश्नर ने कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले कांवड़ मार्गों को गड्ढा मुक्त करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन यह अधिकारी अपने ही आदेशों का पालन नहीं करा सकें। नगर आयुक्त ने स्मार्ट सिटी की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाए रखने के लिए कई बैठको में बार-बार निर्देश दिए, अधिकारियों पर दबाव बनाया, लेकिन उनके निर्देश का असर सिर्फ खानापूरी के तौर पर सामने आया। गांधी उद्यान के बाहर सड़क के गड्ढे छह सात महीने पहले भरे गए थे। काम इतना घटिया हुआ कि सड़क फिर से उखड़ गई।
विज्ञापन
ये हाल है
गांधी उद्यान से बियाबनी कोठी को जा रही सड़क का एक हिस्सा उखड़़ा पड़ा है। सड़क के बीचों-बीच पुलिया की स्लैब धंस गई है। उद्यान के बगल में स्थित मल्टीलेवल पार्किंग के सामने सड़क पर गड्ढा है। सड़क का कुछ हिस्सा धंस गया है।
विज्ञापन
कमिश्नर कार्यालय की चाहरदीवारी से सटे गुरुद्वारे के सामने स्मार्ट सिटी की सड़क के किनारे जलभराव है। चौकी चौराहे से जब कचहरी की ओर जाएंगे तो कोने पर भी जलभराव है। सड़क धंस गई है और गड्ढा भी हो गया है।
लोक निर्माण विभाग की ओर चौकी चौराहे की मस्जिद के पीछे भी सड़क किनारे जलभराव हो रहा है। सरदार सतनाम सिंह द्वार के सामने वाली सड़क का एक हिस्सा धंसा हुआ है। इसमें जरा सी बारिश में पानी भर जाता है।
बरेली कॉलेज के प्राचार्य आवास के बाहर स्मार्ट सिटी सड़क का फुटपाथ धंस गया है। इससे लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद भी अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे है। स्मार्ट सिटी की सड़कों और फुटपाथ के साथ लाइटें आदि लगाने में अब तक 210 करोड़ रुपये से अधिक व्यय हो गए, लेकिन इसका लाभ शहर के लोगों को उम्मीद के मुताबिक नहीं मिल सका। ब्यूरो
जल निगम और विद्युत विभाग ने अपने काम के लिए एनओसी ली थी। कहीं उनके काम की वजह से सड़क पर गड्ढे तो नहीं है। अगर इसके अलावा कहीं कोई गड्ढा है या सड़क खराब है तो उसे दिखवाएंगे और ठीक कराएंगे। - निधि गुप्ता वत्स, नगर आयुक्त
लोगों की बात
गड्ढे केवल सर्किट हाउस चौराहे पर ही नहीं हैं। चौकी चौराहे की तरफ हैं। रामपुर गार्डन में भी हैं। -राकेश कपूर
स्मार्ट सिटी होने के बाद भी कोई ऐसी सड़क नहीं है, जिसमें हादसे का खतरा न हो। - राजेश कुमार
कमिश्नर कार्यालय से लगे गुरुद्वारे के बाहर जलभराव है। यह सब अधिकारियों की लापरवाही है। - प्रेम सिंह